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एनएच-727 बी : विवाद में उलझने से 66 गाटों का 2.11 करोड़ का मुआवजा फंसा
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पंदह। राष्ट्रीय राजमार्ग-727बी का निर्माण कार्य भूमि विवाद और मुआवजा बंटवारे से अधर में है। सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के 17 गांवों की 66 गाटों से जुड़ा यह मामला इतना पेचीदा हो गया है कि किसानों का 2.11 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित नहीं हो पा रहा है। लगभग 4.61 हेक्टेयर भूमि में से 2.68 हेक्टेयर पर बंटवारे और स्वामित्व को लेकर विवाद कोर्ट-कचहरी में अटका हुआ है।
सबसे ज्यादा विवाद मलवार ग्राम पंचायत से जुड़ा है। यहां के 10 गाटे आपसी विवाद में उलझे हैं। हरनाटार दयालपुर और एकसार के 8- 8, जमालपुर -2 के 6, कोथ, नवानगर और हुसेनपुर के 5-5, बनहरा के चार रकबों का मामला कोर्ट में लंबित है। वहीं ग्राम पंचायत मालदा के 3, पंदह, सांदवापुर, तिलौली और कटघरा जमीन के 2 - 2 तथा भांटी, भड़ीकरा, रुद्रवार, जगदीपुर रानीपार गांवों के चार रकबों को लेकर आपसी विवाद है।
विवादित गाटों से जुड़े सबसे अधिक 59 मुकदमे उपजिलाधिकारी न्यायालय सिकंदरपुर में विचाराधीन हैं। जबकि छह मामले उच्च न्यायालय और एक तहसीलदार कोर्ट में लंबित है। ये सभी विवाद खागी बंटवारे को लेकर हैं, जिससे जमीन का स्वामित्व प्रमाणित नहीं हो पा रहा है।
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सबसे ज्यादा विवाद मलवार ग्राम पंचायत से जुड़ा है। यहां के 10 गाटे आपसी विवाद में उलझे हैं। हरनाटार दयालपुर और एकसार के 8- 8, जमालपुर -2 के 6, कोथ, नवानगर और हुसेनपुर के 5-5, बनहरा के चार रकबों का मामला कोर्ट में लंबित है। वहीं ग्राम पंचायत मालदा के 3, पंदह, सांदवापुर, तिलौली और कटघरा जमीन के 2 - 2 तथा भांटी, भड़ीकरा, रुद्रवार, जगदीपुर रानीपार गांवों के चार रकबों को लेकर आपसी विवाद है।
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विवादित गाटों से जुड़े सबसे अधिक 59 मुकदमे उपजिलाधिकारी न्यायालय सिकंदरपुर में विचाराधीन हैं। जबकि छह मामले उच्च न्यायालय और एक तहसीलदार कोर्ट में लंबित है। ये सभी विवाद खागी बंटवारे को लेकर हैं, जिससे जमीन का स्वामित्व प्रमाणित नहीं हो पा रहा है।
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