बलिया पेपर लीक मामला: साथियों को छोड़ा नहीं तो जेल भरेंगे पत्रकार, 30 अप्रैल को आंदोलन का एलान
वरिष्ठ पत्रकार करूण सिंह सिंधु ने कहा कि बलिया के डीएम व एसपी तानाशाह हो गए हैं। इन्हें सही व गलत का एहसास नहीं हो पा रहा है। जब तक निर्दोष तीनों पत्रकारों की रिहाई नहीं हो जाती है, तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
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यूपी बोर्ड पेपर लीक मामले में फर्जी तरीके से गिरफ्तार किए गए बलिया तीन पत्रकारों की रिहाई के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का डीएम कार्यालय परिसर में क्रमिक अनशन बृहस्पतिवार को आठवें दिन भी जारी रहा। क्रमिक अनशन पर पहुंचे पत्रकारों व सामाजिक संगठनों ने पत्रकारों की रिहाई तथा डीएम व एसपी के निलंबन की मांग की। पत्रकारों की रिहाई नहीं होने पर 30 अप्रैल को जेल भरो आंदोलन का एलान किया गया।
वरिष्ठ पत्रकार करूण सिंह सिंधु ने कहा कि बलिया के डीएम व एसपी तानाशाह हो गए हैं। इन्हें सही व गलत का एहसास नहीं हो पा रहा है। जब तक निर्दोष तीनों पत्रकारों की रिहाई नहीं हो जाती है, तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा। वरिष्ठ पत्रकार मनोज चतुर्वेदी ने कहा कि जब सच को उजागर करने वाले पत्रकारों की आवाज बंद करने की साजिश की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
इसे बागी बलिया के पत्रकार कत्तई बरदाश्त नहीं करेंगे। आंदोलन की चिंगारी पूरे देस में फैल चुकी है। पत्रकार राणा सिंह ने कहा कि पत्रकारों को अविलंब बिना शर्त के रिहा किया जाय और डीएम व एसपी को निलंबित किया जाय।
अजय भारती, अखिलानंद तिवारी, सुधीर ओझा, रणजीत मिश्रा, मकसूदन सिंह, लवकुश सिंह, संजय तिवारी, अखिलेश यादव, मुकेश मिश्रा, राजू दुबे, सन्नी, सनंदन उपाध्याय, विक्की गुप्ता, जितेंद्र उपाध्याय, कैलासपति मिश्रा, प्रभात पांडेय, अनिल अकेला, आरएस पाठक, धनंजय तिवारी, कृष्णकांत पांडेय, विवेक जायसवाल, राजकुमार यादव, जाकिर, अरविंद पांडेय, रोशन जायसवाल, अरविंद सिंह, रत्नेश सिंह, अमित कुमार, सुनील दादा, आलोक कुमार, संजय सिंह, श्याम प्रकाश शर्मा, श्रवण कुमार पांडेय, दिनेश गुप्ता, रवि सिन्हा, आसिफ जैदी, मुशीर जैदी, मो आरिफ, संजीव बाबा, नवीन सिंह
विधान परिषद में पत्रकारों की आवाज उठाएंगे एमएलसी दीपक
कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह पेपर लीक मामले में पत्रकारों की गिरफ्तारी का मुद्दा विधान परिषद में उठाएंगे। उन्होेंने फोन पर बताया कि वे पत्रकारों के आंदोलन के साथ हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों का काम ही है कि शासन प्रशासन की कमियों को उजागर करना, जिससे शासन प्रशासन सचेत होकर उन कमियों को दूर कर सके।
बलिया का जिला प्रशासन परीक्षा की शुचिता को कायम रखने में पूरी तरह फेल साबित हुआ है। जब पत्रकारों ने कमियों को उजागर किया तो जिला प्रशासन तिलमिलाते हुए पत्रकारों को ही बलि का बकरा बनाकर अपनी गर्दन बचाने का काम किया है। कहा कि बलिया में परीक्षा केंद्र निर्धारण में जो खेल होता है, इसकी जांच की मांग और इसमें संलिप्त चाहे वो प्रशासनिक अधिकारी हो या शिक्षा विभाग के अधिकारी हो, उन्हें दंडित कराने के लिये सदन में पुरजोर तरीके से आवाज उठाऊंगा।
बलिया के पत्रकार साथियों ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को बचाने के लिये जो आवाज बुलंद की है, उसी आवाज में अपनी आवाज मिलाकर चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता के लिये कानून बने, इसकी मांग करते हुए गिरफ्तार तीनों पत्रकारों की बाइज्जत रिहाई की मांग उठाऊंगा।
जेल भरो आंदोलन को दिया समर्थन
जयप्रकाश नगर के निवासियों ने पत्रकारों के जेल भरो आंदोलन का स्वागत किया है। धतुरी टोला निवासी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि 30 अप्रैल को जेल भरो आंदोलन के फैसले का समर्थन करता हूँ। सोनबरसा गांव निवासी मनोज कुमार ओझा ने कहा कि सरकार सुन नहीं रही है तो जेल भरना ही एक मात्र विकल्प है।
धतुरी टोला निवासी रविन्द्र मिश्रा का कहना है कि जिला प्रशासन पत्रकारों की आवाज ही दबाने लगा है तो न्याय की उम्मीद किससे की जाएगी। पत्रकारों को निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी। सपा पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शामू ठाकुर ने कहा कि 30 अप्रैल को जेल भरो आंदोलन में उनके संगठन के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे।