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पटरियों पर करा रहे अवैध पार्किंग, जाम खुलवाने के लिए बहा रहे पसीना

Sun, 26 Sep 2021 10:23 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 10:23 PM IST
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Illegal parking on the tracks, sweating to open the jam
शहर के इंदु मार्केट के समीप सड़क की पटरी पर बेतरतीब खड़े वाहन। संवाद - फोटो : BALLIA
बलिया। शहर के यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी टीम उतार रखी है। परेशानी का सबब बन चुके जाम को सुधारने के लिए दावे तो हजार किए जाते हैं लेकिन इसका असर जमीन पर नहीं दिखता है। गौर करने की बात यह है कि ट्रैफिक विभाग जिन प्रमुख चौराहों पर खड़े होकर जाम खुलवाने के लिए अपना पसीना बहाता है, वहीं पर ही पटरियों के साथ ही सड़क पर ई-रिक्शा और बाइक वाले पार्किगिं बनाकर खड़े रहते हैं। ट्रैफिक विभाग उन लोगों को नहीं हटा पाता है।
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शहर के मुख्य चौराहों पर जाम हर घंटे राहगीर झेलते हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति शहर के उन चौराहों की है, जहां इमरजेंसी में आवागमन होता है। इसमें रोडवेज, चित्तू पांडेय चौराहा, रेलवे स्टेशन, शहीद चौक, सिनेमा रोड, मालगोदाम, कदम चौराहा, टीडी कालेज चौराहा और कुंवर सिंह चौराहा शामिल है। यहां हर घंटे जाम लगता है, जिसे हटाने में रोजाना यातायात और सिविल पुलिस पसीना बहाते दिखती है। जहां ये पसीना बहाते हैं, वहीं पर अवैध पार्किगिं बनी रहती है, लेकिन न उन्हें बोला जाता है और न कोई कार्रवाई होती है। पटरियों पर अतिक्रमण और वाहन पार्किगिं करने की लत ने जाम की समस्या को और जटिल कर दिया है। यातायात व्यवस्था के लिए टीम में एक प्रभारी, एक उप निरीक्षक, नौ मुख्य आरक्षी और 24 आरक्षी के साथ 49 होमगार्ड्स तथा 50 पीआरडी जवान तैनात हैं। स्टेशन रोड, मालगोदाम, विशुनीपुर, चित्तू पांडेय चौराहा, विशुनीपुर चौराहा, पानी टंकी चौराहा के अलावा जिला अस्पताल, रोडवेज तिराहा, टीडी कालेज चौराहा और कुंवर सिंह चौराहा के अतिरिक्त एनसीसी तिराहा पर ट्रैफिक पुलिस के जवान मुस्तैद दिख जाएंगे। यह पसीना भी बहाते हैं, लेकिन पटरियों के अतिक्रमित होने और अवैध तौर पर पार्किगिं बना मनमाने तौर पर दो पहिया और तीन पहिया वाहनों को खड़ा करने से मेहनत पर पानी फिर जाता है। शहरवासियों को जाम से जूझना पड़ता है।
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चारों तरफ दिखता है अतिक्रमण
रोडवेज के पास एक ओर ओवरब्रिज है तो दूसरी ओर गड़वार जाने का आम रास्ता। यहां पटरियों पर परिवहन निगम की बसों का कब्जा रहता है। जो बची खुची हैं, उन पर ठेला रेहड़ी और दुकानदारों के होर्डिगिं रख दिए जाते हैं। टीडी कालेज पर भी स्थिति अच्छी नहीं है। दोनों पटरियों पर दुकानों के सामान और पार्किगिं लोगों ने बना रखे हैं। सड़क पर ही तमाम लोग अपने वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे यहां आम लोग घंटों जाम का दर्द झेलते हैं। इस क्षेत्र में तमाम सरकारी अन्य वाणिज्यिक संस्थाएं हैं। इनके पास अपनी कोई पार्किगिं नहीं है। उनके वाहन भी सड़क की पटरियों पर ही पार्क होते हैं। यही हाल रेलवे स्टेशन, चित्तू पांडेय चौराहा, विशुनीपुर, शहीद चौक, सिनेमा रोड, पानी टंकी चौराहा सहित शहरी क्षेत्र के सभी इलाकों का है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति जिला अस्पताल रोड की तब होती है, जब दर्द से तड़पते मरीज को ले जा रही एंबुलेंस यहां जाम में फंस जाती है। जगदीशपुर चौराहे के आगे तमाम नर्सिगिं होम और पैथोलॉजी में आने वाले लोगों का वाहन सड़क की पटरियों पर ही पार्क होते हैं, जिससे जब भीड़ बढ़ती है तो जाम लग जाता है।
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व्यवस्था सुधारने के लिए सभी को पहल करनी होगी। इसके लिए निरंतर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है और लोगों से पटरियों पर वाहन पार्क नहीं करने की नसीहत दी जा रही है। सभी को ट्रैफिक सिस्टम का कड़ाई से पालन करना जरूरी है, इसके लिए सभी का सहयोग जरूरी है। - विश्वदीप सिंह, यातायात प्रभारी, बलिया

शहर की पटरियों पर अतिक्रमण करने और पार्किगिं बनाने वालों के खिलाफ शीघ्र ही अतिक्रमणरोधी अभियान चलाया जाएगा। लोग खुद जागरूक हों, तभी जाम से निजात मिल सकेगी। जाम के लिए अस्थायी अतिक्रमण बहुत बड़ा कारण है, जिसे जागरूकता से ही हटाना संभव होगा। - दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद, बलिया
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