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डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बनाया माइक्रोप्लान
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बलिया। जिले में डेंगू के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हुआ है। सीएमओ के निर्देश पर मच्छरों से बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव के लिए सोमवार मलेरिया विभाग की ओर से माइक्रो प्लान बनाया गया।
माइक्रो प्लान के अनुसार 10 दिसंबर को आवास विकास कॉलोनी, जापलिनगंज, 11 को जगदीशपुर, भृगु आश्रम, 12 को शास्त्री नगर, कदमतर व कृष्णा नगर, 13 को स्टेशन रोड, विजय सिनेमा रोड, हॉस्पिटल गेट, 16 को चौक, आर्य समाज रोड व जिला हास्पिटल, 17 को बालेश्वर मंदिर, राजपूत नेवरी, आनंद नगर, 18 को गुदरी बाजार, ओकडेनगंज, टैगोर नगर, 19 को जलालपुर, उमरगंज बहेरी और 20 दिसंबर को चंद्रशेखरनगर, अमृतपाली, अगरसंडा में छिड़काव किया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके मिश्र ने बताया कि जिला मलेरिया विभाग की टीम एवं फील्ड वर्कर छिड़काव कार्य को संपादित करेंगे। नगर पालिका परिषद को डेंगू की लाइन लिस्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी के तरफ से भेजी जा चुकी है ताकि छिड़काव और फागिंग हो सके। जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. जियाउल हुदा ने बताया कि डेंगू का पता लगाने के लिए एलाइजा जांच बेहद जरूरी है। एलाइजा जांच सदर अस्पताल बलिया के सेंटिनल लैब में नि:शुल्क उपलब्ध है। डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने के पाँच से छह दिन बाद डेंगू के लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं। डेंगू के सबसे प्रमुख लक्षणों में से एक ‘हड्डियों का दर्द’ है। इस कारण से डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार के नाम से भी जाना जाता है। डेंगू, खासतौर पर बारिश के मौसम के दौरान और बाद में होता है, क्योंकि इसी मौसम में एडीज मच्छरों को पनपने के लिए भरपूर पानी मिलता है। इस समय डेंगू तेजी से फैल रहा है, लेकिन उससे डरने की जरूरत नहीं है। डेंगू के लक्षणों में त्वचा पर चकत्ते, तेज सिर दर्द, पीठ दर्द, आंखों में दर्द, तेज बुखार, मसूड़ों से खून बहना, नाक से खून बहना, जोड़ों में दर्द, उल्टी, दस्त है। वर्ष 2019 में अभी तक डेंगू से संभावित 600 रोगियों की नमूनों की जांच जिला सेंटिनल लैब में की गई। जिसमें से 115 रोगी डेंगू के पाजिटिव पाए गए, अभी तक डेंगू से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।
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लोगों को किया जाएगा जागरूक
सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जनपद स्तरीय एवं ब्लाक स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम की ओर से निरोधात्मक कार्यवाही के साथ जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। स्वास्थ्य शिक्षा, सोर्स रिडक्शन , ज्वर पीड़ित म रीजों के रक्त नमूनों की जांच, क्लोरीन की गोली का वितरण, ब्लीचिंग पाउडर, नालियों में लार्वी साइडल का छिड़काव किया जाएगा। जनपद में किसी भी प्रकार का कोई ज्वर पीड़ित मरीज संज्ञान में आता है तो तत्काल सीएमओ आफिस वेक्टर बार्न को सूचित करें।
बताया कि दिन के समय मच्छरों को दूर रखने वाली क्रीम लगाएं। पूरे शरीर को ढंक कर रखने वाले कपड़े पहनें। घर के अंदर और आस-पास सफाई रखें। कूलर, गमले और टायर आदि में पानी न भरें और इन जगहों पर कैरोसिन या मच्छर भगाने का पाउडर छिड़ककर रखें। पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंक कर रखें। खिड़की और दरवाजों में जाली लगवाएं।
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माइक्रो प्लान के अनुसार 10 दिसंबर को आवास विकास कॉलोनी, जापलिनगंज, 11 को जगदीशपुर, भृगु आश्रम, 12 को शास्त्री नगर, कदमतर व कृष्णा नगर, 13 को स्टेशन रोड, विजय सिनेमा रोड, हॉस्पिटल गेट, 16 को चौक, आर्य समाज रोड व जिला हास्पिटल, 17 को बालेश्वर मंदिर, राजपूत नेवरी, आनंद नगर, 18 को गुदरी बाजार, ओकडेनगंज, टैगोर नगर, 19 को जलालपुर, उमरगंज बहेरी और 20 दिसंबर को चंद्रशेखरनगर, अमृतपाली, अगरसंडा में छिड़काव किया जाएगा।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके मिश्र ने बताया कि जिला मलेरिया विभाग की टीम एवं फील्ड वर्कर छिड़काव कार्य को संपादित करेंगे। नगर पालिका परिषद को डेंगू की लाइन लिस्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी के तरफ से भेजी जा चुकी है ताकि छिड़काव और फागिंग हो सके। जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. जियाउल हुदा ने बताया कि डेंगू का पता लगाने के लिए एलाइजा जांच बेहद जरूरी है। एलाइजा जांच सदर अस्पताल बलिया के सेंटिनल लैब में नि:शुल्क उपलब्ध है। डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने के पाँच से छह दिन बाद डेंगू के लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं। डेंगू के सबसे प्रमुख लक्षणों में से एक ‘हड्डियों का दर्द’ है। इस कारण से डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार के नाम से भी जाना जाता है। डेंगू, खासतौर पर बारिश के मौसम के दौरान और बाद में होता है, क्योंकि इसी मौसम में एडीज मच्छरों को पनपने के लिए भरपूर पानी मिलता है। इस समय डेंगू तेजी से फैल रहा है, लेकिन उससे डरने की जरूरत नहीं है। डेंगू के लक्षणों में त्वचा पर चकत्ते, तेज सिर दर्द, पीठ दर्द, आंखों में दर्द, तेज बुखार, मसूड़ों से खून बहना, नाक से खून बहना, जोड़ों में दर्द, उल्टी, दस्त है। वर्ष 2019 में अभी तक डेंगू से संभावित 600 रोगियों की नमूनों की जांच जिला सेंटिनल लैब में की गई। जिसमें से 115 रोगी डेंगू के पाजिटिव पाए गए, अभी तक डेंगू से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।
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लोगों को किया जाएगा जागरूक
सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जनपद स्तरीय एवं ब्लाक स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम की ओर से निरोधात्मक कार्यवाही के साथ जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। स्वास्थ्य शिक्षा, सोर्स रिडक्शन , ज्वर पीड़ित म रीजों के रक्त नमूनों की जांच, क्लोरीन की गोली का वितरण, ब्लीचिंग पाउडर, नालियों में लार्वी साइडल का छिड़काव किया जाएगा। जनपद में किसी भी प्रकार का कोई ज्वर पीड़ित मरीज संज्ञान में आता है तो तत्काल सीएमओ आफिस वेक्टर बार्न को सूचित करें।
बताया कि दिन के समय मच्छरों को दूर रखने वाली क्रीम लगाएं। पूरे शरीर को ढंक कर रखने वाले कपड़े पहनें। घर के अंदर और आस-पास सफाई रखें। कूलर, गमले और टायर आदि में पानी न भरें और इन जगहों पर कैरोसिन या मच्छर भगाने का पाउडर छिड़ककर रखें। पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंक कर रखें। खिड़की और दरवाजों में जाली लगवाएं।