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Ballia News: कूड़ा निस्तारण केंद्र के लिए 30 फीसदी गांवों में नहीं मिली जमीन
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बलिया। गांवों को स्वच्छ बनाने व ओडीएफ करने को लेकर कनैनी मॉडल कूड़ा निस्तारण केंद्र का सपना अबतक पूरा नहीं हो सका है। कुल 145 गांवों को 58.58 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई। लेकिन अब तक महज 53 गांवों में यह कार्य पूरा हो सका है। जबकि 47 गांवों में जमीन नहीं मिलने के कारण कार्य शुरु ही नहीं हुआ है। 45 गांवों में निर्माणाधीन है।
जिले में वर्ष 2015-16 से ही स्वच्छ भारत मिशन लागू है। हालांकि छह वर्ष पूर्व यह योजना स्वच्छता अभियान के नाम से संचालित रही। इसके तहत गांवों को साफ सुथरा रखने के लिए समय पर अलग-अलग योजनाएं भी संचालित की गईं। इसके तहत गांवों में शौचालयों का निर्माण अब भी जारी है। दो वर्ष पहले सरकार की ओर से मिशन के फेज टू अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मेरा गांव स्वच्छ गांव अभियान की शुरुआत की गई।
सरकार ने बुलंदशहर जिले के शहजादपुर कनैनी गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य कराए गए कार्य को मॉडल के तौर पर अन्य गांवों में इसी तरह कार्य कराने को कहा। शासन के निर्देश पर 15 माह पहले जिले के प्रत्येक ब्लॉक से एडीओ, प्रधान व राजमिस्त्रियों समेत 40 लोगों का दल शहजादपुर कनैनी गांव गया और वहां किए गए कार्यों का जायजा लिया। इसके बाद शासन की ओर से गांवों में कार्यों को लेकर 145 गांवों के सापेक्ष 58.58 करोड़ की धनराशि जारी की। लेकिन अबतक यह योजना परवान नहीं चढ़ी। आलम यह है कि 47 गांवों में तो जमीन ही नहीं मिल रही है। इसके चलते यह कार्य अधर में लटका है। विभागीय अधिकारी के अनुसार 53 गांवों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, 45 गांवों में निर्माण चल रहा है।
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इन कार्यों का है प्रावधान
गांवों को साफ सुथरा रखने के लिए कनैनी मॉडल कूड़ा संयत्र स्थापित किया जाना है। इसके अलावा ठोस व तरल अपशिष्ट, प्लास्टिक, गोबर आदि का प्रबंधन। इन गांवों में कूड़ा संग्रहण के लिए ई-रिक्शा वाहन, ठेला व सफाई सामग्री की खरीद के साथ ही खाद गड्ढे, सोख्ता गड्ढे, नाली का निर्माण आदि करने का प्रावधान है।
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गांवों में कनैनी मॉडल कूड़ा निस्तारण केंद्र निर्माण का कार्य चल रहा है। 47 गांवों में जमीन अभी तक उपलब्ध नहीं होेने के कारण कार्य प्रभावित है। इन गांवों में जमीन की तलाश की जा रही है। अबतक 53 गांवों में यह कार्य पूरा हो चुका है।
- शैलेश कुमार ओझा, जिला सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन, बलिया।
जिले में वर्ष 2015-16 से ही स्वच्छ भारत मिशन लागू है। हालांकि छह वर्ष पूर्व यह योजना स्वच्छता अभियान के नाम से संचालित रही। इसके तहत गांवों को साफ सुथरा रखने के लिए समय पर अलग-अलग योजनाएं भी संचालित की गईं। इसके तहत गांवों में शौचालयों का निर्माण अब भी जारी है। दो वर्ष पहले सरकार की ओर से मिशन के फेज टू अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मेरा गांव स्वच्छ गांव अभियान की शुरुआत की गई।
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सरकार ने बुलंदशहर जिले के शहजादपुर कनैनी गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य कराए गए कार्य को मॉडल के तौर पर अन्य गांवों में इसी तरह कार्य कराने को कहा। शासन के निर्देश पर 15 माह पहले जिले के प्रत्येक ब्लॉक से एडीओ, प्रधान व राजमिस्त्रियों समेत 40 लोगों का दल शहजादपुर कनैनी गांव गया और वहां किए गए कार्यों का जायजा लिया। इसके बाद शासन की ओर से गांवों में कार्यों को लेकर 145 गांवों के सापेक्ष 58.58 करोड़ की धनराशि जारी की। लेकिन अबतक यह योजना परवान नहीं चढ़ी। आलम यह है कि 47 गांवों में तो जमीन ही नहीं मिल रही है। इसके चलते यह कार्य अधर में लटका है। विभागीय अधिकारी के अनुसार 53 गांवों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, 45 गांवों में निर्माण चल रहा है।
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इन कार्यों का है प्रावधान
गांवों को साफ सुथरा रखने के लिए कनैनी मॉडल कूड़ा संयत्र स्थापित किया जाना है। इसके अलावा ठोस व तरल अपशिष्ट, प्लास्टिक, गोबर आदि का प्रबंधन। इन गांवों में कूड़ा संग्रहण के लिए ई-रिक्शा वाहन, ठेला व सफाई सामग्री की खरीद के साथ ही खाद गड्ढे, सोख्ता गड्ढे, नाली का निर्माण आदि करने का प्रावधान है।
गांवों में कनैनी मॉडल कूड़ा निस्तारण केंद्र निर्माण का कार्य चल रहा है। 47 गांवों में जमीन अभी तक उपलब्ध नहीं होेने के कारण कार्य प्रभावित है। इन गांवों में जमीन की तलाश की जा रही है। अबतक 53 गांवों में यह कार्य पूरा हो चुका है।
- शैलेश कुमार ओझा, जिला सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन, बलिया।