{"_id":"640f66c284b1e6df9008e371","slug":"now-security-guards-will-also-be-posted-in-government-hospitals-ballia-news-c-20-1-101352-2023-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: अब सरकारी अस्पतालों में भी तैनात होंगे सुरक्षा गार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: अब सरकारी अस्पतालों में भी तैनात होंगे सुरक्षा गार्ड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश मेडिकल कॉलेजों की तरह जिला महिला और जिला अस्पताल समेत पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी गार्डों की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ दलालों पर भी अंकुश लगाने को लेकर यह व्यवस्था बनाई जा रही है। इसके लिए शासन ने 51,24,288 रुपये की धनराशि आवंटित की है। एनएचएम के द्वारा जिला स्तर पर सेवा प्रदाता कंपनियों का चयन किया जाएगा, जो अस्पतालों के लिए सुरक्षा गार्ड मुहैया कराएगी। इसके लिए मिशन निदेशक अर्पणा उपाध्याय ने पत्र लिखकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।
मिशन निदेशक के पत्र के अनुसार जिला महिला अस्पताल में 14 और जिला अस्पताल में 24 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड पर होने वाले खर्चों के लिए शासन ने 24,96,448 रुपए की धनराशि आहरित की है। इसके अलावा जिले के बांसडीह, रसड़ा, सोनबरसा, सिकंदरपुर और सियर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आठ-आठ सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए शासन में 26,27,840 रुपए की धनराशि का बंदोबस्त किया है।
गार्डों की तैनाती से होगा फायदा
गार्डों की तैनाती से अस्पतालों में कई तरह से फायदा होगा। एक तरफ तो मरीजों को दलालों के चंगुल में फंसने से रोका जा सकेगा। दूसरी तरफ सामानों की चोरी पर भी अंकुश लगेगा। सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा कर्मी नहीं होने के कारण मरीजों को काफी दिक्कत होती है। अस्पतालों से शिकायत आती है कि सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।
विज्ञापन
सुरक्षा को लेकर तैयार किया प्लान
सुरक्षा को लेकर ही स्वास्थ्य विभाग ने यह व्यवस्था बनाई है कि मरीजों की सुविधा व सामानों को लेकर गार्डों की तैनाती होनी चाहिए। ऐसे अस्पतालों में गार्डों की तैनाती की जाएगी, जहां मरीजों को भर्ती किया जाता है। ऐसे अस्पतालों से ही शिकायतें स्वास्थ्य विभाग को मिलती हैं। मेडिकल कॉलेज और अन्य बड़े सरकारी संस्थानों में गार्ड की तैनाती के बाद व्यवस्था बदली है और शिकायतों में भी कमी आई है। इसे देखते हुए ही ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे बेहतर परिणाम आ सके।
जिला व सामुदायिक अस्पतालों में गार्डों की तैनाती को लेकर शासन का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके तहत सेवा प्रदाता कंपनियों के चयन की प्रक्रिया गतिमान है। -डॉक्टर आरबी यादव, डीपीएम, एमएचएम, बलिया।
विज्ञापन
मिशन निदेशक के पत्र के अनुसार जिला महिला अस्पताल में 14 और जिला अस्पताल में 24 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड पर होने वाले खर्चों के लिए शासन ने 24,96,448 रुपए की धनराशि आहरित की है। इसके अलावा जिले के बांसडीह, रसड़ा, सोनबरसा, सिकंदरपुर और सियर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आठ-आठ सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए शासन में 26,27,840 रुपए की धनराशि का बंदोबस्त किया है।
विज्ञापन
गार्डों की तैनाती से होगा फायदा
गार्डों की तैनाती से अस्पतालों में कई तरह से फायदा होगा। एक तरफ तो मरीजों को दलालों के चंगुल में फंसने से रोका जा सकेगा। दूसरी तरफ सामानों की चोरी पर भी अंकुश लगेगा। सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा कर्मी नहीं होने के कारण मरीजों को काफी दिक्कत होती है। अस्पतालों से शिकायत आती है कि सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।
विज्ञापन
सुरक्षा को लेकर तैयार किया प्लान
सुरक्षा को लेकर ही स्वास्थ्य विभाग ने यह व्यवस्था बनाई है कि मरीजों की सुविधा व सामानों को लेकर गार्डों की तैनाती होनी चाहिए। ऐसे अस्पतालों में गार्डों की तैनाती की जाएगी, जहां मरीजों को भर्ती किया जाता है। ऐसे अस्पतालों से ही शिकायतें स्वास्थ्य विभाग को मिलती हैं। मेडिकल कॉलेज और अन्य बड़े सरकारी संस्थानों में गार्ड की तैनाती के बाद व्यवस्था बदली है और शिकायतों में भी कमी आई है। इसे देखते हुए ही ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे बेहतर परिणाम आ सके।
जिला व सामुदायिक अस्पतालों में गार्डों की तैनाती को लेकर शासन का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके तहत सेवा प्रदाता कंपनियों के चयन की प्रक्रिया गतिमान है। -डॉक्टर आरबी यादव, डीपीएम, एमएचएम, बलिया।