{"_id":"5a7890aa4f1c1b9f268b8799","slug":"not-yet-found-residential-lease","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब तक नहीं मिला आवासीय पट्टा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब तक नहीं मिला आवासीय पट्टा
ballia
Updated Mon, 05 Feb 2018 10:43 PM IST
विज्ञापन
बीएसटी बंधे पर झुग्गी-झोपड़ी लगा गुजर बसर करते कटान पीड़ित।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील क्षेत्र के घाघरा व गंगा नदी के त्रासदी झेल चुके करीब 291 कटान पीड़ित परिवार आज भी बीएसटी बन्धा, टीएस बन्धा और राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर अस्थायी झोपड़ी डालकर रहने को विवश हैं। तहसील प्रशासन के तरफ से दर्जनों कटान पीड़ितों को बसाने के लिए पट्टा तो दिया गया है, लेकिन यह कटान पीड़ित आज भी आवासीय पट्टा पाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
घाघरा नदी के त्रासदी को झेल चुके मुरलीछपरा ब्लाक अंतर्गत इब्राहिमाबाद नौबरार के करीब 65 कटान पीड़ित परिवार बीएसटी बन्धे पर बसे हैं, वहीं इसी ब्लाक क्षेत्र के भुसौला व जगदीशपुर के दो दर्जन से अधिक कटान पीड़ित प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुर व जलनिगम के डंक बंगला में वर्ष 2013 से ही शरण लिए हुए हैं। उधर, रेवती ब्लाक अंतर्गत मांझा, शिवपुर, दताहां के करीब 50 परिवार टीएस बन्धे पर बसे हुए हैं, वहीं गंगा नदी के कटान से श्रीनगर, शाहपुर, गंगौली, प्रेमनगर, चौबेछपरा, बक्सी प्रसादछपरा गांव से बेघर हुए करीब 152 कटान पीड़ित परिवार राज्य मार्ग-31 पर झुग्गी-झोपड़ियों में अपना आशियाना बनाए। कटान पीड़ित बक्सी प्रसादछपरा निवासी शिवजी सिंह, अशोक, संतोष, घुरविगन, पार्वती देवी आदि का कहना है कि उन्हें आज तक आवासीय पट्टा नहीं मिल सका। जगदीशपुर के कटान पीड़ित राजेश्वर पांडेय, रामबदन पांडेय आदि ने कहा कि आज तक कोई भी जनप्रतिनिधि या शासन-प्रशासन उनकी सुधि लेने नहीं आया।
विज्ञापन
घाघरा नदी के त्रासदी को झेल चुके मुरलीछपरा ब्लाक अंतर्गत इब्राहिमाबाद नौबरार के करीब 65 कटान पीड़ित परिवार बीएसटी बन्धे पर बसे हैं, वहीं इसी ब्लाक क्षेत्र के भुसौला व जगदीशपुर के दो दर्जन से अधिक कटान पीड़ित प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुर व जलनिगम के डंक बंगला में वर्ष 2013 से ही शरण लिए हुए हैं। उधर, रेवती ब्लाक अंतर्गत मांझा, शिवपुर, दताहां के करीब 50 परिवार टीएस बन्धे पर बसे हुए हैं, वहीं गंगा नदी के कटान से श्रीनगर, शाहपुर, गंगौली, प्रेमनगर, चौबेछपरा, बक्सी प्रसादछपरा गांव से बेघर हुए करीब 152 कटान पीड़ित परिवार राज्य मार्ग-31 पर झुग्गी-झोपड़ियों में अपना आशियाना बनाए। कटान पीड़ित बक्सी प्रसादछपरा निवासी शिवजी सिंह, अशोक, संतोष, घुरविगन, पार्वती देवी आदि का कहना है कि उन्हें आज तक आवासीय पट्टा नहीं मिल सका। जगदीशपुर के कटान पीड़ित राजेश्वर पांडेय, रामबदन पांडेय आदि ने कहा कि आज तक कोई भी जनप्रतिनिधि या शासन-प्रशासन उनकी सुधि लेने नहीं आया।
विज्ञापन