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आखिर कहां होगा 675 परिवारों का अगला ठिकाना !
ब्यूरो,अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 26 Aug 2016 08:07 PM IST
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शाहपुर बभनौली गांव में बाढ़ के पानी में डूबा प्राथमिक विद्यालय।
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बाढ़ की वजह से बलिया सिसक रहा है। जनपद में लगभग 180 गांव जहां प्रभावित है। वहीं करीब डेढ़ लाख लोगों के लिए पानी ही ओढना और पानी ही बिछौना बन गया है। पानी उतरने के बाद ये लोग फिर से बस जाएंगे। लेकिन उन 675 परिवार जो अपना आशियाना गंवा चुके हैं और फिलहाल एनएच के किनारे गुजर-बसर कर रहे हैं, उनका अगला ठौर कहां होगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
जनपद में बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई। कोटवां नारायणपुर से लगायत बैरिया तक गंगा के किनारे बसे लगभग 182 गांव बुरी तरह प्रभावित हैं। हजारों एकड़ फसलें भी नष्ट हुई। पानी उतरने के बाद लोग फिर अपने-अपने घर बस भी जाएंगे। लेकिन सदर तहसील के चौबे छपरा जहां के 327 परिवार, बैरिया तहसील के श्रीनगर के 150 परिवार का घर गंगा में विलीन हो गया।
वहीं गंगापुर लालाबगीचा के 125 परिवार, नरदरा भुसौला में 73 परिवार अपना आशियाना गंवा चुके हैं। ये इतने गरीब है कि तत्काल कहीं जमीन खरीदकर घर भी नहीं बनवा सकते हैं। फिलहाल किसी प्रकार एनएच पर गुजर-बसर कर रहे हैं। लेकिन सब कुछ जब ठीक हो जाएगा तब ये कहां जाएंगे और कहां बसेंगे। यह फिलहाल इनके सामने सबसे बड़ा प्रश्न बना हुआ है।
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जनपद में बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई। कोटवां नारायणपुर से लगायत बैरिया तक गंगा के किनारे बसे लगभग 182 गांव बुरी तरह प्रभावित हैं। हजारों एकड़ फसलें भी नष्ट हुई। पानी उतरने के बाद लोग फिर अपने-अपने घर बस भी जाएंगे। लेकिन सदर तहसील के चौबे छपरा जहां के 327 परिवार, बैरिया तहसील के श्रीनगर के 150 परिवार का घर गंगा में विलीन हो गया।
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वहीं गंगापुर लालाबगीचा के 125 परिवार, नरदरा भुसौला में 73 परिवार अपना आशियाना गंवा चुके हैं। ये इतने गरीब है कि तत्काल कहीं जमीन खरीदकर घर भी नहीं बनवा सकते हैं। फिलहाल किसी प्रकार एनएच पर गुजर-बसर कर रहे हैं। लेकिन सब कुछ जब ठीक हो जाएगा तब ये कहां जाएंगे और कहां बसेंगे। यह फिलहाल इनके सामने सबसे बड़ा प्रश्न बना हुआ है।
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