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अब गांवों में घर बनाने से पहले पास कराना होगा नक्शा
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बलिया। आप गांव में भी मकान बनाने जा रहे हैं तो अब जिला पंचायत से नक्शा पास कराना अनिवार्य है। नगरपालिका अथवा नगर पंचायत की सीमा में क्षेत्र नहीं है तो नक्शा स्वीकृति के लिए जिला पंचायत में अर्जी देनी होगी। हालांकि कोरोना की वजह से इस पर सख्ती नहीं बरती गई। अब जिला पंचायत की टीम सक्रिय हो गई है। नक्शा स्वीकृत न कराने पर कार्रवाई हो सकती है। कुछ लोगों ने नक्शे के लिए आवेदन भी किए हैं।
जिला पंचायत के अधिकारियों के अनुसार, शासन के निर्देश पर बीते 24 जुलाई के बाद से इस दिशा में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। हालांकि इससे पूर्व व्यवहारिक तौर पर गांव का कोई व्यक्ति मकान बना लिया हो तो उस पर इसे लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन अब कोई भी व्यक्ति आवास या व्यवसाय के नजरिए से मकान बना रहा है तो उसे पहले जिला पंचायत से नक्शा पास कराना होगा। अन्यथा उसके खिलाफ जुर्माना और निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जिले के करीब 940 ग्राम पंचायतें जिला पंचायत के दायरे में है, जहां सरकार और निजी क्षेत्र के द्वारा आवासीय और व्यवसायिक गतिविधियों के लिए भवन निर्माण का कार्य चल रहा है।
व्यावसायिक के लिए लगेगा 100 रुपये शुल्क
सरकार के गजट के मुताबिक व्यावसायिक भवन की श्रेणी में खास तौर पर आवास हेतु भूमि की प्लाटिंग, हास्पिटल का निर्माण, गोदाम, माल, पार्क, उद्यान, फार्म हाउस, दुकान, रेस्टोरेंट का निर्माण, कोचिंग सेंटर निजी स्कूल का निर्माण आदि को शामिल किया गया है। आवासीय और शैक्षणिक पर 25 रुपये जबकि व्यावसायिक भवन के लिए 100 रुपये प्रतिवर्ग मीटर शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, वाउंड्री वाल के लिए एक सौ रुपये प्रतिवर्ग मीटर का शुल्क तय किया गया है। नक्शा पास होने पर भवन स्वामी को रजिस्ट्रेशन आदि कराने की दिशा में फायदा भी होगा। ग्रामीण क्षेत्र में कच्चे मकानों एवं गांव के मूल निवासी के शुद्धतया निजी आवास एवं कृषि कार्य हेतु बनाए जाने वाले 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल एवं दो मंजिल तक ऊंचे आवासीय भवनों पर लागू नहीं होगी लेकिन सुरक्षित डिजाइन और निर्माण की जिम्मेदारी मालिक की होंगी। निर्माण करने से पूर्व जिला पंचायत, बलिया को एक लिखित सूचना देनी होगी।
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गजट के बाद जिला पंचायत को इस आदेश को प्रभावी कराना है। नक्शा पास कराना अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन पर उपभोक्ता पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लग सकता है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर तीन माह के कारावास का दंड भी दिया जा सकता है। - शहबाज खान, कार्याधिकारी, जिला पंचायत, बलिया
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जिला पंचायत के अधिकारियों के अनुसार, शासन के निर्देश पर बीते 24 जुलाई के बाद से इस दिशा में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। हालांकि इससे पूर्व व्यवहारिक तौर पर गांव का कोई व्यक्ति मकान बना लिया हो तो उस पर इसे लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन अब कोई भी व्यक्ति आवास या व्यवसाय के नजरिए से मकान बना रहा है तो उसे पहले जिला पंचायत से नक्शा पास कराना होगा। अन्यथा उसके खिलाफ जुर्माना और निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जिले के करीब 940 ग्राम पंचायतें जिला पंचायत के दायरे में है, जहां सरकार और निजी क्षेत्र के द्वारा आवासीय और व्यवसायिक गतिविधियों के लिए भवन निर्माण का कार्य चल रहा है।
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व्यावसायिक के लिए लगेगा 100 रुपये शुल्क
सरकार के गजट के मुताबिक व्यावसायिक भवन की श्रेणी में खास तौर पर आवास हेतु भूमि की प्लाटिंग, हास्पिटल का निर्माण, गोदाम, माल, पार्क, उद्यान, फार्म हाउस, दुकान, रेस्टोरेंट का निर्माण, कोचिंग सेंटर निजी स्कूल का निर्माण आदि को शामिल किया गया है। आवासीय और शैक्षणिक पर 25 रुपये जबकि व्यावसायिक भवन के लिए 100 रुपये प्रतिवर्ग मीटर शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, वाउंड्री वाल के लिए एक सौ रुपये प्रतिवर्ग मीटर का शुल्क तय किया गया है। नक्शा पास होने पर भवन स्वामी को रजिस्ट्रेशन आदि कराने की दिशा में फायदा भी होगा। ग्रामीण क्षेत्र में कच्चे मकानों एवं गांव के मूल निवासी के शुद्धतया निजी आवास एवं कृषि कार्य हेतु बनाए जाने वाले 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल एवं दो मंजिल तक ऊंचे आवासीय भवनों पर लागू नहीं होगी लेकिन सुरक्षित डिजाइन और निर्माण की जिम्मेदारी मालिक की होंगी। निर्माण करने से पूर्व जिला पंचायत, बलिया को एक लिखित सूचना देनी होगी।
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गजट के बाद जिला पंचायत को इस आदेश को प्रभावी कराना है। नक्शा पास कराना अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन पर उपभोक्ता पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लग सकता है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर तीन माह के कारावास का दंड भी दिया जा सकता है। - शहबाज खान, कार्याधिकारी, जिला पंचायत, बलिया