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Ballia News: कसेगा शिकंजा, खनिज परिवहन की अब होगी रोबोटिक जांच
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बलिया। बिहार से लाल बालू के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने की अब पूरी तैयारी कर ली गई है। जनपद के बैरिया क्षेत्र में एनएच-31 पर अब खनिज परिवहन की जांच के लिए चेकगेट और मिनी कमांड सेंटर बनाने के लिए शासन की ओर से स्वीकृति दे दी गई है। शासन की ओर से इसके लिए लगभग 42 लाख की परियोजना को स्वीकृति देते हुए पहली किस्त में 37 लाख से ज्यादा की धनराशि जारी कर दी गई है। इसके लगने के बाद खनिज लदे वाहनों को माइनिंग टैग से रोबोटिक जांच होगी। वाहन पर लदे खनिज और उसके टैक्स से संबंधिक सभी जानकारी जिला प्रशासन के साथ ही लखनऊ स्थित कमांड सेंटर तक पहुंच जाएगी।
काफी समय से जनपद में बिहार से अवैध रूप से खनन कर लाए जाने वाले लाल बालू का केंद्र बना हुआ है। ट्रकों के सात ही ट्रैक्टर और नदी के रास्ते नाव से अवैध रूप से लाल बालू जनपद लाया जाता है। यहां से विभिन्न वाहनों से जिले में और बाहर के जनपदों में भेजा जाता है। ओवरलोड लाल बालू लदे वाहनों से सड़कों को जहां नुकसान पहुंचता है वहीं लोगों को जाम और हादसों का संकट भी झेलना पड़ता है। साथ ही विभागीय मिलीभगत से सरकार को राजस्व का चूना भी लगता है।
मीडिया में जब मामला उछला गया है तो संबंधित विभाग की ओर से एक आध दिन के लिए अभियान चला दिया जाता है। इसके बाद से फिर से ये काला धंधा चलने लगता है।
इसे देख पिछले दिनों शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से खनिज लदे वाहनों में माइनिंग टैग लगाना अनिवार्य किया गया था। फिर भी जांच नहीं होने से लालू बालू का अवैध परिवहन बेरोकटोक जारी था। अब शासन की ओर से इस पर अंकुश लगाने के लिए जनपद में एक चेकगेट और मिनी कमांड सेंटर स्थापित करने की योजना को स्वीकृति दे दी है। जिला प्रशासन की फिलहाल इसको बैरिया में एनएच-31 पर लगाने की तैयारी है। इसे लगाने के बाद यहां खनिज लदे वाहनों की माइनिंग टैग से रोबोटिक जांच हो सकेगी। खनिक संबंधित टैक्स की पूरी जानारी कमांड सेंटर को मिल जाएगी। ये चेकगेट लखनऊ स्थिति मुख्य कमांड सेंटर भी जुड़ा रहेगा। पूरी जानकारी वहां भी जाएगी। इससे पहले सोनभद्र के सात ही कई अन्य जनपदों में इसे लगाया जा चुका है। जनपद में इसेे लगने के बाद लाल बालू के अवैध परिवहन पर लगाम लगने की उम्मीद है।
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बढ़ सकती है संख्या
बलिया। चेकगेट और मिनी कमांड सेंटर को फिलहाल बिहार को जोड़ने वाले बार्डर बैरिया में लगाने की तैयारी है। बाद में भरौली में भी इसे लगाया जा सकता है। खान निरीक्षक जितेश कुमार ने बताया कि चेकगेट और मिनी कमांड सेंटर स्थापित करने की स्वीकृति मिली है। इसके लगने के बाद माइनिंग टैग से खनिज परिवहन की रोबोटिक जांच हो पाएगी।
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काफी समय से जनपद में बिहार से अवैध रूप से खनन कर लाए जाने वाले लाल बालू का केंद्र बना हुआ है। ट्रकों के सात ही ट्रैक्टर और नदी के रास्ते नाव से अवैध रूप से लाल बालू जनपद लाया जाता है। यहां से विभिन्न वाहनों से जिले में और बाहर के जनपदों में भेजा जाता है। ओवरलोड लाल बालू लदे वाहनों से सड़कों को जहां नुकसान पहुंचता है वहीं लोगों को जाम और हादसों का संकट भी झेलना पड़ता है। साथ ही विभागीय मिलीभगत से सरकार को राजस्व का चूना भी लगता है।
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मीडिया में जब मामला उछला गया है तो संबंधित विभाग की ओर से एक आध दिन के लिए अभियान चला दिया जाता है। इसके बाद से फिर से ये काला धंधा चलने लगता है।
इसे देख पिछले दिनों शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से खनिज लदे वाहनों में माइनिंग टैग लगाना अनिवार्य किया गया था। फिर भी जांच नहीं होने से लालू बालू का अवैध परिवहन बेरोकटोक जारी था। अब शासन की ओर से इस पर अंकुश लगाने के लिए जनपद में एक चेकगेट और मिनी कमांड सेंटर स्थापित करने की योजना को स्वीकृति दे दी है। जिला प्रशासन की फिलहाल इसको बैरिया में एनएच-31 पर लगाने की तैयारी है। इसे लगाने के बाद यहां खनिज लदे वाहनों की माइनिंग टैग से रोबोटिक जांच हो सकेगी। खनिक संबंधित टैक्स की पूरी जानारी कमांड सेंटर को मिल जाएगी। ये चेकगेट लखनऊ स्थिति मुख्य कमांड सेंटर भी जुड़ा रहेगा। पूरी जानकारी वहां भी जाएगी। इससे पहले सोनभद्र के सात ही कई अन्य जनपदों में इसे लगाया जा चुका है। जनपद में इसेे लगने के बाद लाल बालू के अवैध परिवहन पर लगाम लगने की उम्मीद है।
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बलिया। चेकगेट और मिनी कमांड सेंटर को फिलहाल बिहार को जोड़ने वाले बार्डर बैरिया में लगाने की तैयारी है। बाद में भरौली में भी इसे लगाया जा सकता है। खान निरीक्षक जितेश कुमार ने बताया कि चेकगेट और मिनी कमांड सेंटर स्थापित करने की स्वीकृति मिली है। इसके लगने के बाद माइनिंग टैग से खनिज परिवहन की रोबोटिक जांच हो पाएगी।