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लहरों का कहर : अधूरे स्पर पर दरार पड़नी शुरू
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बलिया/रामगढ़। लाल निशान को पार कर चुकी गंगा के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि का क्रम जारी है। इस बीच चंबल नदी पर बने राजस्थान के धौलपुर बैराज से 50440 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह यमुना नदी के माध्यम से प्रयागराज में गंगा में मिलेगा। इससे गंगा के जलस्तर में और बढ़ाव की आशंका जताते हुए सतर्क किया गया है। बाढ़ की प्रबल स्थिति बनती जा रही है। वहीं, गंगा नदी की बैक रोलिंग धारा का दबाव सीधे 27.200 किमी पर बन रहे अधूरे स्पर पर दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। कभी भी स्पर गंगा की लहरों में बह सकता है। गंगा के गायघाट गेज पर लाल निशान 57.615 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर शुक्रवार की दोपहर 12 बजे 58.40. मीटर दर्ज किया गया है। नदी में प्रति घंटा पांच सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है। गंगा की धारा से एनएच-31 को बचाने के लिए गंगापुर से लेकर चौबे छपरा तक तीन स्पर पर बनाए जा रहे हैं। इन ठोकरों को रिवेटमेंट (सुरक्षा दीवार) के कार्य से जोड़ा गया है। मानक के अनुरूप कार्य न होने के कारण हर जगह यह रिवेटमेंट गंगा की लहरों में बैठता जा रहा है। सोनार टोला के समीप बने आधे अधूरे स्पर पर बीच से ही दरार पड़नी शुरू हो गई है। ये कभी भी गंगा की लहरों में बह सकता है। बाढ़ विभाग के हाथ पांव फूलने शुरू हो गए हैं। बालू की बोरियां और बंबू क्रेट डालकर इन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
आधा दर्जन गांव टापू में तब्दील, सामान समेटने लगे ग्रामीण
रामगढ़। गंगा का जलस्तर अब धीरे-धीरे उच्चतम बाढ़ स्तर की ओर बढ़ने लगा है। इसके कारण बंधे के दक्षिण दिशा में बसे गांव जग छपरा, रुद्रपुर, शुकुल छपरा, बाबू बेल, बादलपुर, सुघर छपरा, गांव पानी से घिरने शुरू हो गए हैं। साथ ही निचले इलाकों में बोई गई खरीफ की फसलें भी डूब गई हैं। इसके कारण किसानों के माथे पर भी अब चिंता की लकीरें उभरनी शुरू हो गई हैं। उधर, गंगा के जलस्तर में बढ़ाव को देखते हुए चौबे छपरा निवासी कटान पीड़ित राजेश यादव, विधवा प्रभावती देवी, रविशंकर गोंड, गोपी पासवान, लालजी पासवान, रामजी पासवान आदि लोग अपने सामानों को सुरक्षित पर ले जाने छोड़ देने में जुट गए।
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