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Ballia News: एफडीआर तकनीक से बन रहीं नौ सड़कें कोई दूसरे तो कुछ तीसरे स्टेज पर लटकीं

Wed, 07 Feb 2024 03:37 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 07 Feb 2024 03:37 AM IST
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Nine roads are being built using FDR technologySome hanged on the second stage and some on the third stage.
बलिया। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत जनपद में नौ सड़कों का निर्माण फुल-डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक से किया जा रहा है। तकनीक नहीं होने से इसकी कई स्तर पर जांच का प्रावधान किया गया है, इसके कारण सड़कों के निर्माण में काफी समय लग रहा है। स्थिति ये है कि कई सड़क दूसरे और कोई तीसरे स्टेज पर अब तक लटकी हुई है, जबकि इनके निर्माण को वित्तीय वर्ष 2022-23 में ही स्वीकृति मिली थी। हालांकि विभाग की ओर से मार्च तक एफडीआर स्टेज तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पेंटिंग का कार्य इसके बाद किया जाएगा।
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योजना के तहत जिले में स्वीकृत नौ सड़कों का निर्माण एफडीआर तकनीक से पहली बार शुरू कराया गया है। इनका निर्माण लगभग 48.50 करोड़ की लागत से होना है। किसी सड़क का निर्माण एक वर्ष पहले तो किसी का छह माह पहले शुरू किया गया। 100-100 मीटर टेस्टिंग पैचिंग कराई गई। इसके बाद दोनों सड़क की गिट्टी और मिट्टी को लैब में परीक्षण के लिए भेजा है। पिछले वर्ष अप्रैल और मई में इसकी रिपोर्ट आई। इसके बाद जॉ़ब मिक्स फामूर्ला लखनऊ भेजा गया। अप्रूवल मिलने के बाद वहां के अधिकारियों ने आकर जून में नौ सड़कों का ट्रायल किया। सैंपल को जांच के लिए आईआईटी रुड़की भेजा। रिपोर्ट सितंबर में आई। इसके बाद सीयर-सोनाडीह रोड पर एफडीआर किया गया। ये दिल्ली से भी पास हो गई है। पेंटिंग का कार्य किया जाना है। ठंड के कारण पेंटिंग कार्य नहीं होता है। एक-दो दिन में मौसम सही होने पर कराया जाएगा। मालीपुर-हरपुर वाया विशुनपुरा, रसड़ा-नगरा-निकासी मार्ग का भी एफडीआर पूरा हो गया है। नगरा-निकासी पर चार किमी पेंटिंग भी हो गई है। रामपुर-श्रीपतपुर मार्ग पर पहले स्टेज का कार्य पूरा हो गया है। एफडीआर का कार्य शुरू होने वाला है।
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क्या है एफडीआर तकनीक
एफडीआर तकनीक रिसाइकिलिंग पद्धति है, इसके तहत कच्ची सड़क को उखाड़कर सड़क से निकलने वाली सामग्री को प्लांट पर ले जाते हैं। यहां सड़क के वेस्ट मटेरियल में केमिकल और जरूरी सामग्री के साथ मिलाकर नई सामग्री तैयार कर फिर से सड़क पर लगाया जाता है
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बन रहीं ये सड़कें
मार्ग लागत
--रसड़ा-नगरा निकासी (8.60 किमी)--8.56 करोड़
--रामपुर-गायघाट मार्ग (5.80 किमी)--3.82 करोड़
--संवरा-चितामनपुर मार्ग( 5.10 किमी)--3.39 करोड़
--मालीपुर-हरपुर मार्ग (8.35 किमी)--5.43 करोड़
--रामपुर-श्रीपतपुर मार्ग (5 किमी)--3.30 करोड़
--सीयर-सोनाडीह मार्ग (8.05 किमी)--8.49 करोड़
--पियारिया-जगदीशपुर मार्ग (6.05 किमी)--4.31 करोड़
--कुरेजी-हथौरी मार्ग (6.20 किमी)--5.02 करोड़
--सोनौली-मेउली कंसपुर (7.85 किमी) 6.06 करोड़
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 9 सड़कें एफडीआर तकनीक से बनाई जा रही हैं। चार सड़कों का एफडीआर स्टेज तक कार्य पूरा हो गया है। मार्च कर सभी सड़कों का कार्य एफडीआर स्टेज कर पूरा करने और पेंटिंग का कार्य शुरू करने करे का लक्ष्य रखा गया है। तकनीक नई होने से कई स्टेज पर जांच होती है। इस कारण समय लग रहा है। - अभिषेक मिश्रा, एई
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