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पिछले आठ चुनावों में एक भी एमएलए फर्स्ट डिवीजन नहीं
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बलिया। चुनाव के दौरान मत प्रतिशत बढ़ाना भी आयोग के लिए चुनौती भरा रहता है। इसके लिए स्विप के तहत कई गतिविधियां की जाती है, ताकि अधिक से अधिक मतदान कराया जा सके। पिछले आठ विधानसभा चुनावों की बात करें तो जनपद का एक भी विधायक प्रथम श्रेणी में पास होकर विधानसभा में नहीं पहुंचा है। दूसरी और तीसरी श्रेणी में ही विजयश्री हासिल कर नेता प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत तक पहुंच पाए हैं।
लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव मतदान प्रतिशत में अभी तक बलिया पहली श्रेणी में पास नहीं हो सका है। यही हालत विधायकों की भी है। बात 1989 से अब तक हुए आठ विधानसभा चुनावों की करें तो जनपद का कोई भी विधायक अभी तक प्रथम श्रेणी में पास होकर विधानसभा तक नहीं पहुंच सका है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बलिया नगर सीट से भाजपा प्रत्याशी आनंद स्वरूप शुक्ला को 50 फीसदी से ज्यादा मत प्राप्त हुए थे और उन्हें जनपद में सबसे बड़ी जीत हासिल करने में कामयाबी मिली थी। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को लगभग 40 हजार मतों से हराया था। इसके बाद से विधायक बनने वाले सभी प्रत्याशी 50 फीसदी से नीचे वाले ही है। यहां तक की तीसरी श्रेणी में पास होने वाले लोगों ने भी विधानसभा की दूरी तय की है।
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पिछले आठ चुनावों से सबसे ज्यादा मत पाने वाले जनपद के विधायक
वर्ष-विधानसभा-विधायक-मत प्रतिशत
2017-बलिया नगर-आनंद स्वरूप-50.42
2012- रसड़ा-उमाशंकर सिंह-46.82
2007-सीयर-केदारनाथ वर्मा-36.95
2002- रसड़ा-घूरा राम-48.30
1996- द्वाबा-भरत सिंह-43.04
1993- सीयर-शारदा-46.75
1991- बासंडीह-बच्चा पाठक-42.53
1989-बांसडीह-विजयलक्ष्मी-46.95
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लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव मतदान प्रतिशत में अभी तक बलिया पहली श्रेणी में पास नहीं हो सका है। यही हालत विधायकों की भी है। बात 1989 से अब तक हुए आठ विधानसभा चुनावों की करें तो जनपद का कोई भी विधायक अभी तक प्रथम श्रेणी में पास होकर विधानसभा तक नहीं पहुंच सका है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बलिया नगर सीट से भाजपा प्रत्याशी आनंद स्वरूप शुक्ला को 50 फीसदी से ज्यादा मत प्राप्त हुए थे और उन्हें जनपद में सबसे बड़ी जीत हासिल करने में कामयाबी मिली थी। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को लगभग 40 हजार मतों से हराया था। इसके बाद से विधायक बनने वाले सभी प्रत्याशी 50 फीसदी से नीचे वाले ही है। यहां तक की तीसरी श्रेणी में पास होने वाले लोगों ने भी विधानसभा की दूरी तय की है।
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पिछले आठ चुनावों से सबसे ज्यादा मत पाने वाले जनपद के विधायक
वर्ष-विधानसभा-विधायक-मत प्रतिशत
2017-बलिया नगर-आनंद स्वरूप-50.42
2012- रसड़ा-उमाशंकर सिंह-46.82
2007-सीयर-केदारनाथ वर्मा-36.95
2002- रसड़ा-घूरा राम-48.30
1996- द्वाबा-भरत सिंह-43.04
1993- सीयर-शारदा-46.75
1991- बासंडीह-बच्चा पाठक-42.53
1989-बांसडीह-विजयलक्ष्मी-46.95