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जांचकर दोषियों पर करें कार्रवाई
ballia
Updated Thu, 04 Jan 2018 10:46 PM IST
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नगर पालिका कार्यालय पर धरना देते ठेका सफाईकर्मी। अमर उजाला
- फोटो : ballia
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नगर पालिका परिषद बलिया में ठेकेदार द्वारा रखे गए दैनिक सफाईकर्मी, संविदा रेग्युलर सफाईकर्मी, जलकर, ड्राइवर एवं अन्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल नगर पालिका परिषद में गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने एक स्वर से सफाई नायकों, सफाई निरीक्षकों, एकाउंट सेक्शन के कर्मचारियों समेत ठेकेदार द्वारा की गई लूट-खसोट की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। चेताया कि अगर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई तथा मांग नहीं मानी गई तो हड़ताल जारी रहेगी।
दैनिक सफाईकर्मी इंद्रजीत रावत ने कहा कि ठेकेदार द्वारा दिया जा रहा मानेदय हमेशा तीन से चार माह पर दिया जाता है। मानदेय कभी तीन माह तो कभी चार माह पर दिया जाता है। शासनादेश के मुताबिक वर्ष 2014 से सात हजार 500 सौ रुपया देने का आदेश है। लेकिन हम कर्मचारियों को ठेकेदार द्वारा पांच हजार रुपया ही दिया जाता है। उनके द्वारा कहा जाता है कि शेष रुपया पीएफ काटा जा रहा है। जिसका कोई रसीद हम कर्मचारियों को नहीं दिया जाता है। जिसे प्रत्येक कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाय, अन्यथा पूरा मानदेय भुगतान दिया जाय। यही नहीं ठेकेदार द्वारा रविवार को भी कार्य कराया जाता है। लेकिन उसका कोई शुल्क नहीं दिया जाता है। मांग की गई कि ईओ द्वारा फोटो सहित सभी कर्मचारियों को परिचय पत्र जारी किया जाए, ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए। लखन रावत ने कहा कि समस्त कर्मचारियोंको नगर पालिका परिषद में समायोजित किया जाय। इस मौके पर अर्जुन रावत, आर्यन रावत, विशाल रावत, सुनिल रावत समेत दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।
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दैनिक सफाईकर्मी इंद्रजीत रावत ने कहा कि ठेकेदार द्वारा दिया जा रहा मानेदय हमेशा तीन से चार माह पर दिया जाता है। मानदेय कभी तीन माह तो कभी चार माह पर दिया जाता है। शासनादेश के मुताबिक वर्ष 2014 से सात हजार 500 सौ रुपया देने का आदेश है। लेकिन हम कर्मचारियों को ठेकेदार द्वारा पांच हजार रुपया ही दिया जाता है। उनके द्वारा कहा जाता है कि शेष रुपया पीएफ काटा जा रहा है। जिसका कोई रसीद हम कर्मचारियों को नहीं दिया जाता है। जिसे प्रत्येक कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाय, अन्यथा पूरा मानदेय भुगतान दिया जाय। यही नहीं ठेकेदार द्वारा रविवार को भी कार्य कराया जाता है। लेकिन उसका कोई शुल्क नहीं दिया जाता है। मांग की गई कि ईओ द्वारा फोटो सहित सभी कर्मचारियों को परिचय पत्र जारी किया जाए, ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए। लखन रावत ने कहा कि समस्त कर्मचारियोंको नगर पालिका परिषद में समायोजित किया जाय। इस मौके पर अर्जुन रावत, आर्यन रावत, विशाल रावत, सुनिल रावत समेत दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।
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