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किसान आंदोलन का हल नहीं निकला तो बढ़ेगी सरकार की मुश्किल

Mon, 23 Aug 2021 10:23 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 10:23 PM IST
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If the solution of the farmers' movement is not found, then the problem of the government will increase.
नगरा। भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष युगल किशोर मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन का शीघ्र कोई हल नहीं निकालती है तो आने वाले समय में उसकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं। संगठन किसानों को उनकी उत्पादन लागत दिलाने और उपज का लाभदायक मूल्य दिलाने के लिए आठ सितंबर को देशव्यापी आंदोलन करेगा। युगल किशोर अपने आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र के नए कृषि कानूनों में सुधार की जरूरत है। कृषि कानून का किसान विरोध कर रहे हैं। केंद्र सरकार को प्रमुख कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के भुगतान का प्रावधान जोड़ने के लिए एक नया कानून लाना चाहिए। किसानों के उत्पादन लागत को कवर करने के लिए उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए, जो उन्हें मौजूदा प्रणाली में नहीं मिल रहा है। पारिश्रमिक मूल्य उत्पादन लागत और लाभ संगठन की मांग हैं। लाभकारी मूल्य किसानों का अधिकार है, जिसकी सरकार द्वारा सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। सरकार द्वारा आज घोषित एमएसपी लाभकारी मूल्य नहीं है। सरकार को अनुबंध खेती के संबंध में दिशा निर्देश बनाना चाहिए। इसमें फसलों को एमएसपी से कम नहीं खरीदा जाए। कम से कम 23 फसलों के लिए लागू किया जाना चाहिए। कृषि न्यायालय विवादों के निपटारा के लिए होना चाहिए। कृषि क्षेत्र में आने वाले (निजी) व्यापारियों को पंजीकृत होना चाहिए और उन्हें बैंक सुरक्षा देनी चाहिए। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बड़ी कंपनियों को बड़ी छूट दी है, जिससे वे कुछ वस्तुओं को जितना चाहें स्टॉक कर सकते हैं और इसे ठीक करने की जरूरत है। कहा कि गणतंत्र दिवस पर हिंसा के बाद केंद्र के साथ किसानों की बातचीत बंद हो गई। सरकार और किसान संघों ने अब तक 11 दौर की बातचीत की है, नए कानूनों पर गतिरोध को तोड़ने और विरोध को समाप्त करने के लिए आखिरी बातचीत 11 जनवरी को हुई थी।
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