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Ballia News: ऑडिट में पकड़ी गई गड़बड़ी, प्रधान से होगी 40 हजार रुपये की वसूली
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बलिया । सोहांव विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुजायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी ने तत्कालीन ग्राम प्रधान को नोटिस जारी कर वसूली के निर्देश दिए हैं। प्रधान से 40 हजार रुपये की वसूली का निर्देश डीएम ने दिया है।
जिला लेखा परीक्षा अधिकारी (ऑडिट) की जांच रिपोर्ट में वर्ष 2017-18 के दौरान विकास कार्यों में गड़बड़ी पकड़ी गई है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, सुजायत ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की पत्रावलियों की जांच के दौरान 80,000 रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग पाया गया। इस प्रकरण में नियमानुसार जिम्मेदारी तय करते हुए जिलाधिकारी ने तत्कालीन ग्राम प्रधान मुनीब को 21 जनवरी को ही नोटिस जारी किया था। आदेश में दुरुपयोग की गई कुल धनराशि का आधा हिस्सा, यानी 40,000 रुपये, 15 दिनों के भीतर सरकारी खजाने में जमा करने के निर्देश दिए गए थे।
नोटिस की अवधि बीत जाने के बाद भी अब तक तत्कालीन प्रधान द्वारा वसूली की धनराशि जमा नहीं की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर धन जमा नहीं होता है, तो संबंधित व्यक्ति से 12 प्रतिशत अतिरिक्त वार्षिक ब्याज के साथ भू-राजस्व की भांति आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी कर वसूली की जाएगी।
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अभिलेखों की हो रही है दोबारा जांच
इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर मामला संज्ञान में आया है। तत्कालीन प्रधान को दोबारा नोटिस भेजकर पक्ष रखने को कहा गया है। प्रधान की ओर से कुछ साक्ष्य और कागजात कार्यालय में जमा कराए गए हैं, जिनका मिलान ऑडिट रिपोर्ट से किया जा रहा है। जांच प्रक्रिया पूर्ण होते ही वसूली की अंतिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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जिला लेखा परीक्षा अधिकारी (ऑडिट) की जांच रिपोर्ट में वर्ष 2017-18 के दौरान विकास कार्यों में गड़बड़ी पकड़ी गई है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, सुजायत ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की पत्रावलियों की जांच के दौरान 80,000 रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग पाया गया। इस प्रकरण में नियमानुसार जिम्मेदारी तय करते हुए जिलाधिकारी ने तत्कालीन ग्राम प्रधान मुनीब को 21 जनवरी को ही नोटिस जारी किया था। आदेश में दुरुपयोग की गई कुल धनराशि का आधा हिस्सा, यानी 40,000 रुपये, 15 दिनों के भीतर सरकारी खजाने में जमा करने के निर्देश दिए गए थे।
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नोटिस की अवधि बीत जाने के बाद भी अब तक तत्कालीन प्रधान द्वारा वसूली की धनराशि जमा नहीं की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर धन जमा नहीं होता है, तो संबंधित व्यक्ति से 12 प्रतिशत अतिरिक्त वार्षिक ब्याज के साथ भू-राजस्व की भांति आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी कर वसूली की जाएगी।
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अभिलेखों की हो रही है दोबारा जांच
इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर मामला संज्ञान में आया है। तत्कालीन प्रधान को दोबारा नोटिस भेजकर पक्ष रखने को कहा गया है। प्रधान की ओर से कुछ साक्ष्य और कागजात कार्यालय में जमा कराए गए हैं, जिनका मिलान ऑडिट रिपोर्ट से किया जा रहा है। जांच प्रक्रिया पूर्ण होते ही वसूली की अंतिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।