फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   NAvratri

शंकरी भवानी मंदिर पर लगा मेला

Fri, 15 Apr 2016 08:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया Updated Fri, 15 Apr 2016 08:31 PM IST
विज्ञापन
NAvratri
नवरात्र - फोटो : अमर उजाला
नगर पंचायत से तीन किमी पश्चिम रेवती-बलिया मुख्य मार्ग पर पौने आठ सौ वर्ष पुराना पचरूखा देवी का स्थान है। चैत्र के नवमी के दिन देवी के  दरबार में हजारों श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। शुक्रवार के दिन यहां मेले के आयोजन के साथ-साथ कुश्ती एवं गान-वाद्य के भी आयोजन किए गए।
विज्ञापन



नगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं वरिष्ठ कवि स्व. बेचू पांडेय परासर उग्र की संकलित वंशावली के हवाले से यह कहा जा सकता है कि बैशाखसूदी नवमी कुश्य  नक्षत्र 1292 में गर्ग पांडेय के आचार्यत्व तथा विक्रम देव जी की उपस्थिति  में भद्रकाली (पचरूखा देवी की स्थापना हुई थी)।
विज्ञापन


स्थापना के बाद से ही  क्षेत्र में देवी की महिमा की प्रसिद्धि बढ़ती चली गई। देवी की शरण में जो  भी आता, अपनी समस्या रखता और देर-सवेर उसकी समस्या अवश्य पूरी हो जाया  करती। धीरे-धीरे यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बढने लगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


देवी के पूजन के लिए  विशेष रूप से सोम एवं शुक्रवार को श्रद्धालु भारी संख्या में जुटते हैं तथा  श्रद्धा निवेदित करते हैं। कई संत देवी की भक्ति करके सिद्धि को प्राप्त  किया है। ऐसा बताया जाता है। मान्यता है कि 1857 में जब अंग्रेजी सैनिक बाबू कुंवर सिंह का पीछा करते हुए आ रहे थे तो मुड़कटवा युद्ध के पूर्व बाबू कुंवर सिंह तो आगे निकल गए।

लेकिन मौका पाकर उनके सेना के एक नायक  सिद्धा सिंह ने देवी पचरूखा के सामने तलवार रखकर पूजा किया। देवी के नाम पर  पचरूखा ग्रामसभा तथा एक इंटर कालेज स्थापित है। नवमी के दिन भोरबेला से देररात तक प्रचंड गर्मी के बावजूद मंदिर में भक्तों तथा विभिन्न दलों के  नेताओं का तांता लगा रहा। पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था रही।

क्षेत्र के शंकरपुर स्थित शंकरी देवी के मंदिर के पास शुक्रवार को भव्य मेले का आयोजन  किया गया है। जिसमें 2500 रुपये में चिड़ियों का जोड़ा बिका। जबकि कबूतर 400 रुपये जोड़ा, तोता 700 रुपये जोड़ा तथा खरगोश 500 रुपये जोड़े बिके।  इतना ही नहीं अन्य पक्षियों की भी बिक्री हुई। वहीं मेले का प्रसिद्ध श्रीफल 125 रुपये जोड़ा बिका।


क्षेत्र के शंकरपुर स्थित शंकरी देवी मंदिर के समीप  सदियों से पक्षियों और श्रीफल का मेला लगता चला आ रहा है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर के पास भव्य मेले का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न प्रकार पक्षियों की लोगों ने जमकर खरीदारी की।

इस दौरान 2500 रुपये में काका टेल चिड़िया का जोड़ा बिका। बत्तक एक हजार रुपये जोड़े, बजरी 450 रुपये जोड़े, लालमुनि चिड़िया 300  रुपये जोड़ा, लपट एवं जावां दो-दो हजार रुपये जोड़े में बिके। मेले में लोगों के मनोरंजन के लिए चैता का आयोजन किया गया था।


महिलाओं ने मीना बाजार में सौंदर्य प्रसाधन की सामग्री की खरीददारी की। उधर, भरौली गोलंबर पर रामनवमी के दिन से लगने वाले पशु मेले में भी  ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रही।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed