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गंगा लाल निशान के नजदीक
ब्यूरो / अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Mon, 18 Jul 2016 12:14 AM IST
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गंगा में बाढ
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इन दिनों गंगा का जल स्तर तेजी से बढ रहा है, जिसको लेकर तटवर्ती गांव के लोगों में भय व्याप्त है, उन्हें भय सता रहा है कि कहीं गंगा का यही रफ्तार रही तो उनका सब कुछ छिन सकता है। रामगढ़ इलाके में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी है, जिसके चलते गंगा के मुहांने पर बसे लाला बगीचा, चौबे छपरा, श्रीनगर के लोग अपने सामानों को सुरक्षित ठौर देने में जुटे हुए हैं।
केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, रविवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 57.40 मीटर दर्ज किया गया जो लाल निशान से मात्र 21 सेमी ही दूर है। साथ ही प्रतिघंटा 1/4 सेमी का बढ़ाव बना हुआ है। बाढ़ की मंद रफ्तार से गंगा के किनारे के गांवों में रहने वालों ने थोड़ी राहत की सांस जरूर ली है।
हालांकि गंगा के रुख को देखते हुए लोग सजग जरूर हैं क्योंकि पहाड़ों पर हो रही बारिश से लोग चिंतित हैं। यही कारण है कि चौबे छपरा के लोगों ने अपने घरों को तोड़कर एनएच-31 की तरफ रूख कर लिया है, लेकिन लगातार बारिश के चलते पीड़ितों के सामान ढोने के लिए ट्रैक्टर व अन्य साधन दरवाजे तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिसके उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि इनके यहां आने-जाने का संपर्क मार्ग भी गड्ढों में तब्दील होकर जलभराव हो गया है।
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केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, रविवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 57.40 मीटर दर्ज किया गया जो लाल निशान से मात्र 21 सेमी ही दूर है। साथ ही प्रतिघंटा 1/4 सेमी का बढ़ाव बना हुआ है। बाढ़ की मंद रफ्तार से गंगा के किनारे के गांवों में रहने वालों ने थोड़ी राहत की सांस जरूर ली है।
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हालांकि गंगा के रुख को देखते हुए लोग सजग जरूर हैं क्योंकि पहाड़ों पर हो रही बारिश से लोग चिंतित हैं। यही कारण है कि चौबे छपरा के लोगों ने अपने घरों को तोड़कर एनएच-31 की तरफ रूख कर लिया है, लेकिन लगातार बारिश के चलते पीड़ितों के सामान ढोने के लिए ट्रैक्टर व अन्य साधन दरवाजे तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिसके उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि इनके यहां आने-जाने का संपर्क मार्ग भी गड्ढों में तब्दील होकर जलभराव हो गया है।
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