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उत्थान के लिए स्वावलंबी बनना जरूरी
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Sun, 08 Mar 2015 10:12 PM IST
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राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में श्री मुरली मनोहर टाउन डिग्री कालेज के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर गोष्ठी आयोजित की गई है। इसमें वक्ताओं ने नारी के सम्मान तथा उसके अधिकार पर चर्चा की। कहा कि महिलाएं अपने को जागरूक कर ही स्वयं को आत्मनिर्भरता बन सकती हैं।
बतौर मुख्य अतिथि कामिनी श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर गोष्ठी की शुरुआत की। इस दौरान मानवाधिकार प्रकोष्ठ की लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि नारी स्वयं को सशक्त बनाकर समाज में बराबरी का दर्जा प्राप्त कर सकती हैं। कहा कि महिलाओं के खिलाफ जुल्म करने वालों को किसी भी हाल नहीं बख्शा जाए।
उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई से ही महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न में कमी आएगी। टीडी कालेज के प्रवक्ता डा. अखिलेश राय ने कहा कि नारी कहीं से कमजोर नहीं है बस जरूरत इस बात की है कि नारी अपनी शक्ति को पहचाने। हमें अपनी मानसिकता में भी सुधार लाना होगा। नारी को कानून के तहत तमाम शक्तियां मिली हुई हैं।
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ज्ञानपीठ की संचालिका रीना सिंह ने कहा कि पुरुष समाज की भागीदारी से ही महिलाओं का उत्थान संभव है। गुलाब देवी डिग्री कालेज की प्राचार्या डा. विभा मालवीय ने कहा कि हमें किसी को कोसने की जरूरत नहीं है बल्कि हम अपनी मंजिल खुद तलाशें।नाबार्ड के जिला प्रबंधक राजीव बर्नवाल ने कहा कि स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं स्वयं को आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं।
मुख्य अतिथि कामिनी श्रीवास्तव ने एकजुट रहकर कार्य करने की बात कहीं। कार्यक्रम में हर्ष श्रीवास्तव, सुधीर सिंह, धनंजय, ब्रजेश सिंह आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. अशोक कुमार सिंह ने किया।
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बतौर मुख्य अतिथि कामिनी श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर गोष्ठी की शुरुआत की। इस दौरान मानवाधिकार प्रकोष्ठ की लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि नारी स्वयं को सशक्त बनाकर समाज में बराबरी का दर्जा प्राप्त कर सकती हैं। कहा कि महिलाओं के खिलाफ जुल्म करने वालों को किसी भी हाल नहीं बख्शा जाए।
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उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई से ही महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न में कमी आएगी। टीडी कालेज के प्रवक्ता डा. अखिलेश राय ने कहा कि नारी कहीं से कमजोर नहीं है बस जरूरत इस बात की है कि नारी अपनी शक्ति को पहचाने। हमें अपनी मानसिकता में भी सुधार लाना होगा। नारी को कानून के तहत तमाम शक्तियां मिली हुई हैं।
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ज्ञानपीठ की संचालिका रीना सिंह ने कहा कि पुरुष समाज की भागीदारी से ही महिलाओं का उत्थान संभव है। गुलाब देवी डिग्री कालेज की प्राचार्या डा. विभा मालवीय ने कहा कि हमें किसी को कोसने की जरूरत नहीं है बल्कि हम अपनी मंजिल खुद तलाशें।नाबार्ड के जिला प्रबंधक राजीव बर्नवाल ने कहा कि स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं स्वयं को आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं।
मुख्य अतिथि कामिनी श्रीवास्तव ने एकजुट रहकर कार्य करने की बात कहीं। कार्यक्रम में हर्ष श्रीवास्तव, सुधीर सिंह, धनंजय, ब्रजेश सिंह आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. अशोक कुमार सिंह ने किया।