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कठुआई जिंदगी अफसर कठकरेजा
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Sat, 10 Dec 2016 10:29 PM IST
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कोहरे की मार
- फोटो : ani
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नगर सहित ग्रामीण इलाकों में घने कोहरे तथा हाड़कंपाऊ ठंड का प्रकोप जारी है। जिला प्रशासन की उदासीनता का आलम यह है कि कहीं भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं शनिवार को भी जिला कोहरे की चादर ओढ़े रहा। जिला प्रशासन की ओर से सभी तहसीलों में अलाव और कंबल के लिए साढ़े पांच लाख रुपये मिले हैं। लेकिन किसी भी क्षेत्र में न तो अलाव जल रहा न तो कंबल बंट रहे।
नगर के अधिकांश वार्डों में अलाव की कोई मुकम्मल व्यवस्था देखने को नहीं मिल रही है। आलम यह है कि रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में बैठे सवारियों को भी समय काटना मुश्किल हो गया है। ऐसे में नगर के अलग-अलग हिस्सों में कहीं अलाव का न जलाना नगर पालिका के उदासीनता का जीता जागता प्रमाण है।
जबकि जिला प्रशासन का मानना है कि अलाव और कंबल के लिए प्रत्येक तहसील को साढ़े पांच लाख भेज दिए गए हैं। डीएम गोविंद राजू एनएस के फरमान के बाद भी कुछ निजी स्कूल संचालकों की मनमानी साफ देखने को मिल रही है। जहां एक ओर लोग हाड़कंपाऊ ठंड लगभग घरों में कैद हैं वहीं दूसरी ओर निजी विद्यालयों के संचालक सुबह सात तथा आठ बजे से ही स्कूल चला रहे हैं। जबकि डीएम ने आदेश में कहा है कि साढ़े नौ बजे से तीन बजे तक स्कूल का संचालन किया जाय। फिर भी घने कोहरे तथा धुंध के बावजूद निजी विद्यालय चल रहे हैं।
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नगर के अधिकांश वार्डों में अलाव की कोई मुकम्मल व्यवस्था देखने को नहीं मिल रही है। आलम यह है कि रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में बैठे सवारियों को भी समय काटना मुश्किल हो गया है। ऐसे में नगर के अलग-अलग हिस्सों में कहीं अलाव का न जलाना नगर पालिका के उदासीनता का जीता जागता प्रमाण है।
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जबकि जिला प्रशासन का मानना है कि अलाव और कंबल के लिए प्रत्येक तहसील को साढ़े पांच लाख भेज दिए गए हैं। डीएम गोविंद राजू एनएस के फरमान के बाद भी कुछ निजी स्कूल संचालकों की मनमानी साफ देखने को मिल रही है। जहां एक ओर लोग हाड़कंपाऊ ठंड लगभग घरों में कैद हैं वहीं दूसरी ओर निजी विद्यालयों के संचालक सुबह सात तथा आठ बजे से ही स्कूल चला रहे हैं। जबकि डीएम ने आदेश में कहा है कि साढ़े नौ बजे से तीन बजे तक स्कूल का संचालन किया जाय। फिर भी घने कोहरे तथा धुंध के बावजूद निजी विद्यालय चल रहे हैं।
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