फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   MRF center not built even after three years

तीन वर्ष बाद भी नहीं बना एमआरएफ सेंटर

Thu, 18 Aug 2022 10:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2022 10:45 PM IST
विज्ञापन
MRF center not built even after three years
बसंतपुर स्थित कुडा निस्तारण केंद्र। - फोटो : BALLIA
बलिया। शहर के ठोस कूड़ा के निस्तारण के लिए बसंतपुर में बनने वाला मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (कचरा संग्रहण केंद्र) की योजना धन के अभाव में अधर में लटक गई है। शासन ने वर्ष 2019 में योजना के लिए 33.67 लाख रुपये आवंटित किया था। हालांकि योजना के तहत केंद्र के निर्माण का कार्य कमोबेश 80 फीसद पूरा हो गया है, लेकिन शेष 20 प्रतिशत कार्य धन के अभाव में फंसा हुआ है। केंद्र नहीं बनने के कारण नगर से निकलने वाला कूड़ा वार्ड नंबर 11 के महावीर घाट में गिराया जा रहा है। इससे आसपास के कई मोहल्ले के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। केंद्र बनने से एक ओर जहां लोगों को कचरे से मुक्ति मिलेगी, वहीं सूखे कूड़े की बिक्री से नपा को राजस्व की प्राप्ति भी होगी।
विज्ञापन

शासन ने करीब तीन वर्ष पहले शहरी कचरा निस्तारण के लिए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) बनाने की मंजूरी दी थी। कचरा संग्रहण केंद्र के लिए 33.67 लाख रुपये का बजट भी आहरित कर दिया था। नगर पालिका परिषद को धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई थी। इसके बाद, पालिका प्रशासन ने केंद्र के लिए बसंतपुर स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र में इसे बनवाने की मंजूरी भी दे दी। साथ ही ठेकेदार को 12 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया। अप्रैल 2021 में केंद्र के निर्माण का कार्य भी शुरू हो गया लेकिन तत्कालीन ईओ की मनमानी के चलते योजना अधर में लटक गई है। केंद्र के अभाव में शहर का कूड़ा एक ओर महावीर घाट मार्ग पर गिराया जा रहा है। इससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

कचरे से उठने वाला धुआं बना मुसीबत
हर रोज शहर के 25 वार्डों से निकलने वाला कचरा वार्ड 11 में महावीर घाट स्थित अघोषित कूड़ा घर में फेंका जा रहा है। हद तो तब हो जाती है, जब कचरे के निस्तारण के लिए नपा कर्मचारी उसमें आग लगा देते हैं। इससे निकलने वाला धुआं कुछ दूरी पर स्थित पूरे मोहल्ले में फैलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एमआरएफ के निर्माण होगा यह लाभ
शहर से निकलने वाले कूड़ा का स्थाई निस्तारण होगा।
मशीनों की मदद से गीला व सूखा कूड़ा की छंटाई होगी।
शहर से निकलने वाले गीला कूड़ा से जैविक खाद बनाई जाएगी।
सूखा कूड़ा मसलन पेपर, प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन और बैट्री आदि को कबाड़ी वाले खरीद लेगें, जिससे नपा को राजस्व की आय होगी।
मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (कचरा संग्रहण केंद्र) की योजना से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करते हुए उसे शीघ्र पूरा कराया जाएगा। ताकि कूड़े की समस्या का स्थाई समाधान हो सकें। - सत्य प्रकाश सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, बलिया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed