फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   If the water of untreated drain is dropped in the Ganges, then the fine will have to be paid

गंगा में बिना शोधित नाले का पानी गिराया तो भरना पड़ेगा जुर्माना

Sat, 25 Sep 2021 10:44 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 10:44 PM IST
विज्ञापन
If the water of untreated drain is dropped in the Ganges, then the fine will have to be paid
बलिया। गंगा समेत अन्य नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए एनजीटी ने शहर से निकलने वाले नालों का पानी बिना ट्रीट किए गंगा में गिराने पर शहर की आबादी के हिसाब से जल निगम और नगर पालिका पर पेनाल्टी लगाने के आदेश दिए हैं। बलिया शहर से निकलने वाले नालों का पानी कटहल नाले के माध्यम से सीधे गंगा नदी में गिरता है। इसके साथ ही पालिका की ओर से शहर से निकले वाले कचरे को भी गंगा के किनारे गिरा दिया जाता है। बरसात के दिनों में यह कचरा भी नदी में समा जाता है। शासन से शिकंजा कटने पर अधूरे एसटीपी का निर्माण जल्द शुरू कराने की कवायद शुरू की गई है।
विज्ञापन

नदियों में दिनोंदिन फैल रहे प्रदूषण को लेकर एनजीटी काफी गंभीर है। जनवरी में एनजीटी की ओर से गंगा नदी में शहर से निकलने वाले गंदे पानी को नालों के जरिए सीधे गिराने के लिए जलनिगम और नगरपालिका को जिम्मेदार माना गया था। गंदा पानी बिना ट्रीट किए सीधे गिराने पर दोनों पर शहर की आबादी के हिसाब से पेनाल्टी लगाने के आदेश जारी किए थे। एनजीटी के सख्त रुख को देखते हुए शासन ने भी नगर पालिका और जलनिगम पर शिकंजा कसा है। इसके लिए शासन से पत्र जारी कर दिया गया है। साफ कहा गया है कि एनजीटी के किसी आदेश का उल्लंघन हुआ तो इसके लिए दोनों विभाग के अधिकारी ही जिम्मेदार होंगे। कहा है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य समय अवधि में पूर्ण न किए जाने के कारण पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए शासन से निर्देश हैं। इसके अंतर्गत प्रत्येक स्थानीय निकाय पर पांच लाख रुपये प्रतिमाह एसटीपी की दर से जुर्माना वसूल किए जाने का प्रावधान किया गया है और एसटीपी संचालन प्रारंभ न करने की दशा में प्रत्येक स्थानीय निकाय पर 10 लाख रुपये प्रति माह का दंड शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। इसलिए इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए। जनपद में छोड़हर में बन रही एसटीपी घोटाले की भेंट चढ़ चुकी है। निर्माण को अधूरा छोड़ दिया गया है। पिछले दिनों जलनिगम की ओर से इसके निर्माण को पूरा करने और कुछ सीवर लाइन के लिए 204 करोड़ का प्रस्ताव नमामि गंगे योजना के तहत शासन को फिर भेजा गया था। इस प्रस्ताव को लेकर जीएम गंगा शनिवार को शासन की मीटिंग में भी शामिल हुए थे।
विज्ञापन

एनजीटी के आदेशों के क्रम में शासन की ओर से पत्र भेजा गया है। एसटीपी के लिए फिर से प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद कार्य फिर से शुरू कराया जाएगा। - अंकुर श्रीवास्तव, एक्सईएन जलनिगम
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed