रामगढ़/मझौंवा। गंगा की उतरतीं लहरें भी खूंखार रुख अपनाए हुए हैं। लगातार तीन दिनों से चौबे छपरा के सामने बने स्पर संख्या 27.500 पर गंगा अपना कहर बरपा रही है। बाढ़ विभाग द्वारा गंगा के बैकरोलिंग धारा को रोकने के लिए तीन दिन से प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है।
गायघाट गेज पर शुक्रवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 59.200 मीटर रिकार्ड किया गया। चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटाव हो रहा है। फिर भी गंगा खतरे के निशान से 57.615 से लगभग डेढ़ मीटर ऊपर है। कटान भी जारी है। ठोकर का बचाव कर रहे मजदूरों ने बताया कि लगातार तीन दिनों से सुबह छह बजे से रात के 12 बजे तक लोहे के जाली में बोल्डर भरकर गंगा की धारा में डाल रहे हैं, लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चल रहा है। कटान पीड़ित दीनानाथ तिवारी, राजकुमार चौबे, नागेन्द्र सिंह, शिवजी सिंह, पंकज तिवारी आदि लोगों का कहना है कि यह केवल लूटखसोट करने का एक बड़ा माध्यम है। हर साल बाढ़ विभाग बंबूक्रेट विधि से गंगा नदी के कटान को रोकने के लिए प्रयोग करता हैं, लेकिन इस विधि से सफलता नहीं मिल पाती है। शुक्रवार की सुबह अचानक गंगा की उतरती लहरें 20 बीघा से अधिक उपजाऊ भूमि अपने आगोश में ले लिया।