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Ballia News: कटान पीड़ितों को मुआवजे के लिए आमरण अनशन
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कटान पीड़ितों के मुआवजे की मांग को लेकर बांसडीह तहसील परिसर में आमरण अनशन के उपस्थित लोगों को
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बांसडीह। बाढ़ और कटान से प्रभावित किसानों की जमीन व आवास का उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने सोमवार को बांसडीह तहसील परिसर स्थित अनशन स्थल पर आमरण अनशन शुरू कर दिया। उनके समर्थन में महाराजपुर, चांदपुर, कमालपुर, सुल्तानपुर पोखरा, भोजपुरवा समेत बाढ़ प्रभावित गांवों के सैकड़ों किसान, नौजवान, छात्र नेता और गोंड समाज के कार्यकर्ता तहसील पहुंचे।
अनशन पर बैठने से पूर्व सभा को संबोधित करते हुए नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने कहा कि बाढ़ और कटान से प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर पिछले कई महीनों से तहसील प्रशासन को ज्ञापन देने और तहसील का घेराव करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपालों की लापरवाही के कारण किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। घर और खेत नदी में समाहित हो गए हैं, लेकिन सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि तहसील में बिना पैसे के कोई काम नहीं हो रहा है और अधिकारी आपदा को अवसर बनाने में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी जमीन और आवास का तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए तथा भ्रष्टाचार और अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। लेखपाल संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं सुल्तानपुर निवासी निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि घाघरा नदी के विकराल रूप से बड़ी संख्या में लोगों के घर और उपजाऊ भूमि प्रभावित हुई है, लेकिन अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने झुन्नू सिंह के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज शाह ने भी आंदोलन का समर्थन किया। कार्यक्रम में आदित्य योगी, सुरेश शाह, बीरेंद्र यादव, अजीत सिंह, बिहारी यादव, प्रभात मौर्य, लव सिंह, अमित यादव आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता निर्भय नारायण सिंह ने की।
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अनशन पर बैठने से पूर्व सभा को संबोधित करते हुए नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने कहा कि बाढ़ और कटान से प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर पिछले कई महीनों से तहसील प्रशासन को ज्ञापन देने और तहसील का घेराव करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपालों की लापरवाही के कारण किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। घर और खेत नदी में समाहित हो गए हैं, लेकिन सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि तहसील में बिना पैसे के कोई काम नहीं हो रहा है और अधिकारी आपदा को अवसर बनाने में जुटे हैं।
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उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी जमीन और आवास का तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए तथा भ्रष्टाचार और अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। लेखपाल संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं सुल्तानपुर निवासी निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि घाघरा नदी के विकराल रूप से बड़ी संख्या में लोगों के घर और उपजाऊ भूमि प्रभावित हुई है, लेकिन अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने झुन्नू सिंह के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज शाह ने भी आंदोलन का समर्थन किया। कार्यक्रम में आदित्य योगी, सुरेश शाह, बीरेंद्र यादव, अजीत सिंह, बिहारी यादव, प्रभात मौर्य, लव सिंह, अमित यादव आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता निर्भय नारायण सिंह ने की।
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