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Ballia News: 57.615 मीटर से ऊपर पहुंचीं गंगा

Fri, 09 Aug 2024 04:07 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2024 04:07 AM IST
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Ganga reached above 57.615 meters
रामगढ़/मझौंवा। गंगा नदी बृहस्पतिवार की सुबह खतरे के निशान 57.615 मीटर को पार कर गई। इससे पूरे क्षेत्र में खलबली है। गंगा के जलस्तर में प्रति घंटे छह सेमी की दर से बढ़ाव बना हुआ है। तटवर्ती और शहर के निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। पानी कटहल नाले के रास्ते ताल में जाना शुरू हो गया है। इससे तटवर्ती इलाकों में खलबली, कटान और पलायन का डर सताने लगा है।
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बृहस्पतिवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर गायघाट में 58.42 मीटर दर्ज किया गया। खतरे के निशान 57.615 मीटर है। उच्चतम बाढ़ बिंदु 60.390 मीटर है जो 2016 में रिकार्ड किया गया था। मीडियम फ्लड लेबल 58. मीटर है। गंगा का पानी बढ़ने से तटवर्ती खेतों में पानी आ गया है। पानी ने अब बस्तियों की ओर रुख कर लिया है। शहर के पास महावीर घाट इलाके में गंगा का पानी आना शुरू हो गया है। हालांकि अभी कहीं आवागमन बाधित होने जैसी समस्या नहीं शुरू हुई है। लेकिन जलस्तर में बढ़ाव की यही स्थिति रही थी तो पानी भरने के बाद आवागमन के लिए नाव ही सहारा रह जाएंगी। इसके साथ ही लोगों को अपने घरों को छोड़ शरणालय आना पड़ जाएगा। उधर, गंगा के किनारे गांवों में बसे लोगों में खलबली की स्थिति है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटानरोधी कार्यों में मानक की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। यदि बाढ़ आई तो ग्रामीणों को काफी नुकसान झेलने पड़ेगा। हर साल बाढ़ व कटान की रोकथाम के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। इस बार भी करीब रामगढ़ से लेकर दूबेछपरा तक 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए है। फिर भी लोगों में भय का माहौल है। गंगा धीरे-धीरे मीडियम फ्लड लेवल की ओर बढ़ रही है। किसानों के परवल की फसल डूब गई है। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बताया कि अगले 10 से 15 दिनों तक जलस्तर बढ़ने का अनुमान है। इसको देखते हुए बाढ़ की प्रबल स्थिति बनती जा रही है।
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कटानरोधी कार्यों की होगी परीक्षा : बढ़ते जलस्तर के कारण नदी की बैक रोलिंग धारा का दबाव बलिया-बैरिया मार्ग के किलोमीटर 27.990 पर बने अधूरे स्पर पर पड़ रहा है। इससे स्पर में दरार पड़ गई है। पचरुखिया व हुकूमछपरा के मध्य बने ठोकर पर भी दबाव बढ़ने लगा है। बाढ़ खंड बंबू क्रेट व पार्कोपाइन विधि के सहारे इसे रोकने का प्रयास कर रहा है। एनएच-31 को बचाने के लिए गंगापुर से लेकर सुघर छपरा तक तीन स्पर पर बनाए गए हैं। इन ठोकरों को रिवेटमेंट के कार्य से भी जोड़ा गया है। पचरुखिया, मझौवां, धर्मपुरा, शुक्ल छपरा, बेलहरी, रुद्रपुर, गायघाट तक के एक हजार एकड़ में फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं।
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बलिहार संपर्क मार्ग पर आवागमन बाधित : रामगढ़। जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुंचने के लिए पाइप लाइन बिछाई जा रही है। इसमें जमकर मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ठेकेदारों ने रामगढ़ से लेकर बलिहार पाइप बिछाने के लिए गड्ढे खोदकर पाइप को डाल दिया। न तो मिट्टी ही बिछाई नहीं संपर्क मार्ग को दुरुस्त किया गया। भारी बारिश के चलते बाइक, चार पहिया वाहन तो दूर पैदल चलना भी अब दूभर हो गया है। 25000 की आबादी का आवागमन पूर्ण रूप से बाधित हो चुका है। एक किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए करीब 10 किलोमीटर की परिक्रमा करनी पड़ रही है।
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