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मानवीय आधार पर मांगा न्याय
ब्यूरो/अमर उजाला बलिया
Updated Tue, 15 Sep 2015 11:34 PM IST
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हाईकोर्ट के आदेश पर सहायक शिक्षक पद पर समायोजन रद्द होने से आहत शिक्षामित्रों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके अलावा शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर पर भी धरना प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों के शिक्षण कार्य ठप करने से कई स्कूलों में ताला लटका रहा।
शिक्षामित्रों की नाराजगी देखते हुए कलेक्ट्रेट पर पुलिस फोर्स बुला ली गई। प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्रों ने नगर मजिस्ट्रेट बच्चा लाल मौर्य को प्रधानमंत्री और सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। निर्णय लिया कि 18 को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी घेराव करेंगे।
करीब एक घंटे तक कलेक्ट्रेट पर आयोजित धरना सभा के दौरान शिक्षामित्रों ने पूरे प्रकरण में केंद्र सरकार को दोषी ठहराते हुए प्रदेश सरकार पर भी आनन-फानन में दिलाई गई तैनाती को गलत ठहराया। वक्ताओं ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार उनका समायोजन नहीं करती है, तो वे सरकार के खिलाफ शंखनाद करेंगे।
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इसका असर विधानसभा चुनाव में भी सरकार को देखना पड़ सकता है। ऐसे में प्रदेश और केंद्र सरकार को इस प्रकरण में शांति पूर्वक विचार करने की जरूरत है ताकि बीच का रास्ता निकाला जा सके। समायोजन रद्द होने से क्षुब्ध शिक्षामित्र आत्महत्या तक करने लगे हैं।
कहा कि 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में प्राथमिक शिक्षा गुणात्मक सुधारों के लिए पूरे देश में सर्व शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न नामों से अप्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति की गई थी। इसमें एनटीसी की सहमति मिली थी। जबकि हाईकोर्ट में एनटीसी ने अपना गलत हलफनामा दाखिल किया था।
यह फैसला प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते शिक्षामित्रों पर भारी पड़ रहा है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सरल यादव ने कहा कि हमारे साथ प्रदेश सरकार ने छल किया है। अगर सरकार ने जल्दबाजी में कदम नहीं उठाया होता तो शायद यह स्थिति ही नहीं उत्पन्न होती।
शिक्षा महकमे में शिक्षकों की काफी कमी है, सैकड़ों विद्यालय एकल हैं। फिर भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। हम अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलेंगे। बताया कि 16 सितंबर को बीआरसी कार्यालयों पर बैठक कर प्रकरण पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 18 सितंबर को वाराणसी जाकर मोदी का घेराव किया जाएगा।
बेल्थरारोड संवाददाता के मुताबिक आदर्श शिक्षा मित्र बेलफेयर एसोसिएशन और उप्र शिक्षा मित्र संघ के संयुक्त तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। मंगलवार को ब्लाक संसाधन केंद्र के प्रांगण में शिक्षामित्रों ने एक सभा की। बांह पर काली पट्टी बांधकर नारे लगाए। चेतावनी दी कि समायोजन और शीघ्र बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके प्रमोद सिंह, धीरेंद्र प्रताप आदि मौजूद रहे।
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शिक्षामित्रों की नाराजगी देखते हुए कलेक्ट्रेट पर पुलिस फोर्स बुला ली गई। प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्रों ने नगर मजिस्ट्रेट बच्चा लाल मौर्य को प्रधानमंत्री और सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। निर्णय लिया कि 18 को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी घेराव करेंगे।
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करीब एक घंटे तक कलेक्ट्रेट पर आयोजित धरना सभा के दौरान शिक्षामित्रों ने पूरे प्रकरण में केंद्र सरकार को दोषी ठहराते हुए प्रदेश सरकार पर भी आनन-फानन में दिलाई गई तैनाती को गलत ठहराया। वक्ताओं ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार उनका समायोजन नहीं करती है, तो वे सरकार के खिलाफ शंखनाद करेंगे।
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इसका असर विधानसभा चुनाव में भी सरकार को देखना पड़ सकता है। ऐसे में प्रदेश और केंद्र सरकार को इस प्रकरण में शांति पूर्वक विचार करने की जरूरत है ताकि बीच का रास्ता निकाला जा सके। समायोजन रद्द होने से क्षुब्ध शिक्षामित्र आत्महत्या तक करने लगे हैं।
कहा कि 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में प्राथमिक शिक्षा गुणात्मक सुधारों के लिए पूरे देश में सर्व शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न नामों से अप्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति की गई थी। इसमें एनटीसी की सहमति मिली थी। जबकि हाईकोर्ट में एनटीसी ने अपना गलत हलफनामा दाखिल किया था।
यह फैसला प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते शिक्षामित्रों पर भारी पड़ रहा है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सरल यादव ने कहा कि हमारे साथ प्रदेश सरकार ने छल किया है। अगर सरकार ने जल्दबाजी में कदम नहीं उठाया होता तो शायद यह स्थिति ही नहीं उत्पन्न होती।
शिक्षा महकमे में शिक्षकों की काफी कमी है, सैकड़ों विद्यालय एकल हैं। फिर भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। हम अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलेंगे। बताया कि 16 सितंबर को बीआरसी कार्यालयों पर बैठक कर प्रकरण पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 18 सितंबर को वाराणसी जाकर मोदी का घेराव किया जाएगा।
बेल्थरारोड संवाददाता के मुताबिक आदर्श शिक्षा मित्र बेलफेयर एसोसिएशन और उप्र शिक्षा मित्र संघ के संयुक्त तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। मंगलवार को ब्लाक संसाधन केंद्र के प्रांगण में शिक्षामित्रों ने एक सभा की। बांह पर काली पट्टी बांधकर नारे लगाए। चेतावनी दी कि समायोजन और शीघ्र बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके प्रमोद सिंह, धीरेंद्र प्रताप आदि मौजूद रहे।