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छह साल से 75 कटान पीड़ित बंधे पर काट रहे जिंदगी

Thu, 10 Sep 2020 10:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2020 10:24 PM IST
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Lives are being tied for six years
जयप्रकाशनगर। विकास खंड मुरली छपरा के इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगावां) के कटान पीड़ित 75 परिवार पिछले पांच सालों से बीएसटी बांध पर गुजर बसर कर रहे हैं। इंतजार में छह साल बीत गए लेकिन उन्हें न तो जमीन मिली और न ही वह अपना आशियाना ही कहीं बना सके। समय-समय पर कटान पीड़ितों ने आवाज भी उठाई लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
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वर्ष 2014 में इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगावां) पंचायत के तीन पुरवे के करीब 350 परिवारों के मकानों को घाघरा नदी ने अपने आगोश में ले लिया था। इसमें 75 कटान पीड़ितों को आज तक बसने के लिए भूमि नहीं मिल सकी। उन्हें तहसील प्रशासन की ओर से करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पट्टा देते हुए इन्हें जमीन का कागजात भी दे दिया था। इसके लिए, कई बार कटान पीड़ितों ने आवाज उठाई और कई राजनीतिक दलों ने भी प्रयास किया लेकिन कटान पीड़ितों की समस्या का समाधान नहीं हो सका। हालात यह है कि सभी 75 परिवार के लोग बीएसटी बांध पर दुश्वारियों की जिंदगी जी रहे हैं। वर्ष 2014 में घाघरा नदी ने इस कदर तबाही मचाई थी कि अठगांवा अब पंचगांवा हो गया है। इसके बाद तहसील प्रशासन ने वर्ष 2017 में पट्टा देने के लिए सूची बनानी शुरू की तो कटान पीड़ितों में से मात्र 81 लोगों को चयनित करते हुए गलत तरीके से 71 अन्य लोगों का नाम शामिल कर कुल 152 लोगों की सूची तैयार की। इसके लिए चांददीयर पंचायत में भूमि भी चिह्नित करते हुए सभी पट्टेदारों को 2017 के सितंबर में ही भूमि का कागजात सौंप दिया। 29 अप्रैल 2018 को तहसील प्रशासन ने 39 पट्टेदारों की भूमि की नापी करते हुए सीमांकन भी किया था लेकिन गलत आवंटन पर विरोध जताते हुए ग्रामीणों ने काम रोकवा दिया। इसके बाद, छह मई 2018 को चांददीयर पुलिस चौकी पर चौपाल लगाकर पुर तहसील प्रशासन और कटान पीड़ितों की उपस्थिति में सूची का सत्यापन हुआ तो मात्र 81 लोग पात्र पाए गए। इसमें 71 अपात्रों में 48 उन लोगों का नाम शामिल था, जो कटान क्षेत्र से बाहर गांव के बाशिंदे थे और 16 लोग तो पक्के मकान वाले थे, जबकि सात लोगों के बारे में तो कोई जानकारी ही नहीं मिली। इस समय बंधे के एक तरफ बाढ़ का पानी तो दूसरी तरफ तरसोत का पानी लगा हुआ है।
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बोले कटान पीड़ित, सरकार कर रही भेदभाव
जयप्रकाशनगर। बंधे पर गुजर बसर करने वाले श्रीनाथ पासवान, पारसनाथ, राजेंद्र पासवान, मुन्ना पासवान, शत्रुघ्न पासवान, सुखारी पासवान, योगेंद्र पासवान, हरेंद्र पासवान, सरल चौधरी, शिवधारी चौधरी, गोपाल पासवान, मुन्ना साह, नन्हकू पासवान, रंजन साह आदि ने बताया कि सरकार भी हमारे साथ भेदभाव कर रही है। यदि भेदभाव नहीं करती तो हमें पट्टे का कागज मिलने के बाद अब तक कब्जा मिल गया होता।
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