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Ballia News: फुट ओवरब्रिज की गार्डर लांचिंग आज
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नगर के रेलवे स्टेशन परिसर में फुट ओवरब्रीज के लोहे का गाडर उठाता हाईड्रा।संवाद
बलिया। रेलवे स्टेशन के उत्तरी व दक्षिणी परिसर व चार प्लेटफाॅर्म को जोड़ने वाले 12 मीटर चौड़े फुटब्रिज के निर्माण में तेजी आई है। बुधवार को इंजीनियरों की टीम ने तैयारी का जायजा लिया और ठेकेदार को सुरक्षा के लिए दिशा निर्देश दिए। इंजीनियर बीपी सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को डीआरएम आशीष जैन व मंडल रेल इंजीनियर की मौजूदगी में ब्रिज का गार्डर चढ़ाया जाएगा।
प्लेटफाॅर्म एक, दो तीन व मेन लाइन पर पांच घंटे का ब्लॉक रहेगा। सुबह चार से नौ बजे के बीच तीन पिलरों पर गार्डर लांचिंग होगी। तीन दिन तक लगातार काम होगा। दो दिन के विश्राम के बाद उत्तरी परिसर के प्लेटफाॅर्म संख्या चार के पिलर पर गार्डर लांचिंग होगी। इसकी तैयारी पिछले एक सप्ताह से जोर शोर से चल रही है। गोरखपुर व वाराणसी से बड़ी हाईड्रा आई है। नवंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। ब्रिज निर्माण होने के बाद यात्रियों को सहूलियत होगी।
रेलवे स्टेशन से शहर दो हिस्से के बीच स्थित है। स्टेशन के दक्षिण हिस्से में मुख्य बाजार और उत्तरी क्षेत्र सिविल लाइन में सभी सरकारी कार्यालय व दो बड़े काॅलेज हैं। रोज तीन से चार हजार लोग पुराने फुटब्रिज से पैदल एक तरफ से दूसरी तरफ आते जाते थे। छपरा-वाराणसी के बीच बलिया रेलवे स्टेशन पर वर्ष 1883 में लंदन की कंपनी बीएंड एनडब्लूआर वेस्टवुड बेली एंड कंपनी इंजीनियर्स एंड कंस्ट्रक्शन ने पहला रेल ओवरब्रिज प्लेटफाॅर्म एक पर बनाया था। बाद में इसे दो नंबर से जोड़ा गया। कुछ वर्षों बाद ब्रिटिश हुकूमत के दौरान ही कर्मचारियों व यात्रियों को सर्कुलेटिंग एरिया में आने के लिए दूसरा फुटब्रिज बनाया गया, जो किसी प्लेटफॉर्म से कनेक्ट न कर सर्कुलेटिंग एरिया से उत्तरी परिसर (महुआ मोड़) से जुड़ा था। दोहरीकरण और विद्युतीकरण के दौरान प्लेटफाॅर्म संख्या चार के निर्माण के दौरान दूसरे पुल को तोड़ दिया गया। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए वाराणसी की तर्ज पर अप्रैल 2024 में सात करोड़ रुपये में बनने वाले 12 मीटर चौड़े फुटब्रिज के निर्माण की नींव पड़ी। इस ब्रिज से एक्सलेटर व तीन लिफ्ट भी प्रस्तावित है। स्टेशन अधीक्षक सुनील सिंह ने बताया कि फुटब्रिज की गार्डर लांचिंग नौ अक्तूबर को प्रस्तावित है। कंट्रोल के निर्देश पर ब्लाॅक दिया जाएगा। ट्रेनों को चार नंबर से चलाया जाएगा।
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प्लेटफाॅर्म एक, दो तीन व मेन लाइन पर पांच घंटे का ब्लॉक रहेगा। सुबह चार से नौ बजे के बीच तीन पिलरों पर गार्डर लांचिंग होगी। तीन दिन तक लगातार काम होगा। दो दिन के विश्राम के बाद उत्तरी परिसर के प्लेटफाॅर्म संख्या चार के पिलर पर गार्डर लांचिंग होगी। इसकी तैयारी पिछले एक सप्ताह से जोर शोर से चल रही है। गोरखपुर व वाराणसी से बड़ी हाईड्रा आई है। नवंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। ब्रिज निर्माण होने के बाद यात्रियों को सहूलियत होगी।
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रेलवे स्टेशन से शहर दो हिस्से के बीच स्थित है। स्टेशन के दक्षिण हिस्से में मुख्य बाजार और उत्तरी क्षेत्र सिविल लाइन में सभी सरकारी कार्यालय व दो बड़े काॅलेज हैं। रोज तीन से चार हजार लोग पुराने फुटब्रिज से पैदल एक तरफ से दूसरी तरफ आते जाते थे। छपरा-वाराणसी के बीच बलिया रेलवे स्टेशन पर वर्ष 1883 में लंदन की कंपनी बीएंड एनडब्लूआर वेस्टवुड बेली एंड कंपनी इंजीनियर्स एंड कंस्ट्रक्शन ने पहला रेल ओवरब्रिज प्लेटफाॅर्म एक पर बनाया था। बाद में इसे दो नंबर से जोड़ा गया। कुछ वर्षों बाद ब्रिटिश हुकूमत के दौरान ही कर्मचारियों व यात्रियों को सर्कुलेटिंग एरिया में आने के लिए दूसरा फुटब्रिज बनाया गया, जो किसी प्लेटफॉर्म से कनेक्ट न कर सर्कुलेटिंग एरिया से उत्तरी परिसर (महुआ मोड़) से जुड़ा था। दोहरीकरण और विद्युतीकरण के दौरान प्लेटफाॅर्म संख्या चार के निर्माण के दौरान दूसरे पुल को तोड़ दिया गया। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए वाराणसी की तर्ज पर अप्रैल 2024 में सात करोड़ रुपये में बनने वाले 12 मीटर चौड़े फुटब्रिज के निर्माण की नींव पड़ी। इस ब्रिज से एक्सलेटर व तीन लिफ्ट भी प्रस्तावित है। स्टेशन अधीक्षक सुनील सिंह ने बताया कि फुटब्रिज की गार्डर लांचिंग नौ अक्तूबर को प्रस्तावित है। कंट्रोल के निर्देश पर ब्लाॅक दिया जाएगा। ट्रेनों को चार नंबर से चलाया जाएगा।
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