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शहर में घुसते ही घुटने लगता है दम : नीरज शेखर
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बलिया। शहर में पटरियों पर ठेले व खोमचे वालों के कब्जे और वाहन स्टैंड के चलते जाम लगता है। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने सोमवार को एआरटीओ दफ्तर में आयोजित सड़क सुरक्षा सप्ताह में अधिकारियों से कहा कि शहर में घुसते ही दम घुटने लगता है। लोग जाम में घंटों फंसे रहते हैं। इसके लिए जिम्मेदार कौन है ?
उन्होंने कहा कि सड़क के बीचोबीच दुकान लगाने वाले ठेले, खोमचे और फल विक्रेताओं पर कार्रवाई तक नहीं होती जबकि यह सब पुलिस अफसरों के आंख के सामने होता है। दिनोंदिन शहर की स्थिति खराब होती जा रही है। इस पर अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है। चंद लोगों के लिए पूरे शहर को परेशान करना गलत है। पुलिस इस पर ध्यान दें और शहर को अतिक्रमण मुक्त कराए।
पटरियों पर कब्जे के चलते रेलवे स्टेशन से चौक मार्ग की दशा अति दयनीय हो गई है। आधी सड़क तक दोहरी कतार में ठेले खड़े रहते हैं। इससे आम आदमी का चलना दूभर है। चौक से आर्य समाज रोड, चौक से विजय सिनेमा रोड, चौक से लोहा पट्टी, चौक से गुदरी बाजार, चौक से हॉस्पिटल रोड पर भी सैकड़ों ठेले खड़े रहते हैं।
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उन्होंने कहा कि सड़क के बीचोबीच दुकान लगाने वाले ठेले, खोमचे और फल विक्रेताओं पर कार्रवाई तक नहीं होती जबकि यह सब पुलिस अफसरों के आंख के सामने होता है। दिनोंदिन शहर की स्थिति खराब होती जा रही है। इस पर अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है। चंद लोगों के लिए पूरे शहर को परेशान करना गलत है। पुलिस इस पर ध्यान दें और शहर को अतिक्रमण मुक्त कराए।
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पटरियों पर कब्जे के चलते रेलवे स्टेशन से चौक मार्ग की दशा अति दयनीय हो गई है। आधी सड़क तक दोहरी कतार में ठेले खड़े रहते हैं। इससे आम आदमी का चलना दूभर है। चौक से आर्य समाज रोड, चौक से विजय सिनेमा रोड, चौक से लोहा पट्टी, चौक से गुदरी बाजार, चौक से हॉस्पिटल रोड पर भी सैकड़ों ठेले खड़े रहते हैं।
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