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विधायक के सुझाव पर डीएम ने खनिज सचिव को लिखा पत्र
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बैरिया। जिलाधिकारी बलिया श्रीहरि प्रताप शाही ने प्रदेश के खनिज सचिव को पत्र भेजकर लाल बालू तथा मोरंग के व्यवसाय के संबंध में विधायक सुरेंद्र सिंह के आग्रह को दृष्टिगत करते हुए दिशा निर्देश मांगा है। साथ ही जनहित में जनप्रतिनिधियों के आग्रह के संदर्भ में निर्णय लेने की बात कही है।
ज्ञात हो कि बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर लाल बालू तथा मोरंग के व्यवसाय करने वाले, भंडारण करने वाले तथा परिवहन करने वाले लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया है।
कहा है कि गंगा और सरयू के बीच बसे द्वाबा में नदियों से लाल बालू नहीं निकलता है। यहां के लोग बिहार के कोईलवर से लाल बालू तथा मोरंग को टैक्स देकर ले आते हैं। यहां के सरकार को भी इस पर रोक लगाने के बजाए रॉयल्टी निर्धारित कर इसे वैध बनाया जाए। इससे प्रदेश सरकार के आय में भी वृद्धि होगी। बालू और मोरंग के व्यवसाय से यहां के सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला है, वही सुविधाजनक तरीके से उचित दर पर मोरंग बालू उपलब्ध हो जाता रहा है। लेकिन प्रशासन द्वारा रोक लगाए जाने के बाद सैकड़ों लोगों के घरों का निर्माण कार्य रुक गया है, सरकारी निर्माण में भी बाधा पहुंच रहा है तथा अनेकों मजदूर और राज मिस्त्री बेरोजगार होकर बैठ गए हैं।
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ज्ञात हो कि बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर लाल बालू तथा मोरंग के व्यवसाय करने वाले, भंडारण करने वाले तथा परिवहन करने वाले लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया है।
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कहा है कि गंगा और सरयू के बीच बसे द्वाबा में नदियों से लाल बालू नहीं निकलता है। यहां के लोग बिहार के कोईलवर से लाल बालू तथा मोरंग को टैक्स देकर ले आते हैं। यहां के सरकार को भी इस पर रोक लगाने के बजाए रॉयल्टी निर्धारित कर इसे वैध बनाया जाए। इससे प्रदेश सरकार के आय में भी वृद्धि होगी। बालू और मोरंग के व्यवसाय से यहां के सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला है, वही सुविधाजनक तरीके से उचित दर पर मोरंग बालू उपलब्ध हो जाता रहा है। लेकिन प्रशासन द्वारा रोक लगाए जाने के बाद सैकड़ों लोगों के घरों का निर्माण कार्य रुक गया है, सरकारी निर्माण में भी बाधा पहुंच रहा है तथा अनेकों मजदूर और राज मिस्त्री बेरोजगार होकर बैठ गए हैं।
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