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राष्ट्रीय स्वाभिमान के सूचक थे राणा प्रताप
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2015 11:53 PM IST
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क्षत्रिय महासभा की ओर से महाराणा प्रताप की जयंती शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित चंद्रशेखर उद्यान में मनाई गई। साथ ही गोष्ठी का आयोजन किया। इस दौरान मुख्य अतिथि सपा जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह और अन्य वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप विरता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सूचक थे।
यशपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसी है, जो वीर योद्धाओं और क्रांतिकारियों के नाम पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का काम की है।
क्षत्रिय महासभा के प्रदेश सचिव राजेश सिंह ने कहा कि भारत भूमि सदैव ही वीरों की भूमि रही है। यहां मंगल पांडेय से लेकर महात्मा गांधी, चित्तू पांडेय, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, लक्ष्मीबाई जैसे अनेकों वीर योद्धा व क्रांतिकारी पैदा हुए हैं। महाराणा प्रताप ने संपूर्ण जीवन युद्ध करके कठिनाइयों का सामना कर जीवन व्यतीत किया। ऐसी वीरता और त्याग एक सच्चा क्षत्रिय ही कर सकता है। संरक्षक चंद्रकेश सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप इतिहास में वीरता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सूचक रहे हैं।
कहा कि मेवाड़ की भूमि को मुगल आधिपत्य से बचाने के लिए महाराणा प्रताप ने महल को छोड़ जंगल में निवास किया और हल्दी घाटी युद्ध में अकबर दांत खट्टे किए। उनके धैर्य और साहस के चलते मुगल की सेना तीन दशकों तक लगातार प्रयास करने के बावजूद उन्हें बंदी नहीं बना सकी। शौर्य, उदारता तथा अच्छे गुणों के कारण जनसमुदाय के प्रिय थे। इस मौके पर अजीत मिश्रा, कर्णेश सिंह, राजेश सिंह, नरेंद्र सिंह, निशांत सिंह, शमशेर सिंह, अशोक सिंह, देवेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह, सर्वजीत सिंह, प्रवीण सिंह चंदन आदि रहे। अध्यक्षता सतीश सिंह तथा संचालन वीरेंद्र सिंह ने किया।
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वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप विरता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सूचक थे।
यशपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसी है, जो वीर योद्धाओं और क्रांतिकारियों के नाम पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का काम की है।
क्षत्रिय महासभा के प्रदेश सचिव राजेश सिंह ने कहा कि भारत भूमि सदैव ही वीरों की भूमि रही है। यहां मंगल पांडेय से लेकर महात्मा गांधी, चित्तू पांडेय, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, लक्ष्मीबाई जैसे अनेकों वीर योद्धा व क्रांतिकारी पैदा हुए हैं। महाराणा प्रताप ने संपूर्ण जीवन युद्ध करके कठिनाइयों का सामना कर जीवन व्यतीत किया। ऐसी वीरता और त्याग एक सच्चा क्षत्रिय ही कर सकता है। संरक्षक चंद्रकेश सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप इतिहास में वीरता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सूचक रहे हैं।
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कहा कि मेवाड़ की भूमि को मुगल आधिपत्य से बचाने के लिए महाराणा प्रताप ने महल को छोड़ जंगल में निवास किया और हल्दी घाटी युद्ध में अकबर दांत खट्टे किए। उनके धैर्य और साहस के चलते मुगल की सेना तीन दशकों तक लगातार प्रयास करने के बावजूद उन्हें बंदी नहीं बना सकी। शौर्य, उदारता तथा अच्छे गुणों के कारण जनसमुदाय के प्रिय थे। इस मौके पर अजीत मिश्रा, कर्णेश सिंह, राजेश सिंह, नरेंद्र सिंह, निशांत सिंह, शमशेर सिंह, अशोक सिंह, देवेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह, सर्वजीत सिंह, प्रवीण सिंह चंदन आदि रहे। अध्यक्षता सतीश सिंह तथा संचालन वीरेंद्र सिंह ने किया।
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