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Ballia News: डंपिंग वाली जगहों से दोपहर बाद तक उठता है कूड़ा, 45 से 50 टन रोज निकलता है कचरा
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बसंतपुर में बंद पड़ा कूड़ा निस्तारण केंद्र।संवाद
बलिया। शहर की सफाई व्यवस्था सुधारना नगर पालिका व प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। कूड़ा डंपिंग को लेकर प्रतिदिन गड्ढे की तलाश होती है। वहीं, संसाधन का भी अभाव आड़े आ रहा है। ऐसे में शहर का कूड़ा दोपहर बाद तक उठ रहा है।
स्थाई अधिशासी अधिकारी के लंबे समय से तैनाती न होने से भी कई तरह की दिक्कत आ रही है। सिटी मजिस्ट्रेट को प्रभार दिया गया है।
इसके चलते सभासदों की बोर्ड की बैठकों में हुए प्रस्तावों पर भी अमल नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि बसंतपुर कूड़ा निस्तारण केंद्र बंद होने वह डंपिंग स्थल उपलब्ध न होने से इधर-उधर गड्ढों में गिराया जा रहा है, जिससे आम जनता की परेशानी बढ़ती जा रही है।
करोड़ों के कूड़ा निस्तारण केंद्र बसंतपुर में बनने के बाद भी संचालन सात माह से ठप है। इसके चलते दिक्कत और बढ़ती जा रही है।
शहर के अंदर 80 प्रतिशत ही कूड़ा का निस्तारण हो पा रहा है। शहर के अंदर प्रतिदिन 45 से 50 टन कूड़ा निकलता है। कूड़ा डंपिंग स्थल के लिए नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष संत कुमार उर्फ मिठाई लाल ने कई बार प्रशासन को पत्र लिखा, लेकिन अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी।
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इसके चलते सुबह तय होता है कि कूड़ा किसी क्षेत्र के गड्ढों में गिरेगा। ऐसे में 20 प्रतिशत कूड़ा शहर के अंदर ही पड़ा रहता है। कई पॉश इलाकों में तीन से चार दिन तक कूड़ा पड़ा रहता है। कूड़ा निस्तारण के लिए कोई नियम का पालन नहीं होता है।
इन स्थलों पर पड़ा रहता कूड़ा: जीजीआईसी, विकास भवन के पूरब, जापलिनगंज दुर्गा मंदिर, हरपुर मिड्डी, मालगोदाम , गुलाब देवी, पशु अस्पताल के सामने आदि। संसाधन: ट्रैक्टर-3, डंपर-दो, जेसीबी दो में एक खराब, जेसीबी रोबोट एक, मैजिक 19 व कैटल कैचर दो।
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स्थाई अधिशासी अधिकारी के लंबे समय से तैनाती न होने से भी कई तरह की दिक्कत आ रही है। सिटी मजिस्ट्रेट को प्रभार दिया गया है।
इसके चलते सभासदों की बोर्ड की बैठकों में हुए प्रस्तावों पर भी अमल नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि बसंतपुर कूड़ा निस्तारण केंद्र बंद होने वह डंपिंग स्थल उपलब्ध न होने से इधर-उधर गड्ढों में गिराया जा रहा है, जिससे आम जनता की परेशानी बढ़ती जा रही है।
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करोड़ों के कूड़ा निस्तारण केंद्र बसंतपुर में बनने के बाद भी संचालन सात माह से ठप है। इसके चलते दिक्कत और बढ़ती जा रही है।
शहर के अंदर 80 प्रतिशत ही कूड़ा का निस्तारण हो पा रहा है। शहर के अंदर प्रतिदिन 45 से 50 टन कूड़ा निकलता है। कूड़ा डंपिंग स्थल के लिए नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष संत कुमार उर्फ मिठाई लाल ने कई बार प्रशासन को पत्र लिखा, लेकिन अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी।
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इसके चलते सुबह तय होता है कि कूड़ा किसी क्षेत्र के गड्ढों में गिरेगा। ऐसे में 20 प्रतिशत कूड़ा शहर के अंदर ही पड़ा रहता है। कई पॉश इलाकों में तीन से चार दिन तक कूड़ा पड़ा रहता है। कूड़ा निस्तारण के लिए कोई नियम का पालन नहीं होता है।
इन स्थलों पर पड़ा रहता कूड़ा: जीजीआईसी, विकास भवन के पूरब, जापलिनगंज दुर्गा मंदिर, हरपुर मिड्डी, मालगोदाम , गुलाब देवी, पशु अस्पताल के सामने आदि। संसाधन: ट्रैक्टर-3, डंपर-दो, जेसीबी दो में एक खराब, जेसीबी रोबोट एक, मैजिक 19 व कैटल कैचर दो।