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गंगा के जलस्तर ने पार किया चेतावनी बिंदु, अब लाल निशान छूने को बेताब
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रामगढ़। गंगा की लहरें चेतावनी बिंदु 56.615 को गुरुवार की सुबह पार कर गई और लाल निशान छूने को बेताब हो गई है। गंगा के जलस्तर में इसी तरह बढ़ाव बना रहा तो जल्द ही गंगा की लहरें खतरा बिंदु 57.615 को भी पार कर जाएगी। फिलहाल गंगा की लहरें लाल निशान से करीब एक मीटर नीचे बह रही है। गंगा के जलस्तर में अनवरत वृद्धि के कारण और शेष बचे सुघर छपरा बस्ती के समीप अल्फा कटान जारी है जिसके चलते गंगा के मुहाने पर बसे लोग अपने सामानों को सुरक्षित ठौर देने में जुट गए है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर गुरुवार की सुबह 8 बजे 56.640 मीटर दर्ज की गई साथ ही प्रति घंटा एक सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है।
बता दें कि गुरुवार की सुबह गंगापुर और शेष बचे चौबे छपरा बस्ती के सभी गंगा की लहरें अल्फा कटान करती नजर आई। अल्फा कटान की जद में आने से पार्कापाइन विधि से खड़ा किया गया सीमेंट का खंभा भी गंगा की लहरों में बह गया। उसके बाद गंगा की लहरों ने सुधा यादव के घर को ठोकर मारना शुरू कर दिया जिससे पूरे बस्ती में अफरा तफरी मच गई।
लखन देव सिंह, सुखराम गुप्ता, निर्मल खरवार, शिवजी शर्मा, लक्ष्मण ओझा, ट्विंकल गोंड, रामानंद तिवारी आदि लोग अपने सामानों को घरों से निकालकर अपने रिश्तेदारों व सुरक्षित स्थानों पर ले जाना शुरू कर दिए हैं। पीडि़तों का कहना है कि इस बार भी बाढ़ विभाग जो बाढ़ कटान रोकने के नाम पर काम किया है वह केवल खानापूर्ति के लिए है। जहां जहां पर भी काम कराया गया है वहां पर हल्की सी बाढ़ में ही कटान तेज हो गया है। जिसके चलते हम पीडि़तों का अब बाढ़ विभाग के कार्यों पर से भरोसा उठ गया है।
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बता दें कि गुरुवार की सुबह गंगापुर और शेष बचे चौबे छपरा बस्ती के सभी गंगा की लहरें अल्फा कटान करती नजर आई। अल्फा कटान की जद में आने से पार्कापाइन विधि से खड़ा किया गया सीमेंट का खंभा भी गंगा की लहरों में बह गया। उसके बाद गंगा की लहरों ने सुधा यादव के घर को ठोकर मारना शुरू कर दिया जिससे पूरे बस्ती में अफरा तफरी मच गई।
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लखन देव सिंह, सुखराम गुप्ता, निर्मल खरवार, शिवजी शर्मा, लक्ष्मण ओझा, ट्विंकल गोंड, रामानंद तिवारी आदि लोग अपने सामानों को घरों से निकालकर अपने रिश्तेदारों व सुरक्षित स्थानों पर ले जाना शुरू कर दिए हैं। पीडि़तों का कहना है कि इस बार भी बाढ़ विभाग जो बाढ़ कटान रोकने के नाम पर काम किया है वह केवल खानापूर्ति के लिए है। जहां जहां पर भी काम कराया गया है वहां पर हल्की सी बाढ़ में ही कटान तेज हो गया है। जिसके चलते हम पीडि़तों का अब बाढ़ विभाग के कार्यों पर से भरोसा उठ गया है।
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