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153 कार्यों के जारी नहीं हो सके मस्टर रोल, 53 हुए निरस्त
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बलिया। चुनावी कार्य में कर्मियों की व्यस्तता का असर मनरेगा कार्यों पर भी पड़ा है। एक माह में 153 कार्यों के लिए न तो मस्टर रोल जारी हो सका और न ही कार्य हो सके। इसके अलावा 50 से अधिक जारी मस्टर रोल भी कार्य नहीं होने के कारण निरस्त हो गया।
चुनाव आचार संहिता की आड़ में मनरेगा के तहत गांव के मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है। इससे परिवार का खर्च चला पाना मुश्किल हो गया है। जबकि वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो चुकी है। बताया जाता है कि अभी 10 मार्च को मतगणना तक कोई नया कार्य प्रारंभ नहीं होगा। दूसरी ओर अब कर्मचारियों की ड्यूटी मतगणना कार्य में लगने लगा है। जिले में मनरेगा के तहत अधिकांश जॉब कार्डधारकों को 100 दिनों का रोजगार भी अभी तक नहीं दिया जा सका है। जबकि मनरेगा के तहत काम कराने के लिए धन की कोई कमी नहीं है। बताया जाता है कि एक माह पूर्व कई ग्राम पंचायतों की ओर से कार्ययोजना तैयार कर मनरेगा के तहत कार्य कराने का प्रस्ताव भेजा। प्रस्ताव के अनुसार अधिकारियों की ओर से मनरेगा पोर्टल पर फीडिंग भी की गई और इसके आधार पर जॉब कार्डधारकों से कार्य कराने के लिए मस्टर रोल भी जारी हुआ। लेकिन आलम यह रहा कि गांव में तैनात रोजगार सेवक से लेकर अन्य कर्मियों की तैनाती चुनावी कार्य में लगे होने के कारण कार्य शुरु ही नहीं हो सके। इसमें कई वह कार्य भी रहे जो पूर्व से संचालित थे लेकिन वह कार्य भी बीच में ही रुक गए। एक माह में पूर्व में संचालित समेत कुल 153 कार्यों के लिए तो मस्टर रोल ही जारी नहीं हो सका क्योंकि संबंधित सचिवों की चुनावी ड्यूटी लग गई थी। इसी तरह 53 कार्यों के लिए मस्टर रोल जारी भी हुआ। लेकिन रोजगार सेवकों की भी ड्यूटी लगे होने के कारण कार्य नहीं हो सके और यह मस्टर रोल निरस्त हो गया।
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चुनाव के दौरान मनरेगा का कार्य भी काफी प्रभावित हुआ है। मतगणना के बाद मनरेगा कार्यों में तेजी की जाएगी और अधिकांश कार्यों को पूरा कराया जाएगा।
- हरिश्चंद्र प्रजापति, उपायुक्त, श्रम एवं रोजगार मनरेगा, बलिया।
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चुनाव आचार संहिता की आड़ में मनरेगा के तहत गांव के मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है। इससे परिवार का खर्च चला पाना मुश्किल हो गया है। जबकि वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो चुकी है। बताया जाता है कि अभी 10 मार्च को मतगणना तक कोई नया कार्य प्रारंभ नहीं होगा। दूसरी ओर अब कर्मचारियों की ड्यूटी मतगणना कार्य में लगने लगा है। जिले में मनरेगा के तहत अधिकांश जॉब कार्डधारकों को 100 दिनों का रोजगार भी अभी तक नहीं दिया जा सका है। जबकि मनरेगा के तहत काम कराने के लिए धन की कोई कमी नहीं है। बताया जाता है कि एक माह पूर्व कई ग्राम पंचायतों की ओर से कार्ययोजना तैयार कर मनरेगा के तहत कार्य कराने का प्रस्ताव भेजा। प्रस्ताव के अनुसार अधिकारियों की ओर से मनरेगा पोर्टल पर फीडिंग भी की गई और इसके आधार पर जॉब कार्डधारकों से कार्य कराने के लिए मस्टर रोल भी जारी हुआ। लेकिन आलम यह रहा कि गांव में तैनात रोजगार सेवक से लेकर अन्य कर्मियों की तैनाती चुनावी कार्य में लगे होने के कारण कार्य शुरु ही नहीं हो सके। इसमें कई वह कार्य भी रहे जो पूर्व से संचालित थे लेकिन वह कार्य भी बीच में ही रुक गए। एक माह में पूर्व में संचालित समेत कुल 153 कार्यों के लिए तो मस्टर रोल ही जारी नहीं हो सका क्योंकि संबंधित सचिवों की चुनावी ड्यूटी लग गई थी। इसी तरह 53 कार्यों के लिए मस्टर रोल जारी भी हुआ। लेकिन रोजगार सेवकों की भी ड्यूटी लगे होने के कारण कार्य नहीं हो सके और यह मस्टर रोल निरस्त हो गया।
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चुनाव के दौरान मनरेगा का कार्य भी काफी प्रभावित हुआ है। मतगणना के बाद मनरेगा कार्यों में तेजी की जाएगी और अधिकांश कार्यों को पूरा कराया जाएगा।
- हरिश्चंद्र प्रजापति, उपायुक्त, श्रम एवं रोजगार मनरेगा, बलिया।