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जांच की प्रक्रिया में आई तेजी तो संक्रमित लोगों की तादाद में हुआ इजाफा
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बलिया। ज्यों ज्यों की दवा, त्यों त्यों मर्ज बढ़ता ही गया। कुछ ऐसी ही कहानी जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण की है। जिला प्रशासन ने कोरोना पर नकेल कसने के लिए जांच में तेजी क्या लाई उसी रफ्तार से मरीजों की तादाद भी बढ़ने लगी। यही नहीं जान गंवाने वालों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। नतीजतन मई में पांव पसारने वाला कोविड-19 अगस्त आते-आते न सिर्फ 1888 के आंकड़े को पार कर गया बल्कि 18 लोगों को मौत की नींद भी सुला गया।
अब तो आलम यह है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा इसके आगे स्वयं को लाचार मानने लगा है। तभी तो अब संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों को हास्पिटलाइज्ड करने के बजाय उन्हें होम आइसोलेशन पर जाने की सलाह दी जा रही है। हालांकि इस दौरान जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए दो नए यानी कुल तीन एल-वन अस्पताल बनाए गए हैं। इसके अलावा जांच कार्य में भी तेजी आई है। पहले जहां रोजाना 250 से 300 का परीक्षण होता था, वहीं अब रोज 1500 लोगों का टेस्ट हो रहा हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक जिले में 1888 कोरोना संक्रमित मरीज हैं जिसमें मार्च और अप्रैल में जिले में एक भी संक्रमित मरीज नहीं है। मई के शुरुआत में एक से शुरू यह आंकड़ा अंत तक 58 तक पहुंच गया। इसके बाद जून में 78 लोगों को कोरोना ने अपने आगोश में ले लिया लेकिन इस दौरान राहत वाली बात यह रही कि मार्च से जून के मध्य जिले में एक भी कोरोना वायरस से मौत नहीं हुई थी लेकिन जुलाई में ना सिर्फ इसकी शुरुआत हुई बल्कि अगस्त के प्रथम सप्ताह तक यह आंकड़ा 18 तक पहुंच गया। इससे इतर जुलाई में कोरोना संक्रमित लोगों की तादाद 1558 हो गई और अगस्त के पिछले चार दिनों यानी मंगलवार तक 184 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
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अब तो आलम यह है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा इसके आगे स्वयं को लाचार मानने लगा है। तभी तो अब संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों को हास्पिटलाइज्ड करने के बजाय उन्हें होम आइसोलेशन पर जाने की सलाह दी जा रही है। हालांकि इस दौरान जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए दो नए यानी कुल तीन एल-वन अस्पताल बनाए गए हैं। इसके अलावा जांच कार्य में भी तेजी आई है। पहले जहां रोजाना 250 से 300 का परीक्षण होता था, वहीं अब रोज 1500 लोगों का टेस्ट हो रहा हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक जिले में 1888 कोरोना संक्रमित मरीज हैं जिसमें मार्च और अप्रैल में जिले में एक भी संक्रमित मरीज नहीं है। मई के शुरुआत में एक से शुरू यह आंकड़ा अंत तक 58 तक पहुंच गया। इसके बाद जून में 78 लोगों को कोरोना ने अपने आगोश में ले लिया लेकिन इस दौरान राहत वाली बात यह रही कि मार्च से जून के मध्य जिले में एक भी कोरोना वायरस से मौत नहीं हुई थी लेकिन जुलाई में ना सिर्फ इसकी शुरुआत हुई बल्कि अगस्त के प्रथम सप्ताह तक यह आंकड़ा 18 तक पहुंच गया। इससे इतर जुलाई में कोरोना संक्रमित लोगों की तादाद 1558 हो गई और अगस्त के पिछले चार दिनों यानी मंगलवार तक 184 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
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