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डीएम कार्यालय में पत्रकारों का क्रमिक अनशन
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पेपर लीक मामले में गिरफ्तार तीन निर्दोष पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में क?
- फोटो : BALLIA
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बलिया। पेपर लीक मामले में फर्जी तरीके से गिरफ्तार किए गए तीन पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के बैनतर तले पत्रकारों का चल रहा धरना प्रदर्शन सोमवार को क्रमिक अनशन के रूप में जिलाधिकारी परिसर में आरंभ हुआ। जिसमें जिला श्रमिक समन्वय समिति, भाकपा (माले), समाजवादी पार्टी, जिले के व्यापारी संगठन व छात्र संगठन, रसोइया संघ, अधिवक्ता संघ ने क्रमिक अनशन पर स्थल पर पहुंच कर पत्रकारों का समर्थन करते हुए एक स्वर से कंधे से कंधा मिलाकर चलने का एलान किया। कहा कि जब तक जनपद का भ्रष्ट डीएम व एसपी निलंबित नहीं किए जाते है और निर्दोष तीनों पत्रकारा बिना शर्त रिहा नहीं किए जाते है, तब तक हम लोग पत्रकारों के साथ जहां आदेश करेंगे, वहां चलने का काम करेंगे। क्रमिक अनशन पर लखनऊ व मऊ से दर्जनों की संख्या में पत्रकारगण पहुंचकर भ्रष्ट डीएम व एसपी को बर्खास्त करने की मांग की।
क्रमिक अनशन पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिला श्रमिक समन्वय समिति के महामंत्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि सच को उजागर करने वाले निर्दोष तीन पत्रकार भाइयों को बलिया के भ्रष्ट डीएम ने अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया और जेल भेजने का काम किया। जिसकी जितनी भी निंदा की जाय कम है। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन बिना शर्त तीनों निर्दोष पत्रकारों को अविलंब रिहा करें औ भ्रष्ट डीएम व एसपी को बर्खास्त कर उनके विरूद्घ मुकदमा दर्ज कार्रवाई करें। आश्वासन दिया कि जिला श्रमिक समन्वय समिति को जब भी संयुक्त पत्रकार संघर्ष समिति जिस कार्य के लिए आदेशित करेगी, उसमें कंधे से कंधा मिलाकर चलने का काम करेगी और डीएम व एसपी को यहां से हटाकर उम लेगी। इसीक्रम में सपा युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी ने कहा कि पहले नौजवान, व्यापारी, किसान, आमजन की आवाज को दबाया जाता था, लेकिन अब लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को दबाने का काम किया जा रहा है। जिसे कत्तई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। कहा कि मैं बलिया के क्रांतिकारी पत्रकारों को सलाम करता हूं कि वे सच के राह पर चलकर भ्रष्ट डीएम व एसपी के खिलाफ आवाज उठाने का काम किया है। उन्होंने समाजवादी कार्यकर्ताओं व नौजवानों से आह्वान किया आप पूरे प्रदेश में आगे आए और निर्दोष पत्रकार साथियों के रिहाई तथा भ्रष्ट डीएम व एसपी के बर्खास्तगी तक संघर्ष आरम्भ करें। सपा के जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव ने कहा कि पत्रकार साथियों को जहां भी समाजवादी पार्टी की आवश्यकता पड़ेगी वहां सपा का एक-एक कार्यकर्ता व सदस्या कंधे से कंधा मिलाकर चलने का करेगा। माले नेता लक्ष्मण यादव ने कहा कि पत्रकार जब जिला प्रशासन की काली करतुतों की कलई खोलता है तो उसे जेल भेजा जाता है। जब लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तब आमजन का क्या हाल होगा। