{"_id":"599871004f1c1b0e658b46a8","slug":"open-gate-opening-process","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल का फाटक खुला, निकला जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल का फाटक खुला, निकला जुलूस
ballia
Updated Sat, 19 Aug 2017 10:40 PM IST
विज्ञापन
जिला कारागार से निकले जुलूस में आगे-आगे चलते सांसद भरत सिंह और अन्य विधायक गण।
- फोटो : ballia
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बलिया।
1942 के अंग्रेजों भारत छोड़ों तथा करो या मरो के आंदोलन के तहत जिले में ह्रुई जनक्रांति की 75वीं वर्षगांठ पर बलिया बलिदान का जुलूस जिला कारागार से निकला और बापू भवन पहुंचा। सुबह नौ बजे जिला कारागार परिसर में विभिन्न दलों, सामाजिक संगठनों के लोग एकत्र हुए। बलिया बलिदान आयोजन समिति एवं शेरे बलिया चित्तू पांडेय स्मारक समिति के संयोजकत्व में जिला प्रशासन के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेनानी राम विचार पांडेय, सेनानी पत्नी राधिका मिश्र, सांसद भरत सिंह, सदर विधायक आनंद स्वरुप शुक्ला, पूर्व नपा अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता की अगुवाई में जुलूस जेल के फाटक से बाहर निकला। इसके बाद राजकुमार बाघ, कुंवर सिंह, राम दहिन ओझा, मुरली मनोहर, डा. भीमराव अम्बेडकर, चित्तू पांडेय, उमाशंकर, शहीद पार्क, चंद्रशेखर आजाद, लाल बहादुर शास्त्री, मंगल पांडेय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए बापू भवन पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया।
सेनानी राम विचार पांडेय ने कहा कि जब पूरा देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था उस समय बलिया के सेनानियो ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ नौ अगस्त को क्रांति की शुुरुआत कर दी। 19 अगस्त को शेरे बलिया चित्तू पांडेय जिलाधिकारी के रुप में कुर्सी पर विराजमान हुए। कहा कि जिस समय अंग्रेजी हुकूमत का पूरे देश पर राज था
उस समय बंगाल का मेदिनीपुर, महाराष्ट का सितारा और उत्तर प्रदेश का बलिया 19 अगस्त 1942 में ही आजादी के सपने को हकीकत में बदल चुके थे। विधायक आनंद स्वरुप शुक्ल ने कहा कि 19 अगस्त के इतिहास को संजोने का काम किया जाएगा। इस मौके पर निर्मल उपाध्याय, अंजनी पांडेय, विनोद शंकर दुबे, शिव प्रताप ओझा, रामजी गुप्ता, रामकृष्ण यादव, संध्या पांडेय, चंद्रशेखर पांडेय, मुखदेव पाठक, विवेकानंद सिंह, संजय कुमार डम्पू, शिवकुमार सिंह कौशिकेय, केके ठाकुर, राजेन्द्र चौधरी, महावीर पाठक, मुन्ना उपाध्याय, रामधनी सिंह, राजनाथ पांडेय, डिम्पल सिंह, अंजनी लाल चौबे, पवन तिवारी, करुणानिधि तिवारी, विमला पाठक, राजकुमार पांडेय, रुपेश चौबे, परमात्मा पांडेय, घनश्याम पांडेय, अखिलेश चौेबेपीयूष चौबे, सागर सिंह राहुल, नितेश यादव, शुभम सिंह, अभिषेक पांडेय, अमित दुबे, आशुतोष ओझा, अजय यादव, कुलवर्धन ओझा, पंकज सिंह, ईओ संतोष कुमार मिश्र आदि थे। संचालन जैनेन्द्र पांडेय मिंटू,आभार विनय पांडेय ने जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया।
1942 के अंग्रेजों भारत छोड़ों तथा करो या मरो के आंदोलन के तहत जिले में ह्रुई जनक्रांति की 75वीं वर्षगांठ पर बलिया बलिदान का जुलूस जिला कारागार से निकला और बापू भवन पहुंचा। सुबह नौ बजे जिला कारागार परिसर में विभिन्न दलों, सामाजिक संगठनों के लोग एकत्र हुए। बलिया बलिदान आयोजन समिति एवं शेरे बलिया चित्तू पांडेय स्मारक समिति के संयोजकत्व में जिला प्रशासन के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेनानी राम विचार पांडेय, सेनानी पत्नी राधिका मिश्र, सांसद भरत सिंह, सदर विधायक आनंद स्वरुप शुक्ला, पूर्व नपा अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता की अगुवाई में जुलूस जेल के फाटक से बाहर निकला। इसके बाद राजकुमार बाघ, कुंवर सिंह, राम दहिन ओझा, मुरली मनोहर, डा. भीमराव अम्बेडकर, चित्तू पांडेय, उमाशंकर, शहीद पार्क, चंद्रशेखर आजाद, लाल बहादुर शास्त्री, मंगल पांडेय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए बापू भवन पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया।
सेनानी राम विचार पांडेय ने कहा कि जब पूरा देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था उस समय बलिया के सेनानियो ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ नौ अगस्त को क्रांति की शुुरुआत कर दी। 19 अगस्त को शेरे बलिया चित्तू पांडेय जिलाधिकारी के रुप में कुर्सी पर विराजमान हुए। कहा कि जिस समय अंग्रेजी हुकूमत का पूरे देश पर राज था
विज्ञापन
उस समय बंगाल का मेदिनीपुर, महाराष्ट का सितारा और उत्तर प्रदेश का बलिया 19 अगस्त 1942 में ही आजादी के सपने को हकीकत में बदल चुके थे। विधायक आनंद स्वरुप शुक्ल ने कहा कि 19 अगस्त के इतिहास को संजोने का काम किया जाएगा। इस मौके पर निर्मल उपाध्याय, अंजनी पांडेय, विनोद शंकर दुबे, शिव प्रताप ओझा, रामजी गुप्ता, रामकृष्ण यादव, संध्या पांडेय, चंद्रशेखर पांडेय, मुखदेव पाठक, विवेकानंद सिंह, संजय कुमार डम्पू, शिवकुमार सिंह कौशिकेय, केके ठाकुर, राजेन्द्र चौधरी, महावीर पाठक, मुन्ना उपाध्याय, रामधनी सिंह, राजनाथ पांडेय, डिम्पल सिंह, अंजनी लाल चौबे, पवन तिवारी, करुणानिधि तिवारी, विमला पाठक, राजकुमार पांडेय, रुपेश चौबे, परमात्मा पांडेय, घनश्याम पांडेय, अखिलेश चौेबेपीयूष चौबे, सागर सिंह राहुल, नितेश यादव, शुभम सिंह, अभिषेक पांडेय, अमित दुबे, आशुतोष ओझा, अजय यादव, कुलवर्धन ओझा, पंकज सिंह, ईओ संतोष कुमार मिश्र आदि थे। संचालन जैनेन्द्र पांडेय मिंटू,आभार विनय पांडेय ने जताया।
विज्ञापन