{"_id":"6a567c7d7d9fde727704c12e","slug":"lawyers-from-six-tehsils-went-on-strike-hearings-for-800-cases-were-adjourned-ballia-news-c-190-1-ana1001-168786-2026-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: छह तहसीलों के अधिवक्ता रहे हड़ताल पर, 800 मुकदमों की सुनवाई टली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: छह तहसीलों के अधिवक्ता रहे हड़ताल पर, 800 मुकदमों की सुनवाई टली
विज्ञापन
बलिया। बैरिया तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष समेत अन्य अधिवक्ताओं पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमा और संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटर को अब तक नहीं हटाने पर मंगलवार को जिले की सदर, बैरिया, बांसडीह, सिकंदरपुर, बेल्थरारोड और रसड़ा तहसीलों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। हड़ताल से सभी न्यायालयों में सन्नाटा पसरा रहा और करीब 800 मुकदमों की सुनवाई स्थगित हो गई। दूर-दराज से पहुंचे वादकारियों को कोर्ट के बाहर लगी सूची में अपना मुकदमा तलाशने के बाद निराश होकर लौटना पड़ा।
जिलाधिकारी के निर्देश पर लंबे समय बाद नियमित रूप से तहसील के अदालतों में लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज हुई थी, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल से न्यायिक कार्य एक बार फिर प्रभावित हो गया। इससे सबसे अधिक परेशानी वादकारियों को उठानी पड़ रही है।
बुधवार को तय होगी आगे की रणनीति: बैरिया। तहसील में हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। सुबह से पहुंचे वादकारी तहसीलदार समेत विभिन्न न्यायालयों के बाहर मुकदमों की सूची में अपना नाम और वाद संख्या खोजते रहे। तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार अपने न्यायालय में मौजूद रहे, लेकिन अधिवक्ताओं के नहीं पहुंचने से कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्र ने बताया कि सोमवार को कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर अधिवक्ताओं पर दर्ज एफआईआर को फर्जी बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। जिलाधिकारी ने तीन दिन का समय मांगा है। बुधवार को फिर बैठक के बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
न्यायालय रहे खाली: सिकंदरपुर तहसील में भी अधिवक्ता पूरे दिन हड़ताल पर रहे। एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों में कोई न्यायिक कार्य नहीं हुआ। लगातार दूसरे दिन पहुंचे वादकारियों को निराशा हाथ लगी। एसडीएम सुनील कुमार के स्थानांतरण के कारण भी फरियादी मायूस दिखे। तहसीलदार देवेंद्र पांडे सरकारी कार्य से आजमगढ़ तथा नायब तहसीलदार दुर्गेश कुमार हाईकोर्ट में सुनवाई के सिलसिले में गए थे। केवल नायब तहसीलदार रोशन सिंह तहसील में मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिलाधिकारी के निर्देश पर लंबे समय बाद नियमित रूप से तहसील के अदालतों में लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज हुई थी, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल से न्यायिक कार्य एक बार फिर प्रभावित हो गया। इससे सबसे अधिक परेशानी वादकारियों को उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन
बुधवार को तय होगी आगे की रणनीति: बैरिया। तहसील में हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। सुबह से पहुंचे वादकारी तहसीलदार समेत विभिन्न न्यायालयों के बाहर मुकदमों की सूची में अपना नाम और वाद संख्या खोजते रहे। तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार अपने न्यायालय में मौजूद रहे, लेकिन अधिवक्ताओं के नहीं पहुंचने से कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्र ने बताया कि सोमवार को कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर अधिवक्ताओं पर दर्ज एफआईआर को फर्जी बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। जिलाधिकारी ने तीन दिन का समय मांगा है। बुधवार को फिर बैठक के बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
न्यायालय रहे खाली: सिकंदरपुर तहसील में भी अधिवक्ता पूरे दिन हड़ताल पर रहे। एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों में कोई न्यायिक कार्य नहीं हुआ। लगातार दूसरे दिन पहुंचे वादकारियों को निराशा हाथ लगी। एसडीएम सुनील कुमार के स्थानांतरण के कारण भी फरियादी मायूस दिखे। तहसीलदार देवेंद्र पांडे सरकारी कार्य से आजमगढ़ तथा नायब तहसीलदार दुर्गेश कुमार हाईकोर्ट में सुनवाई के सिलसिले में गए थे। केवल नायब तहसीलदार रोशन सिंह तहसील में मौजूद रहे।