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने निर्दोष पत्रकार साथियों को अविलंब रिहा करने तथा भ्रष्ट डीएम व एसपी के बर्खास्तगी की मांग की। आश्वासन दिया कि जब भी संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा आह्वान करेगा भाकपा (माले) का एक-एक सदस्य कंधे से कंधे मिलाकर चलने का करेगा। वरिष्ठ पत्रकार मनोज चतुर्वेदी ने कहा कि पत्रकारों के साथ हुए अन्याय का जब तक हम हिसाब -किताब नहीं कर लेंगे तबतक यह आंदोलन शांत होने वाला नहीं है। उन्होंने पत्रकारों की रिहाई और मुकदमा वापस करने के साथ ही जिला अधिकारी व पुलिस कप्तान को निलंबित कर उन्हें यहां से पैदल वापस भेजने की बात कही। इसीक्रम में रजनीकांत सिंह, संयुक्त मंत्री, फेडरेशन आफ आलइंडिया व्यापार मंडल ने कहा कि पेपर लीक मामले में पुलिस महकमा बिना मुकदमा दर्ज किए तीन पत्रकारों को पहले गिरफ्तार करती है और इसके बाद फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने का काम करती है। जबकि वास्तविक अपराधियों को पकड़ने व मुकदमा दर्ज करने में कई दिन लगा देती है। अगर वास्तव में पुलिस ईमानदारी व कर्तव्य निष्ठा के साथ काम करें तो निश्चित ही आमजन को न्याय मिलेगा। लेकिन ऐसा होता नहीं है, लेकिन सच का आइना दिखाने वाले पत्रकारों पर इनकी कानूनी कार्रवाई बहुत तेज हो जाती है। उधर, मनोज राय हंस, आरटीआई कार्यकर्ता/ अधिवक्ता ने कहा कि शासन प्रशासन की गहरी निंद्रा को तोड़ने के लिए मैं चौथे स्तम्भ के पत्रकारों के साथ हूं। जरूरत पड़ी तो पत्रकारों के समर्थन में महिला सेना के साथ बलिया के जेल को भरने का काम करूंगा। इसके साथ ही चौथे स्तम्भ की रक्षा के लिए आमरण अनशन भी करूंगा और कलम की आजादी लेकर रहूंगा। वही मंजय सिंह, जिलाध्यक्ष, पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल, बलिया ने कहा कि शासन प्रशासन द्वारा पत्रकारों की अनैतिक गिरफ्तारी का पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल पुरजोर विरोध करता है और पत्रकारों की तत्काल रिहाई की मांग करता है। इसके साथ ही निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराकर मुख्य सरगना और दोषी अधिकारियों के विरूद्घ कार्रवाई करने की मांग करता है। पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल बलिया के डीएम और एसपी को तत्काल बलिया से वापस भेजने की भी मांग करता है। इस मौके पर करूणा सिंधु सिंह, अनिल अकेला, अखिलानंद तिवारी, मकसूदन सिंह, शशिकांत मिश्रा, श्याम प्रकाश शर्मा, संजय तिवारी, राणा सिंह, अखिलेश यादव, मुकेश मिश्रा, अजय भारती, राजू दुबे, आशीफ जैदी, मुशीर जैदी, अखिलेश सैनी, सन्नी, नवल, रणजीत मिश्रा, सुधीर ओझा, त्रिलोकी राय, मनोज राय, केके सिंह, रामकृष्ण, रघंवुश उपाध्याय, विनय कुमार, राजू गुप्ता, सुशील पांडेय, प्रभुनाथ यादव, नरेंद्र मिश्रा, अजय पांडेय, सनंदन उपाध्याय, विक्की गुप्ता, सुनील, दादा, तिलक, चंदन समेत सैकड़ों पत्रकार, अधिवक्ता, व्यापारी, छात्रनेता आदि मौजूद रहे।
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क्रमिक अनशन पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिला श्रमिक समन्वय समिति के महामंत्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि सच को उजागर करने वाले निर्दोष तीन पत्रकार भाइयों को बलिया के भ्रष्ट डीएम ने अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया और जेल भेजने का काम किया। जिसकी जितनी भी निंदा की जाय कम है। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन बिना शर्त तीनों निर्दोष पत्रकारों को अविलंब रिहा करें औ भ्रष्ट डीएम व एसपी को बर्खास्त कर उनके विरूद्घ मुकदमा दर्ज कार्रवाई करें। आश्वासन दिया कि जिला श्रमिक समन्वय समिति को जब भी संयुक्त पत्रकार संघर्ष समिति जिस कार्य के लिए आदेशित करेगी, उसमें कंधे से कंधा मिलाकर चलने का काम करेगी और डीएम व एसपी को यहां से हटाकर उम लेगी। इसीक्रम में सपा युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी ने कहा कि पहले नौजवान, व्यापारी, किसान, आमजन की आवाज को दबाया जाता था, लेकिन अब लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को दबाने का काम किया जा रहा है। जिसे कत्तई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। कहा कि मैं बलिया के क्रांतिकारी पत्रकारों को