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Ballia News: शहरी आवासों का होगा जीआईएस सर्वे
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बलिया। अगर सबकुछ ठीक रहा तो नगरपालिका क्षेत्र में आने वाले मकानों का जीआईएस (ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम) सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए नपा प्रशासन की ओर से कवायद तेज कर दी गई है। सर्वे करने के लिए निजी संस्था के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। प्रक्रिया पूरी होते ही कंपनी की ओर से सर्वे का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
शहर क्षेत्र करीब 1.45 लाख की आबादी है और करीब 16400 मकान हैं। टैक्स देने के मामले में अधिकांश गृह स्वामियों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। इसके चलते, शासन के निर्देश पर नपा ने भौगोलिक सर्वे करने का निर्णय लिया है। इसकी जिम्मेदारी निजी संस्था को सौंपी गई है। नगर पालिका के चेयरमैन संत कुमार उर्फ मिठाई लाल के मुताबिक निजी संस्था के लोग डोर टू डोर जाकर सर्वे करेंगे।
सेटेलाइट की मदद भी ली जाएगी। शहर के सभी मकानों का डाटा तैयार किया जाएगा। सभी वार्डों में जाकर टीम संपत्तियों का जीआईएस सर्वे करेगी। बाद में इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। संस्था की ओर से उपलब्ध कराए गए मकानों के डाटा के आधार पर नगर पालिका अपनी टीम से क्रास चेकिंग कराएगा। इसके बाद इन मकान मालिकों पर पालिका हाउस टैक्स के अलावा अन्य टैक्स भी लगाएगा।
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सामने आएगी टैक्स विभाग की असलियत
इस सर्वे के बाद टैक्स विभाग की असलियत भी सामने आएगी। ये भी पता चलेगा कि इन घरों तक नगर पालिका का टैक्स विभाग पहुंचा नहीं या फिर कोई और गोलमाल है। जब लोगों पर टैक्स लगेगा तो ये लोग खुद भी असलियत बताएंगे। नगर पालिका की आय भी बढे़गी।
ये होगा सर्वे में
सर्वे में संस्था की टीम लोगों के घर जाकर जानकारी लेगी। मकान मालिक का नाम, वार्ड संख्या, कालोनी, मोहल्ले का नाम, मकान में कितने कमरे हैं, मकान का साइज आदि जानकारी जुटाई जाएगी। मालिक का आधार कार्ड आदि कागजात भी लिए जाएंगे। मकान की भौगोलिक लोकेशन भी सेटेलाइट से ली जाएगी और उसका फोटो भी होगा। प्रत्येक मकान का डाटा सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा और नगर पालिका को उपलब्ध कराया जाएगा।
जीआईएस सर्वे के अलावा नगर पालिका के डिजिटलीकरण की कवायद अंतिम चरण में है। इससे कर चोरी रुकने के साथ नगर पालिका की आय में बढ़ोत्तरी होगी। साथ नागरिकों कर आदि जमा करने में सहूलियत होगी। - संत कुमार ऊर्फ मिठाई लाल, अध्यक्ष, नपाप, बलिया
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शहर क्षेत्र करीब 1.45 लाख की आबादी है और करीब 16400 मकान हैं। टैक्स देने के मामले में अधिकांश गृह स्वामियों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। इसके चलते, शासन के निर्देश पर नपा ने भौगोलिक सर्वे करने का निर्णय लिया है। इसकी जिम्मेदारी निजी संस्था को सौंपी गई है। नगर पालिका के चेयरमैन संत कुमार उर्फ मिठाई लाल के मुताबिक निजी संस्था के लोग डोर टू डोर जाकर सर्वे करेंगे।
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सेटेलाइट की मदद भी ली जाएगी। शहर के सभी मकानों का डाटा तैयार किया जाएगा। सभी वार्डों में जाकर टीम संपत्तियों का जीआईएस सर्वे करेगी। बाद में इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। संस्था की ओर से उपलब्ध कराए गए मकानों के डाटा के आधार पर नगर पालिका अपनी टीम से क्रास चेकिंग कराएगा। इसके बाद इन मकान मालिकों पर पालिका हाउस टैक्स के अलावा अन्य टैक्स भी लगाएगा।
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सामने आएगी टैक्स विभाग की असलियत
इस सर्वे के बाद टैक्स विभाग की असलियत भी सामने आएगी। ये भी पता चलेगा कि इन घरों तक नगर पालिका का टैक्स विभाग पहुंचा नहीं या फिर कोई और गोलमाल है। जब लोगों पर टैक्स लगेगा तो ये लोग खुद भी असलियत बताएंगे। नगर पालिका की आय भी बढे़गी।
ये होगा सर्वे में
सर्वे में संस्था की टीम लोगों के घर जाकर जानकारी लेगी। मकान मालिक का नाम, वार्ड संख्या, कालोनी, मोहल्ले का नाम, मकान में कितने कमरे हैं, मकान का साइज आदि जानकारी जुटाई जाएगी। मालिक का आधार कार्ड आदि कागजात भी लिए जाएंगे। मकान की भौगोलिक लोकेशन भी सेटेलाइट से ली जाएगी और उसका फोटो भी होगा। प्रत्येक मकान का डाटा सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा और नगर पालिका को उपलब्ध कराया जाएगा।
जीआईएस सर्वे के अलावा नगर पालिका के डिजिटलीकरण की कवायद अंतिम चरण में है। इससे कर चोरी रुकने के साथ नगर पालिका की आय में बढ़ोत्तरी होगी। साथ नागरिकों कर आदि जमा करने में सहूलियत होगी। - संत कुमार ऊर्फ मिठाई लाल, अध्यक्ष, नपाप, बलिया