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Ballia News: पॉलिसियों की रकम ब्याज समेत देने का आदेश

Thu, 01 Oct 2026 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 11:06 PM IST
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Order for payment of policies along with interest
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलिया ने जीवन बीमा से जुड़े वर्ष 2018 के मामले में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को तीन पॉलिसियों की बीमित धनराशि ब्याज समेत अदा करने का आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष रामचन्द्र, सदस्य दिनेश कुमार गुप्ता और सदस्य सुशीला पांडेय की पीठ ने 28 सितंबर को फैसला सुनाते हुए परिवादिनी सुशीला देवी को कुल 1,62,500 रुपये की बीमित धनराशि देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद खर्च के रूप में पांच-पांच हजार रुपये भी देने होंगे।
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मामला बांसडीह तहसील क्षेत्र की निवासी सुशीला देवी से जुड़ा है। उनके पति दिवंगत शत्रुघ्न प्रसाद यादव एलआईसी में फील्ड वर्कर के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में चार बीमा पॉलिसियां ली थीं।इनकी बीमित धनराशि क्रमश: 50 हजार, 50 हजार, 62,500 और एक लाख रुपये थी। आयोग के आदेश के अनुसार बीमाधारक की 19 मार्च 2017 को मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवादिनी ने एलआईसी के समक्ष बीमा दावा प्रस्तुत किया।
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कंपनी ने एक पॉलिसी की रकम का भुगतान कर दिया लेकिन तीन अन्य पॉलिसियों की धनराशि देने से इन्कार कर दिया। एलआईसी की ओर से तर्क दिया गया कि संबंधित पॉलिसियां पुनर्जीवित कराई गई थीं और बीमाधारक ने अपनी पूर्व बीमारी की जानकारी छिपाई थी।
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वहीं, परिवादिनी की ओर से इस तर्क का विरोध करते हुए कहा गया कि पॉलिसियों के पुनर्जीवन के समय बीमा कंपनी ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की थी। इसके बावजूद बाद में दावा खारिज करना सेवा में कमी के दायरे में आता है। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद पाया कि एलआईसी ने तीन पॉलिसियों की बीमित धनराशि का भुगतान न कर सेवा में कमी की है। इसके बाद आयोग ने 1,62,500 रुपये पर 19 अप्रैल 2018 से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया है।

एलआईसी को निर्धारित धनराशि का भुगतान 45 दिन के भीतर करना होगा। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर पूरी धनराशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा। इसके अतिरिक्त आयोग ने एलआईसी को परिवादिनी को मानसिक क्षतिपूर्ति के पांच हजार रुपये और वाद खर्च के पांच हजार रुपये भी अदा करने का निर्देश दिया है।
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