सलाम करता हूं कि वे सच के राह पर चलकर भ्रष्ट डीएम व एसपी के खिलाफ आवाज उठाने का काम किया है। उन्होंने समाजवादी कार्यकर्ताओं व नौजवानों से आह्वान किया आप पूरे प्रदेश में आगे आए और निर्दोष पत्रकार साथियों के रिहाई तथा भ्रष्ट डीएम व एसपी के बर्खास्तगी तक संघर्ष आरम्भ करें। सपा के जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव ने कहा कि पत्रकार साथियों को जहां भी समाजवादी पार्टी की आवश्यकता पड़ेगी वहां सपा का एक-एक कार्यकर्ता व सदस्या कंधे से कंधा मिलाकर चलने का करेगा। माले नेता लक्ष्मण यादव ने कहा कि पत्रकार जब जिला प्रशासन की काली करतुतों की कलई खोलता है तो उसे जेल भेजा जाता है। जब लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तब आमजन का क्या हाल होगा। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने निर्दोष पत्रकार साथियों को अविलंब रिहा करने तथा भ्रष्ट डीएम व एसपी के बर्खास्तगी की मांग की। आश्वासन दिया कि जब भी संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा आह्वान करेगा भाकपा (माले) का एक-एक सदस्य कंधे से कंधे मिलाकर चलने का करेगा। वरिष्ठ पत्रकार मनोज चतुर्वेदी ने कहा कि पत्रकारों के साथ हुए अन्याय का जब तक हम हिसाब -किताब नहीं कर लेंगे तबतक यह आंदोलन शांत होने वाला नहीं है। उन्होंने पत्रकारों की रिहाई और मुकदमा वापस करने के साथ ही जिला अधिकारी व पुलिस कप्तान को निलंबित कर उन्हें यहां से पैदल वापस भेजने की बात कही। इसीक्रम में रजनीकांत सिंह, संयुक्त मंत्री, फेडरेशन आफ आलइंडिया व्यापार मंडल ने कहा कि पेपर लीक मामले में पुलिस महकमा बिना मुकदमा दर्ज किए तीन पत्रकारों को पहले गिरफ्तार करती है और इसके बाद फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने का काम करती है। जबकि वास्तविक अपराधियों को पकड़ने व मुकदमा दर्ज करने में कई दिन लगा देती है। अगर वास्तव में पुलिस ईमानदारी व कर्तव्य निष्ठा के साथ काम करें तो निश्चित ही आमजन को न्याय मिलेगा। लेकिन ऐसा होता नहीं है, लेकिन सच का आइना दिखाने वाले पत्रकारों पर इनकी कानूनी कार्रवाई बहुत तेज हो जाती है। उधर, मनोज राय हंस, आरटीआई कार्यकर्ता/ अधिवक्ता ने कहा कि शासन प्रशासन की गहरी निंद्रा को तोड़ने के लिए मैं चौथे स्तम्भ के पत्रकारों के साथ हूं। जरूरत पड़ी तो पत्रकारों के समर्थन में महिला सेना के साथ बलिया के जेल को भरने का काम करूंगा। इसके साथ ही चौथे स्तम्भ की रक्षा के लिए आमरण अनशन भी करूंगा और कलम की आजादी लेकर रहूंगा। वही मंजय सिंह, जिलाध्यक्ष, पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल, बलिया ने कहा कि शासन प्रशासन द्वारा पत्रकारों की अनैतिक गिरफ्तारी का पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल पुरजोर विरोध करता है और पत्रकारों की तत्काल रिहाई की मांग करता है। इसके साथ ही निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराकर मुख्य सरगना और दोषी अधिकारियों के विरूद्घ कार्रवाई करने की मांग करता है। पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल बलिया के डीएम और एसपी को तत्काल बलिया से वापस भेजने की भी मांग करता है। इस मौके पर करूणा सिंधु सिंह, अनिल अकेला, अखिलानंद तिवारी, मकसूदन सिंह, शशिकांत मिश्रा, श्याम प्रकाश शर्मा, संजय तिवारी, राणा सिंह, अखिलेश यादव, मुकेश मिश्रा, अजय भारती, राजू दुबे, आशीफ जैदी, मुशीर जैदी, अखिलेश सैनी, सन्नी, नवल, रणजीत मिश्रा, सुधीर ओझा, त्रिलोकी राय, मनोज राय, केके सिंह, रामकृष्ण, रघंवुश उपाध्याय, विनय कुमार, राजू गुप्ता, सुशील पांडेय, प्रभुनाथ यादव, नरेंद्र मिश्रा, अजय पांडेय, सनंदन उपाध्याय, विक्की गुप्ता, सुनील, दादा, तिलक, चंदन समेत सैकड़ों पत्रकार, अधिवक्ता, व्यापारी, छात्रनेता आदि मौजूद रहे।
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