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24 घंटे बाद भी नहीं मिले, कोरोना के संदिग्ध मरीज

Thu, 19 Mar 2020 11:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2020 11:03 PM IST
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Not qualified corona patient even after 24 hours
24 घंटे बाद भी नहीं मिला कोरोना का संदिग्ध मरीज
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कहां थे आइसोलेशन वार्ड के बाहर ड्यूटी रूम में तैनात कर्मचारी
दोस्तों संग आइसोलेशन वार्ड से फरार हुआ था संदिग्ध मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
बलिया। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से कोरोना के संदिग्ध मरीज के भाग निकलने के बाद स्वास्थ्य और पुलिस महकमा हलाकान है। उसके साथ निगरानी में रखे गए उसके दो दोस्त भी फरार हैं। 24 घंटे बाद तीनों संदिग्धों के नहीं मिलने से लोगों में भय बना हुआ है कि कहीं ये संदिग्ध मरीजों के जरिये अन्य लोग न प्रभावित हो जाएं।
गड़वार थाना क्षेत्र के एक गांव का व्यक्ति 14 मार्च को मलयेशिया से अपने सात दोस्तों के साथ गांव आया था। बुधवार को उसे कोरोना जैसा लक्षण महसूस हुआ तो वह दो दोस्तों के साथ जिला अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचा। वहां चिकित्सकों ने उससे बातचीत की तो उसके लक्षण कोरोना जैसे लगे। इसके बाद डाक्टरों ने उसे तत्काल इमरजेंसी वार्ड के प्रथम तल पर स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया और जबकि उसके दो दोस्तों को निगरानी में रखा। मरीज का सैंपल शाम को गठित टीम ले जाने वाली थी लेकिन तबतक संदिग्ध मरीज अपने दोस्तों के साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम तीनों का 24 घंटे बाद भी पता नहीं लगा सकी। इस मामले में अस्पताल प्रशासन पुलिस पर आरोप लगा रहा है तो पुलिस अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है। सवाल यह उठता है कि अगर आइसोलेशन वार्ड के बाहर पुलिस तैनात नहीं थी तो आइसोलेशन वार्ड के बाहर स्थित ड्यूटी रूम में तैनात स्टाफ व कर्मचारी कहां थे। इससे स्पष्ट होता है कि जितना दोष पुलिस का है उससे अधिक दोष वहां तैनात स्टाफ व कर्मचारी का भी है। सबसे बड़ी बात यह है कि संदिग्ध मरीज अपने किसी रिश्तेदार या दोस्त के यहां पहुंचा तो वहां भी फैला सकता है। इसको लेकर उसके गांव सहित रिश्तेदार व दोस्त भी सहमे हुए हैं।
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सीएमएस ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
बलिया। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. बीपी सिंह ने जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी व पुलिस अधीक्षक को मामले से अवगत कराया है। सदिग्ध मरीज के आने की सूचना जिला संक्रमण अधिकारी डा. जियाउल हुड्डा को मौखिक सूचना रात में ही दे दी गई थी। इसके अलावा जिला अस्पताल में स्थित पुलिस चौकी पुलिस से बात कर आइसोलेशन वार्ड के बाहर तैनात करने के लिए कोतवाली से दो सिपाही की मांग की गई थी। ताकि संदिग्ध कोरोना वायरस मरीज आइसोलेशन वार्ड से बाहर न जा सकें। करीब तीन बजे पुन:प्रभारी निरीक्षक कोतवाली से मोबाइल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। मरीज का सैंपल करने वाली टीम के इंचार्ज ने बताया कि कोरोना वायरस का संदिग्ध व्यक्ति आइसोलेशन वार्ड से फरार हो गया है। इस मामले में चौकी पुलिस के दीवान ने रुचि नहीं ली जिसके कारण आइसोलेशन वार्ड में घटना घटित हुई है।
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