बलिया। जनपद में पिछले दो दिन से मौसम के बदलाव से कम इम्युनिटी वाले मरीजों की सेहत खराब हो गई है। पिछले दो दिनों से आसमान में बादल के बाद धूप निकली। सुबह शाम ठंड व दिन में गर्मी से सांस रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में 24 घंटे में 148 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे। इसमें 123 मरीजों को भर्ती कर इलाज किया गया। इसमें 40 फीसदी सांस की परेशानी व 15 फीसदी डायरिया के लक्षण वाले मरीज रहे। इमरजेंसी वार्ड शाम तक फुल हो गया। मरीज ज्यादा होने पर चिकित्सकों ने मेडिकल वार्ड में भर्ती किया।
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को खराब मौसम का असर दिखा अन्य दिनों की तुलना में फिजिशियन व बालरोग चिकित्सक की ओपीडी में मरीजों की भीड़ कम रही। 40 प्रतिशत से ज्यादा मरीज सांस, सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार वाले पहुंचे। बारिश होने के कारण तापमान में गिरावट से सुबह शाम ठंड का एहसास हो रहा है। इससे बच्चों में सर्दी, खांसी, निमोनिया एवं कोल्ड डायरिया, कफ जमने से छाती में जकड़न की परेशानी वाले ज्यादा मरीज आ रहे हैं। डाॅ. मनोज कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों के साथ बुजुर्गों की देखभाल जरूरी है। अस्थमा, बीपी व शुगर वाले मरीजों के लिए यह मौसम खतरनाक है, विशेष सावधानी बरतें। ठंड बढ़ने से घुटनों में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द व पुरानी चोट में दर्द वाले मरीज भी पहुंचे। आर्थो सर्जन डाॅ. संतोष चौधरी ने गर्म पानी से जोड़ों की सिकाई करने की सलाह दी। बालरोग विशेषज्ञ डाॅ. विनेश कुमार ने बच्चों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। सफाई रखने व बासी खाने से परहेज करने को कहा। कहा कि थोड़ी सी भी परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श पर दवा लें। थोड़ी सी लापरवाही घातक हो सकती है।