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अब घरौनी बनाने भी शुरू हुआ खेल, ग्रामीण उलझने लगे विवाद में
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बलिया। आबादी की जमीन के विवाद को खत्म करने के लिए सरकार घरौनी बना रही है। स्वामित्व योजना के तहत बनने वाली यही राजस्वकर्मियों की मनमानी से घरौनी गांवो में फसाद की खतौनी बनती जा रही है। तमाम जगहों पर गलत आंकड़े दर्ज किए जा रह हैं और शिकायतों की जांच भी ठीक से नहीं हो रही है।
सरकार का मानना है कि घरौनी मिलने से गांवों में संपत्ति विवादों में कमी आएगी। ग्रामीणों का भूखंड पर स्वामित्व तय होने के बाद आवास बनाने के लिए बैंक से ऋण आसानी से मिल सकेगा। जिले की सभी तहसीलों में घरौनी बनाने की प्रकिया चल रही है लेकिन जैसे-जैसे काम आगे बढ़ रहा है, नक्शे में बदलाव दिख रहा है। इसके चलते शुरुआत में ही विवाद भी सामने आने लगे हैं। सदर तहसील के ग्राम पंचायत नदौली के आराजी नंबर 115 दशकों से राजस्व अभिलेखों में आबादी व रास्ता दर्ज है। घारौनी बनाने के दौरान राजस्वकर्मियों ने खसरे में इसे आबादी व सहन बता दिया है। इसकी जानकारी होने पर ग्राम प्रधान प्रियंका देवी और पारसनाथ यादव ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की। बताया जा रहा है कि इसी तरह के मामला कई गांवों में सामने आए हैं, जिसके चलते नए तरीके का विवाद पैदा होने लगा है।
घरौनी बनाने का कार्य राजस्व अभिलेखों के अनुसार ही किया जाना है। इसमें छेड़छाड़ व लापरवाही सामने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सदानंद सरोज, तहसीलदार
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सरकार का मानना है कि घरौनी मिलने से गांवों में संपत्ति विवादों में कमी आएगी। ग्रामीणों का भूखंड पर स्वामित्व तय होने के बाद आवास बनाने के लिए बैंक से ऋण आसानी से मिल सकेगा। जिले की सभी तहसीलों में घरौनी बनाने की प्रकिया चल रही है लेकिन जैसे-जैसे काम आगे बढ़ रहा है, नक्शे में बदलाव दिख रहा है। इसके चलते शुरुआत में ही विवाद भी सामने आने लगे हैं। सदर तहसील के ग्राम पंचायत नदौली के आराजी नंबर 115 दशकों से राजस्व अभिलेखों में आबादी व रास्ता दर्ज है। घारौनी बनाने के दौरान राजस्वकर्मियों ने खसरे में इसे आबादी व सहन बता दिया है। इसकी जानकारी होने पर ग्राम प्रधान प्रियंका देवी और पारसनाथ यादव ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की। बताया जा रहा है कि इसी तरह के मामला कई गांवों में सामने आए हैं, जिसके चलते नए तरीके का विवाद पैदा होने लगा है।
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घरौनी बनाने का कार्य राजस्व अभिलेखों के अनुसार ही किया जाना है। इसमें छेड़छाड़ व लापरवाही सामने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सदानंद सरोज, तहसीलदार
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