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आयुर्वेदिक अस्पतालों में बताया जाएगा हर्बल पौधों का महत्व
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बलिया। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों में इलाज के साथ ही हर्बल पौधों का महत्व भी मरीजों और तीमारदारों को बताया जाएगा। इसके लिए आयुर्वेदिक अस्पतालों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित करने के साथ ही हर्बल गार्डन भी विकसित किए जा रहे हैं। गार्डन में लगे पौधों से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी फायदे को लोगों को बताया जाएगा।
लोगों को अपने घर के पास हर्बल पौधे लगाने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा, जिससे लोग इलाज की पुरानी पद्धति का लाभ उठा सकें। आयुष चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के प्रयासों से आयुर्वेद एवं योग की महत्ता को दुनिया स्वीकार चुकी है। वर्ष 2015 से धनतेरस को आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया जाता है और हर दिन हर घर आयुर्वेद के तहत आयुर्वेद के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। हर्बल गार्डन कार्यक्रम इसी की एक कड़ी है। हमारे घर के आसपास, बागीचे और खेत में ऐसे पौधे होते हैं, जो हमारे लिए काफी उपयोगी है। उनसे कई बीमारियों का इलाज हो सकता है। उनके प्रति अनजान होने के कारण लोग फायदा नहीं उठा पाते हैं। हर्बल गार्डन के जरिए इन उपयोगी पौधों की पहचान कराकर उनके इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाएगा।
13 हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर में हो रहा हर्बल गार्डन का विकास
जिले के 13 हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर में हर्बल गार्डन का विकास किया जा रहा है। गार्डन की मदद से अपने आसपास उपस्थित पौधों के औषधीय गुणों से रोगियों को परिचित कराया जाएगा। तुलसी, गिलोय, नीम, दूर्वा, सुदर्शन, एलोवेरा, आवला के पौधों को रोपित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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- डॉ. संजय कुमार सिंह, प्रभारी क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, बलिया
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लोगों को अपने घर के पास हर्बल पौधे लगाने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा, जिससे लोग इलाज की पुरानी पद्धति का लाभ उठा सकें। आयुष चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के प्रयासों से आयुर्वेद एवं योग की महत्ता को दुनिया स्वीकार चुकी है। वर्ष 2015 से धनतेरस को आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया जाता है और हर दिन हर घर आयुर्वेद के तहत आयुर्वेद के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। हर्बल गार्डन कार्यक्रम इसी की एक कड़ी है। हमारे घर के आसपास, बागीचे और खेत में ऐसे पौधे होते हैं, जो हमारे लिए काफी उपयोगी है। उनसे कई बीमारियों का इलाज हो सकता है। उनके प्रति अनजान होने के कारण लोग फायदा नहीं उठा पाते हैं। हर्बल गार्डन के जरिए इन उपयोगी पौधों की पहचान कराकर उनके इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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13 हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर में हो रहा हर्बल गार्डन का विकास
जिले के 13 हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर में हर्बल गार्डन का विकास किया जा रहा है। गार्डन की मदद से अपने आसपास उपस्थित पौधों के औषधीय गुणों से रोगियों को परिचित कराया जाएगा। तुलसी, गिलोय, नीम, दूर्वा, सुदर्शन, एलोवेरा, आवला के पौधों को रोपित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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- डॉ. संजय कुमार सिंह, प्रभारी क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, बलिया