बलिया। मौनी अमावस्या पर बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं की इतनी ज्यादा भीड़ इकट्ठा हुई कि सुबह से लेकर दोपहर तक एनएच 31 पर कई घंटे जाम लगा रहा। यह जाम भरौली से लेकर लक्ष्मणपुर के आगे तक करीब आठ किमी रहा। जाम में वाहन रेंगते रहे।
मौनी अमावस्या, धार्मिक दृष्टि से यह तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन मौन रहकर किसी पवित्र नदी अथवा जलकुंड में स्नान और दान करने का विशेष महत्व माना गया है। ऐसी मान्यता है कि अगर इस अमावस्या पर मौन रहें तो इससे अच्छे स्वास्थ्य और ज्ञान की प्राप्ति होती है। ग्रह दोष दूर करने के लिए भी यह अमावस्या खास मानी गई है। मौनी अमावस्या पर गुरुवार को लाखों लोगों ने गंगा, तमसा व सरयू के घाटों पर डुबकी लगाई। जिला मुख्यालय से सटे शिवरामपुर, कीनाराम, माल्देपुर आदि घाटों के साथ ही उजियार, भरौली, मझौवां, पचरूखिया, हुकुम छपरा आदि घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। जनपद के अधिकांश इलाके के लोग खासकर उजियार व बक्सर, बिहार के रामरेखा घाट पर स्नान को महत्वपूर्ण मानते हैं। इसको लेकर गुरुवार को एनएच 31 के यातायात पर भारी दबाव रहा। उधर, पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताडा, सीओ सदर जगवीर सिंह चौहान, नरहीं थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्र पूरे दलबल के साथ सुबह ही उजियार गंगा घाट पहुंचे और मौनी अमावस्या स्नान का जायजा लिया। भारी संख्या में श्रद्धालु बिहार के सिवान, सारण, मोतीहारी, मुजफ्फरपुर के जनपदों से अपने वाहनों से एक दिन पहले ही पहुंच गए थे। पूरे दिन एनएच 31 पर वाहनों का तांता लगा रहा। वीर कुंवर सिंह सेतु भरौली पर वाहनों की आवाजाही के चलते पूरे दिन जाम लगा रहा। भरौली गोलंबर पर सुबह सात बजे से ही जाम लगना शुरू हुआ और दोपहर तक जाम लगा रहा। श्रद्धालुओं के साथ-साथ बक्सर जाने वाले यात्री भी घंटों फंसे रहे। जाम को खुलवाने में नरहीं पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इतना ही नहीं, आसपास के थानों के अलावा ब्रज वाहन, यातायात पुलिस आदि को भी इस जाम को हटाने के लिए उतारना पड़ा। जाम शाम चार बजे तक लगा रहा।