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खाली एटीएम ने दौड़ाया शहरभर
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Sun, 27 Nov 2016 08:13 PM IST
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बंद पड़े एटीएम।
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नोटबंदी के बाद लोगों की परेशानियां पैसे को लेकर पहले से बढ़ी हुई है। इसी बीच महीने के आखिरी शनिवार और रविवार को बैंक बंद होने की वजह से रुपये को लेकर लोगों की समस्याएं और बढ़ गई। आलम यह रहा कि शादी-विवाह के साथ ही आम खर्च की व्यवस्था के लिए पैसा जुगाड़ना टेढ़ी खीर हो गया। लोग एक दूसरे से कर्ज लेकर अपने आवश्यक कार्यों के साथ ही शादी-विवाह के रस्मों को पूरा किया। इन दो दिन तक नई करेंसी के लिए लोग इधर से उधर भटकते दिखे।
गत नौ नवंबर से चल रहे नोटबंदी के बाद से लोग पैसों की परेशानियों को झेल रहे हैं। शुरू में तो आलम यह रहा कि लंबी-लंबी कतारें बैंकों और एटीएम मशीनों के सामने खड़ी दिखाई दे रही थी। लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद हालात सामान्य होने लगे थे। शुक्रवार तक एटीएम के साथ बैंकों में भी पैसे मिलने से लोगों की कतार बैंक ओर एटीएम पर कम हो गई।
इसी बीच महीने का चौथा शनिवार और रविवार पड़ जाने से दो दिन के लिए बैंक बंद हो गए। वहीं एटीएम में डाले गए पैसे समाप्त हो गए। जिससे शादी-विवाह सहित आवश्यक कार्यों के लिए पैसे की व्यवस्था करना टेढ़ी खीर हो गई। शनिवार को तो कहीं न कहीं एटीएम खुला मिल गया। लेकिन रविवार को तो करीब-करीब सभी एटीएम जबाब दे दिए।
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लोग एटीएम से पैसा निकालने की लालच में एक से दूसरे एटीएम पर दौड़ लगाते रहे। उनका हालत मृग मरीचिका सी रही। लोगों से जैसे ही पता चलता था कि फलां जगह पर एटीएम में पैसा तो लोग वहां पहुंच जाते थे। लेकिन पता चलता था कि एटीएम में पैसा ही नहीं है। इस तरह दो दिन तक पैसे के लिए लोग हांफते नजर आए। सबसे ज्यादा दिक्कत शादी-विवाह वाले घरों में देखने को मिली।
लोगों का कहना था कि शादी-विवाह का मौसम है, निमंत्रण भी निपटाना होता है। ऐसे में यदि छुट्टी में भी सभी एटीएमों में रुपये होते तो सामान्य काम चल जाते। लेकिन एटीएम मशीन में पैसा नहीं होने लोगों की स्थिति काफी दयनीय हो गई है।
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गत नौ नवंबर से चल रहे नोटबंदी के बाद से लोग पैसों की परेशानियों को झेल रहे हैं। शुरू में तो आलम यह रहा कि लंबी-लंबी कतारें बैंकों और एटीएम मशीनों के सामने खड़ी दिखाई दे रही थी। लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद हालात सामान्य होने लगे थे। शुक्रवार तक एटीएम के साथ बैंकों में भी पैसे मिलने से लोगों की कतार बैंक ओर एटीएम पर कम हो गई।
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इसी बीच महीने का चौथा शनिवार और रविवार पड़ जाने से दो दिन के लिए बैंक बंद हो गए। वहीं एटीएम में डाले गए पैसे समाप्त हो गए। जिससे शादी-विवाह सहित आवश्यक कार्यों के लिए पैसे की व्यवस्था करना टेढ़ी खीर हो गई। शनिवार को तो कहीं न कहीं एटीएम खुला मिल गया। लेकिन रविवार को तो करीब-करीब सभी एटीएम जबाब दे दिए।
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लोग एटीएम से पैसा निकालने की लालच में एक से दूसरे एटीएम पर दौड़ लगाते रहे। उनका हालत मृग मरीचिका सी रही। लोगों से जैसे ही पता चलता था कि फलां जगह पर एटीएम में पैसा तो लोग वहां पहुंच जाते थे। लेकिन पता चलता था कि एटीएम में पैसा ही नहीं है। इस तरह दो दिन तक पैसे के लिए लोग हांफते नजर आए। सबसे ज्यादा दिक्कत शादी-विवाह वाले घरों में देखने को मिली।
लोगों का कहना था कि शादी-विवाह का मौसम है, निमंत्रण भी निपटाना होता है। ऐसे में यदि छुट्टी में भी सभी एटीएमों में रुपये होते तो सामान्य काम चल जाते। लेकिन एटीएम मशीन में पैसा नहीं होने लोगों की स्थिति काफी दयनीय हो गई है।