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तहसील से भेजी गई 314 अग्निपीड़ितों की सूची, ब्लॉकों ने केवल 21 को माना पीड़ित
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बैरिया। तहसील प्रशासन की ओर से बैरिया, मुरलीछपरा और रेवती ब्लॉक कार्यालय को वर्ष 2019-20 में अगलगी से बेघर हुए 314 पीड़ितों की सूची भेजी है लेकिन ब्लाकों ने सिर्फ 21 को ही पीड़ित माना है।
शासनादेश के मुताबिक दैवीय आपदा से बेघर हुए पीड़ितों को मुख्यमंत्री आवास देने का प्रावधान है लेकिन इसके सापेक्ष बैरिया ब्लाक से 11 और मुरलीछपरा ब्लाक से 10 कुल 21 अग्निपीड़ितों को ही दैवीय आपदा के लिए पात्र माना गया है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि तहसील के रिपोर्ट को ही अगर सही मानें तो इस वर्ष मुरलीछपरा ब्लॉक अंतर्गत गड़ेरिया में 120 परिवार आग से बेघर हुए हैं। वहीं, रेवती ब्लॉक अंतर्गत गोपालनगर में 54, नवकागांव में 25 और बैरिया ब्लॉक अंतर्गत श्रीकांतपुर में 10 सहित अन्य गांवों के कुल 314 परिवार अगलगी से बेघर हुए थे। ऐसे में बैरिया व मुरलीछपरा के सिर्फ 21 अग्नि पीड़ितों को अगर ब्लॉक प्रशासन दैवीय आपदा मान रहा है तो तहसील प्रशासन ने अन्य 293 अग्निपीड़ितों को मुआवजा कैसे दे दिया।
बीडीओ बैरिया अशोक कुमार ने बताया कि तहसील से अग्निपीड़ितों की सूची अगस्त में मिली। इसके अनुसार ग्राम पंचायतों में संबंधित सचिव से सर्वे कराने के बाद पात्र अग्निपीड़ितों को दैवी आपदा के तहत मुख्यमंत्री आवास योजना में शामिल किया है। इन्हें जल्द ही मुख्यमंत्री आवास दिया जाएगा।
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शासनादेश के मुताबिक दैवीय आपदा से बेघर हुए पीड़ितों को मुख्यमंत्री आवास देने का प्रावधान है लेकिन इसके सापेक्ष बैरिया ब्लाक से 11 और मुरलीछपरा ब्लाक से 10 कुल 21 अग्निपीड़ितों को ही दैवीय आपदा के लिए पात्र माना गया है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि तहसील के रिपोर्ट को ही अगर सही मानें तो इस वर्ष मुरलीछपरा ब्लॉक अंतर्गत गड़ेरिया में 120 परिवार आग से बेघर हुए हैं। वहीं, रेवती ब्लॉक अंतर्गत गोपालनगर में 54, नवकागांव में 25 और बैरिया ब्लॉक अंतर्गत श्रीकांतपुर में 10 सहित अन्य गांवों के कुल 314 परिवार अगलगी से बेघर हुए थे। ऐसे में बैरिया व मुरलीछपरा के सिर्फ 21 अग्नि पीड़ितों को अगर ब्लॉक प्रशासन दैवीय आपदा मान रहा है तो तहसील प्रशासन ने अन्य 293 अग्निपीड़ितों को मुआवजा कैसे दे दिया।
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बीडीओ बैरिया अशोक कुमार ने बताया कि तहसील से अग्निपीड़ितों की सूची अगस्त में मिली। इसके अनुसार ग्राम पंचायतों में संबंधित सचिव से सर्वे कराने के बाद पात्र अग्निपीड़ितों को दैवी आपदा के तहत मुख्यमंत्री आवास योजना में शामिल किया है। इन्हें जल्द ही मुख्यमंत्री आवास दिया जाएगा।
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