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फर्जीवाड़ा करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Tue, 14 Dec 2021 11:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Dec 2021 11:21 PM IST
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Main accused of forgery arrested
बलिया। मंगलवार को गड़वार थाना क्षेत्र के चिलकहर निवासी सत्यप्रकाश सिंह पुत्र रविंद्र सिंह की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी व इम्पोस्टर दो अज्ञात महिलाओं के विरूद्घ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त मनीष वर्मा निवासी जगदीशपुर थाना फेफना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि अन्य की तलाश शुरू कर दिया है।
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बता दे कि सोमवार को गड़वार थाना क्षेत्र के चिलकहर निवासी सत्यप्रकाश सिंह पुत्र रविंद्र सिंह ने कोतवाली में दिए तहरीर में उल्लेख किया है कि गांव से करीब छह किलोमीटर दूर जगदीशपुर निवासी मनीष कुमार वर्मा पुत्र महेश वर्मा परिचित है। 25 नवंबर 2021 को मेरे पास मनीष वर्मा ने जमीन खरीदने की बात की। मेरे गांव की पार्वती पत्नी सुरेंद्र व शांति पत्नी उमाशंकर अपनी भूमि बेचना चाहती हैं मैंने उनसे बात कर लिया है। वह 17लाख रुपए में जमीन दे देंगी। तब मैंने कहा कि दो-चार दिन का समय दीजिए और जमीन बेचने वाले से बात करा दीजिए। अगले दिन मनीष वर्मा जिन औरतों को लेकर आया, उसमें से एक औरत ने अपना नाम पार्वती पत्नी सुरेंद्र और दूसरे ने शांति पत्नी उमाशंकर बताया। मैंने पूछा कि आप लोग पैसा किस तरह से लेंगे तो दोनों औरतों ने कहा कि मनीष को पैसा नगद दे दीजिएगा। जब यह हम लोगों को पैसा दे देंगे तो हम लोग बलिया चलकर जमीन की रजिस्ट्री कर देंगे। तीनों लोगों की बातों में आकर मैंने 27 नवंबर 2021 को 10 लाख एवं 29 नवंबर 2021 को पांच लाख तथा 30 नवंबर 2021 को दो लाख रुपया मनीष वर्मा को दे दिया। अगले दिन एक दिसंबर 2021 को मनीष वर्मा ने अपने मोबाइल से फोन कर बताया कि आज जमीन की रजिस्ट्री होगी। जिसके कानों पर प्रार्थी सब रजिस्ट्रार कार्यालय बलिया पहुंच उपरोक्त भूमि का कबाला दोनों औरतों से अपने हक में कराया। इस विक्रय अभिलेख पर बातौर हाशिया के गवाह मनीष वर्मा (मध्यस्थ) ने अपना फोटो लगाकर बतौर साक्षी हस्ताक्षर बनाया। उसी दिन दोनों औरत में से एक औरत मनीष वर्मा के मध्यस्ता में अपनी 200 एयर भूमि पारस नाथ पुत्र परशुराम को आठ लाख रुपए में विक्रय पत्र पर पंजीकृत कराया और उसमें भी मनीष वर्मा बतौर गवाही किया। विक्रय अभिलेख पत्र पंजीकृत होने के बाद प्रार्थी को पता चला कि मनीष वर्मा ने जिन औरतों को पार्वती पत्नी सुरेंद्र व शांति पत्नी उमाशंकर बताया है वह दोनों इम्पोस्टर हैं। तब मैं प्रार्थी मनीष वर्मा को पकड़कर अपना पैसा मांगा तथा इम्पोस्टरों द्वारा खड़ाकर कराके कराए गए विक्रय अभिलेख के बारे में पूछताछ की तो टालमटोल करने लगा। तब प्रार्थी को विश्वास हो गया कि मनीष वर्मा ने धोखाधड़ी करके प्रार्थी से 17 लाख रुपया लेकर इम्पोस्टर औरतों को खड़ाकरके कूटरचित दस्तावेज तैयार कराया है। हल्का लेखपाल से इंतखाफ प्राप्त करके और फर्जी फोटो का आधार कार्ड लगाकर मनीष ने मेरे साथ विश्वासघात किया है। पीड़ित ने मनीष वर्मा तथा इम्पोस्टर दोनों औरतों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने की गुहार लगाई। जिसके बाद पुलिस ने तीनों के विरुद्ध चार धारा 419, 420, 467, 468, 471, 406 आईपीसी के तहत मुकदमा पंजीकृत कर मुख्य आरोपी मनीष वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वही अन्य की तलाश शुरू कर दी।
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