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देखरेख के अभाव बंद हुए कई स्वयं सहायता समूह
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बैरिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना विभागीय उदासीनता के वजह से फ्लाप होती जा रही है। सरकार गांव-गांव में स्वयं सहायता समूह का गठन कराकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए करोड़ों रुपया पानी की तरह बहा रही है। वहीं, अफसरों के देखरेख के अभाव में पहले से गठित दर्जनों स्वयं सहायता समूह बंद होने के कगार पर हैं। इसको लेकर सीडीओ भी अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं।
बैरिया ब्लाक की 30 ग्राम पंचायतों में शासन-प्रशासन के तरफ से वर्ष 2021-22 में 288 स्वयं सहायता समूहों को गठन के लिए लक्ष्य दिया गया था। विभागीय उदासीनता के वजह से करमानपुर विकास महिला स्वयं सहायता समूह, टेंगरही में शिवम स्वयं सहायता समूह, दयाछपरा में श्रीलक्ष्मीनरायण स्वयं सहायता समूह, दुर्जनपुर में जयश्रीराम स्वयं सहायता समूह, वृंदा स्वयं सहायता समूह, करमानपुर स्थित जय मां दुर्गा व बलिहार में बाबा बैजनाथ स्वयं सहायता समूह सहित कुल सात स्वयं सहायता समूह ही खुले है ।
ब्लाक मिशन प्रवन्धक मिलन ने बताया कि अब तक बैरिया ब्लाक क्षेत्र में कुल 241 स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ है। इसके सापेक्ष 130 स्वयं सहायता समूह अस्तित्व में है, शेष 111 स्वयं सहायता समूहों का (डिफाल्टर)अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है। 37 स्वयं सहायता समूहों को प्रथम ग्रेडिंग कर ब्लाक प्रशासन 15 हजार रिवाल्विंग फंड दिया गया है। महिलाओं को अचार बनाने, अगरबत्ती, सिलाई, कढ़ाई, व्यूटीशियन,पशुपालन आदि की ट्रेनिंग देकर एक प्रतिशत ब्याज पर बैंक ऋण दिलवा कर आत्म निर्भर बनवाने की योजना है। समूह के बैठक और संचालन के लिए 1500 रुपये दरी, बक्सा व स्टेशनरी के लिए दिया जाता है। तीन माह बाद प्रथम ग्रेडिंग पर 15 हजार रुपये रिवाल्विंग फंड व छह माह बाद 1.10 लाख कम्युनिटी इंवेस्टमेंट फंड दिया जाता है। शाखा प्रवन्धक सेंट्रल बैंक शाखा गोपालनगर विक्रांत विशाल ने कहा कि समूहों का लेन-देन नियमानुसार न होने के का
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रण कई समूह डिफाल्टर हो चुके, ऐसे में ग्रेडिंग नहीं हो पाती है। एडीओ एसआईबी कमलेश कुमार ने बताया कि समूहों के गठन के लिए महिलाओं की टीम आने वाली है। आते ही लक्ष्य पूरा करा दिया जाएगा। बीडीओ आशीष ने बताया कि समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है। कई सरकारी योजनाओं का भी उन्हें लाभ मिलता है।लक्ष्य पूरा कराने का निर्देश संबंधितों को दिया गया है।
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बैरिया ब्लाक की 30 ग्राम पंचायतों में शासन-प्रशासन के तरफ से वर्ष 2021-22 में 288 स्वयं सहायता समूहों को गठन के लिए लक्ष्य दिया गया था। विभागीय उदासीनता के वजह से करमानपुर विकास महिला स्वयं सहायता समूह, टेंगरही में शिवम स्वयं सहायता समूह, दयाछपरा में श्रीलक्ष्मीनरायण स्वयं सहायता समूह, दुर्जनपुर में जयश्रीराम स्वयं सहायता समूह, वृंदा स्वयं सहायता समूह, करमानपुर स्थित जय मां दुर्गा व बलिहार में बाबा बैजनाथ स्वयं सहायता समूह सहित कुल सात स्वयं सहायता समूह ही खुले है ।
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ब्लाक मिशन प्रवन्धक मिलन ने बताया कि अब तक बैरिया ब्लाक क्षेत्र में कुल 241 स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ है। इसके सापेक्ष 130 स्वयं सहायता समूह अस्तित्व में है, शेष 111 स्वयं सहायता समूहों का (डिफाल्टर)अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है। 37 स्वयं सहायता समूहों को प्रथम ग्रेडिंग कर ब्लाक प्रशासन 15 हजार रिवाल्विंग फंड दिया गया है। महिलाओं को अचार बनाने, अगरबत्ती, सिलाई, कढ़ाई, व्यूटीशियन,पशुपालन आदि की ट्रेनिंग देकर एक प्रतिशत ब्याज पर बैंक ऋण दिलवा कर आत्म निर्भर बनवाने की योजना है। समूह के बैठक और संचालन के लिए 1500 रुपये दरी, बक्सा व स्टेशनरी के लिए दिया जाता है। तीन माह बाद प्रथम ग्रेडिंग पर 15 हजार रुपये रिवाल्विंग फंड व छह माह बाद 1.10 लाख कम्युनिटी इंवेस्टमेंट फंड दिया जाता है। शाखा प्रवन्धक सेंट्रल बैंक शाखा गोपालनगर विक्रांत विशाल ने कहा कि समूहों का लेन-देन नियमानुसार न होने के का
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रण कई समूह डिफाल्टर हो चुके, ऐसे में ग्रेडिंग नहीं हो पाती है। एडीओ एसआईबी कमलेश कुमार ने बताया कि समूहों के गठन के लिए महिलाओं की टीम आने वाली है। आते ही लक्ष्य पूरा करा दिया जाएगा। बीडीओ आशीष ने बताया कि समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है। कई सरकारी योजनाओं का भी उन्हें लाभ मिलता है।लक्ष्य पूरा कराने का निर्देश संबंधितों को दिया गया है।