{"_id":"62acbda8b2e12f3b625d3f58","slug":"had-to-be-called-in-the-stadium-without-preparation-ballia-news-vns659434464","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना तैयारी स्टेडियम में बुलाना पड़ा भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना तैयारी स्टेडियम में बुलाना पड़ा भारी
विज्ञापन
नगर के मालगोदाम रोड पर युवाओं से वार्ता करती जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल साथ में अन्य।
- फोटो : BALLIA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार को युवक बवाल करते रहे और पुलिस तमाशबीन बनी रही। इससे खुफिया विभाग की विफलता भी खुलकर सामने आ गई। युवकों ने एक दिन पहले ही सोशल मीडिया पर अपनी मंशा जता दी थी। इसके बावजूद प्रशासन ने युवकों को स्टेडियम बुला लिया। वहां से जो उपद्रव शुरू हुआ उस पर पांच घंटे तक काबू नहीं पाया जा सका। कम फोर्स और तैयारी नहीं होने के कारण पुलिस बेबस रही।
अग्निपथ योजना के विरोध में युवा ने बृहस्पतिवार को ही सोशल मीडिया पर बलिया बंद को लेकर आवाज बुलंद कर दी थी। यही नहीं इस स्टेटस में काफी भड़काउ शब्दों का प्रयोग किया गया था। इसके बाद भी पुलिस और खुफिया विभाग सोता रहा। हालांकि युवाओं के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर शहर की सीमाएं सील करने आदि की तैयारी की बातें प्रशासनिक सूत्रों की ओर से की जा रही थी, लेकिन इसका कोई असर शहर में नहीं दिखाई दिया। सुबह छह बजे पहले ही तीन से पांच सौ की संख्या में युवा शहर में एकत्र हो गए। यहीं नहीं पुलिस-प्रशासन की ओर से सुबह 5.51 बजे सूचना प्रसारित कराई गई कि युवा स्टेडियम में एकत्रित हैं और मीडिया में अपनी बात रखना चाहते हैं। इससे स्पष्ट है कि उन्हें वीर लोरिक स्टेडियम में एकत्रित होने दिया गया। ऐसी स्थिति में यदि पुलिस की तैयारी रहती तो भारी फोर्स उन्हें यहीं रोक सकती थी। यहां से युवा हाथों में लठ और डंडे लिए उग्र हालत में दौड़ते हुए निकले और उपद्रव शुरू किया। एसपी आफिस के पास पहले स्कूल बस तोड़ी और फिर रोडवेज पर सरकारी बस को निशाना बनाया। वहीं से स्टेशन पहुंच अपना तांडव शुरू कर दिया। युवाओं की संख्या के सामने स्टेडियम में फोर्स काफी कम थी, इसलिए उन्हें वहां नहीं रोका गया। रेलवे स्टेशन पर भी फोर्स कम होने और तैयारी न होने के कारण वो उपलब्ध फोर्स के सामने नग्न तांडव करते रहे। बाद में फोर्स तैयारी के साथ पहुंची तब युवाओं को लाठी चार्ज कर और आंसू गैस के गोले दाग खदेड़ना शुरू किया। शुरुआत में पुलिस कहीं भी युवाओं पर सख्ती नहीं दिखा पाई। इससे उपद्रवी अपनी मानमानी करते रहे। स्वयं एसपी राजकरण नय्यर ने भी बयान जारी किया कि युवाओं से संवाद स्थापित कर उन्हें हटाने की कोशिश की जा रही है।
भारत मां के जयकारे और सार्वजनिक संपत्ति निशाना
बलिया। अग्निपथ योजना को लेकर युवा पहले से उग्र विरोध करने को लेकर तैयारी में थे। घटना से संबंधित कई वीडियो भी वायरल हुई है। इसमें युवा डंडों और लठ से लैस नजर आ रहे हैं। पुलिस के सामने भी वो जमकर तोड़फोड़ कर रहे हैं। पुलिस उनके सामने बेबस खड़ी नजर आ रही है। और तो और उपद्रवी भारता मां के जयकारे लगा रहे हैं और सार्वजनिक संपत्ति को जमकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। हालांकि डीएम और एसपी की ओर से बयान जारी किया गया है कि उपद्रवियों को ज्यादा नुकसान करने से रोक दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अग्निपथ योजना के विरोध में युवा ने बृहस्पतिवार को ही सोशल मीडिया पर बलिया बंद को लेकर आवाज बुलंद कर दी थी। यही नहीं इस स्टेटस में काफी भड़काउ शब्दों का प्रयोग किया गया था। इसके बाद भी पुलिस और खुफिया विभाग सोता रहा। हालांकि युवाओं के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर शहर की सीमाएं सील करने आदि की तैयारी की बातें प्रशासनिक सूत्रों की ओर से की जा रही थी, लेकिन इसका कोई असर शहर में नहीं दिखाई दिया। सुबह छह बजे पहले ही तीन से पांच सौ की संख्या में युवा शहर में एकत्र हो गए। यहीं नहीं पुलिस-प्रशासन की ओर से सुबह 5.51 बजे सूचना प्रसारित कराई गई कि युवा स्टेडियम में एकत्रित हैं और मीडिया में अपनी बात रखना चाहते हैं। इससे स्पष्ट है कि उन्हें वीर लोरिक स्टेडियम में एकत्रित होने दिया गया। ऐसी स्थिति में यदि पुलिस की तैयारी रहती तो भारी फोर्स उन्हें यहीं रोक सकती थी। यहां से युवा हाथों में लठ और डंडे लिए उग्र हालत में दौड़ते हुए निकले और उपद्रव शुरू किया। एसपी आफिस के पास पहले स्कूल बस तोड़ी और फिर रोडवेज पर सरकारी बस को निशाना बनाया। वहीं से स्टेशन पहुंच अपना तांडव शुरू कर दिया। युवाओं की संख्या के सामने स्टेडियम में फोर्स काफी कम थी, इसलिए उन्हें वहां नहीं रोका गया। रेलवे स्टेशन पर भी फोर्स कम होने और तैयारी न होने के कारण वो उपलब्ध फोर्स के सामने नग्न तांडव करते रहे। बाद में फोर्स तैयारी के साथ पहुंची तब युवाओं को लाठी चार्ज कर और आंसू गैस के गोले दाग खदेड़ना शुरू किया। शुरुआत में पुलिस कहीं भी युवाओं पर सख्ती नहीं दिखा पाई। इससे उपद्रवी अपनी मानमानी करते रहे। स्वयं एसपी राजकरण नय्यर ने भी बयान जारी किया कि युवाओं से संवाद स्थापित कर उन्हें हटाने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
भारत मां के जयकारे और सार्वजनिक संपत्ति निशाना
बलिया। अग्निपथ योजना को लेकर युवा पहले से उग्र विरोध करने को लेकर तैयारी में थे। घटना से संबंधित कई वीडियो भी वायरल हुई है। इसमें युवा डंडों और लठ से लैस नजर आ रहे हैं। पुलिस के सामने भी वो जमकर तोड़फोड़ कर रहे हैं। पुलिस उनके सामने बेबस खड़ी नजर आ रही है। और तो और उपद्रवी भारता मां के जयकारे लगा रहे हैं और सार्वजनिक संपत्ति को जमकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। हालांकि डीएम और एसपी की ओर से बयान जारी किया गया है कि उपद्रवियों को ज्यादा नुकसान करने से रोक दिया गया है।
विज्ञापन